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भाई ने ही की थी सुपारी देकर रवि की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Thu, 17 Sep 2015 12:52 AM IST
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बड़ौत (बागपत) में दिल्ली के वैगेनआर कार चालक रवि कुमार की हत्या उसी के बड़े भाई ने दो लाख रुपये की सुपारी देकर कराई थी। पुलिस ने बुधवार की शाम इस हत्या का खुलासा करते हुए आरोपी बड़े भाई और एक महिला समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया, तीन लोग फरार है। सभी आरोपी दिल्ली के ही रहने वाले हैं।
पकड़े गए हत्यारोपियों में परमवीर, सोमवीर, विनोद, अजीत उर्फ जीतू, ज्योति, अश्वनी कुमार, विनीत शामिल हैं। सीओ सीपी सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 16 अगस्त 2015 में वैगेनआर चालक रवि कुमार पुत्र चुन्नी निवासी हरिनगर आश्रम दिल्ली घायल अवस्था में मलकपुर गांव के जंगल में मिला था।
पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसकी मौत हो गई थी। उसकी वैगेनआर कार गायब थी। सर्विलांस टीम के इंचार्ज सतीश चंद शर्मा और थानाध्यक्ष रामजीलाल की टीम इस मामले का खुलासा करने में जुटी थी। सीओ ने बताया कि जिस मोबाइल नंबर से वैगेनआर कार बुक कराई थी, वह भी फर्जी आईडी पर लिया गया था। सर्विलांस के जरिए ही इस मामले का खुलासा हुआ है।
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हत्यारोपियों ने पूछताछ में बताया कि रवि कुमार का बड़े भाई अश्वनी कुमार से प्रापर्टी का विवाद चल रहा था और यह मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। अश्वनी ने अपने ही पड़ोसी पृथ्वी से उसे ठिकाने लगाने की बात की तो उसने सुनील निवासी औचंदी बवाना दिल्ली से उसकी बात कराई।
सुनील ने दो लाख रुपये मांगे, जिस पर 20 हजार रुपये उसे पेशगी में दे दिए गए। सुनील ने अपने ग्रुप के साथ मिलकर 16 अगस्त को अजीत उर्फ जीतू ने रवि को मोबाइल फोन करके किराये पर उसकी वैगेनआर मंगा ली। वैगेनार में वह और ज्योति पति-पत्नी के रूप में बैठ गए, जबकि अन्य सदस्य दूसरी गाड़ी में उनके पीछे चल दिए। मलकपुर गांव में मिल के पीछे ले जाकर सभी ने रवि को डंडे आदि से पीट-पीट कर अधमरा दिया।
उसे वहीं फेंक उसकी वैगेनार कार भी ले गए। बाद में कार को लॉक कर पूर्वी यमन नहर पर छोड़ गए थे। सीओ ने बताया कि हत्यारोपियों ने जिस डंडे से रवि की पिटाई की थी, वह भी बरामद कर लिया है। इस हत्या में अभी सुनील, दीपक दिल्ली और इरफान निवासी बड़ौत फरार है। उन्हें पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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पकड़े गए हत्यारोपियों में परमवीर, सोमवीर, विनोद, अजीत उर्फ जीतू, ज्योति, अश्वनी कुमार, विनीत शामिल हैं। सीओ सीपी सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 16 अगस्त 2015 में वैगेनआर चालक रवि कुमार पुत्र चुन्नी निवासी हरिनगर आश्रम दिल्ली घायल अवस्था में मलकपुर गांव के जंगल में मिला था।
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पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसकी मौत हो गई थी। उसकी वैगेनआर कार गायब थी। सर्विलांस टीम के इंचार्ज सतीश चंद शर्मा और थानाध्यक्ष रामजीलाल की टीम इस मामले का खुलासा करने में जुटी थी। सीओ ने बताया कि जिस मोबाइल नंबर से वैगेनआर कार बुक कराई थी, वह भी फर्जी आईडी पर लिया गया था। सर्विलांस के जरिए ही इस मामले का खुलासा हुआ है।
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हत्यारोपियों ने पूछताछ में बताया कि रवि कुमार का बड़े भाई अश्वनी कुमार से प्रापर्टी का विवाद चल रहा था और यह मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। अश्वनी ने अपने ही पड़ोसी पृथ्वी से उसे ठिकाने लगाने की बात की तो उसने सुनील निवासी औचंदी बवाना दिल्ली से उसकी बात कराई।
सुनील ने दो लाख रुपये मांगे, जिस पर 20 हजार रुपये उसे पेशगी में दे दिए गए। सुनील ने अपने ग्रुप के साथ मिलकर 16 अगस्त को अजीत उर्फ जीतू ने रवि को मोबाइल फोन करके किराये पर उसकी वैगेनआर मंगा ली। वैगेनार में वह और ज्योति पति-पत्नी के रूप में बैठ गए, जबकि अन्य सदस्य दूसरी गाड़ी में उनके पीछे चल दिए। मलकपुर गांव में मिल के पीछे ले जाकर सभी ने रवि को डंडे आदि से पीट-पीट कर अधमरा दिया।
उसे वहीं फेंक उसकी वैगेनार कार भी ले गए। बाद में कार को लॉक कर पूर्वी यमन नहर पर छोड़ गए थे। सीओ ने बताया कि हत्यारोपियों ने जिस डंडे से रवि की पिटाई की थी, वह भी बरामद कर लिया है। इस हत्या में अभी सुनील, दीपक दिल्ली और इरफान निवासी बड़ौत फरार है। उन्हें पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।