मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर ठगी
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बड़ौत निवासी संजीव ने बताया कि करीब एक माह पहले कॉलोनी मेें कुछ छोटे-छोटे बच्चे हाथों में पर्चा लेकर घूम रहे थे। पर्चों पर हेल्प नंबर अंकित था। साथ ही आह्वान किया गया था कि जो लोग अपनी जमीन मेें टॉवर लगवाना चाहते हैं और मोटी तनख्वाह पर काम करना चाहते हैं, वह उक्त मोबाइल नंबर पर संपर्क करें। झांसे में आए संजीव व उसके वाजिदपुर गांव निवासी साथी नरेंद्र और प्रवीण ने उक्त नंबर पर संपर्क किया तो अज्ञात व्यक्ति ने बैंक का खाता नंबर देकर कहा कि पहले 550 रुपये जमा कर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
कुछ दिन बाद फिर कॉल आई और कमीशन के नाम पर 30 हजार रुपये प्रति व्यक्ति जमा करने को कहा गया। तब संजीव ने आठ हजार, नरेंद्र ने पांच हजार और प्रवीण ने दस हजार रुपये जमा कराए। बावजूद इसके टॉवर लगाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो पीड़ितों का माथा ठनका। इसके बाद उस मोबाइल नंबर पर संपर्क नहीं हो सका। पीड़ितों ने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की। कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार का कहना था कि इस प्रकार की फर्जी कंपनियां लोगों को ठगने का काम करती है, उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे इस प्रकार किसी के झांसे में न आएं।