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दत्तनगर में बारूद से खेल रहे बच्चे

Mon, 09 Oct 2017 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Mon, 09 Oct 2017 12:49 AM IST
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Children playing dynamite in Dattanagar
दत्तनगर में पटाखे बनाता बालक। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बालैनी थाना क्षेत्र का दत्तनगर गांव बारूद के ढेर पर बैठा है। दीवाली से पहले यहां अधिकांश घरों में पटाखे बनाने का काम शुरू हो चुका है। इसके चलते घर के कोने पटाखों से भरे हैं। तमाम नियम को ताक पर रखकर बच्चों को पटाखे बनाने के काम में लगा दिया गया है। पटाखे खरीदने के लिए आसपास के जिलों के अलावा हरियाणा और दिल्ली से भी दुकानदार गांव में पहुंचते हैं। 
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दत्तनगर गांव में बड़ी तादाद में पटाखों का निर्माण किया जाता है। यहां के स्पेशल बम की दूर तक धूम रहती है। वर्तमान समय में गांव में पटाखा निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। गांव के एक बड़े हिस्से के घर-घर में पटाखे बन रहे हैं। महिलाओं और बच्चों को बड़ी संख्या में पटाखा निर्माण में लगा दिया गया है। नियम और सुरक्षा के पैमाने ताक पर रख दिए गए हैं। घरों की शक्ल फैक्ट्री जैसी दिखती है। 
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कई पटाखा विक्रेता ऐसे हैं, जिन्होंने खाली प्लाट  को ही फैक्ट्री बना दिया है। यहां बच्चों को काम पर लगाकर निर्माण कराया जा रहा है। बाहर से गांव में खरीददार पहुंचने लगे हैं। खेतों के पास  दुकानें सजनी शुरू हो गई है। हैरानी इस बात की है कि पुलिस और प्रशासन अधिकारी पूरे मामले में चुप्पी साधे हैं। 
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दत्तनगर गांव में बनने वाले पटाखों की अधिकतर सप्लाई दिल्ली और हरियाणा में होती है। रोजाना यहां दुकानदार अपना वाहन लेकर पहुंचते हैं और पटाखों की पैकिंग कराकर ले जाते हैं। देहात में फिर इन्हें अपने हिसाब से दाम लगाकर बेचा जाता है। इसी तरह मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद तक के लोग भी दत्तनगर गांव में पटाखे खरीदने के लिए पहुंचने शुरू हो गए हैं। 

सुरक्षा के नहीं है कोई इंतजाम 
बागपत। गांव में अधिकांश घरों में पटाखे बनाए जा रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। यदि बारूद या पटाखों में आग लग जाए तो बुझाने के लिए अधिकतर जगह रेत और पानी तक की व्यवस्था नजर नहीं आती है।  

कोई मानक नहीं, मर्जी से भर रहे बारूद 
बागपत। पटाखा निर्माण में लगे बच्चों को किस पटाखे में कितना बारूद भरना है, इसकी जानकारी तक नहीं है। बच्चे कहते हैं कि वह अपनी  मर्जी से भर देते हैं, बस उन्हें जल्द  से जल्द निर्माण काम खत्म करके देना होता है।  

सिर्फ 25 की अनुमति, नवीनीकरण नहीं 

बागपत। दमकल विभाग के सीओ एके सिंह कहते हैं कि जिले में सिर्फ 25 लोगों के पास पटाखा निर्माण की अनुमति है। इसमें से 14 लोग बड़ौत क्षेत्र हैं, बाकी बागपत और खेकड़ा तहसील के हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा निर्माण पर रोक लगा दी थी। त्योहार के मद्देनजर निर्माण के लिए नवीनीकरण जिले में अभी किसी का नहीं किया गया है। अनुमति की शर्त भी यह है कि पिछले सालों की अपेक्षा इस बार सिर्फ 50 फीसदी पटाखों का निर्माण ही कर सकेंगे।  


क्या कहते है अधिकारी
एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव ने कहा दीपावली पर पटाखा निर्माण की अनुमति अभी नहीं दी  गई है। इसमें कई शर्तें है। दत्तनगर गांव में निर्माण और बिक्री की जांच कराई जाएगी। 
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