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अवैैध वसूली पर चौकी इंचार्ज समेत सात पुलिसकर्मी सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Mar 2017 11:54 PM IST
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बागपत। पुलिस की शह पर जिला पंचायत के चेकपोस्ट की आड़ में हरियाणा बार्डर की निवाड़ा चौकी से गुजरने वाले वाहनों से अवैध वसूली के खेल का खुलासा हुआ है। डीआईजी मेरठ की टीम ने छापेमारी कर चेकपोस्ट पर अवैध वसूली करते पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। लापरवाही पर एसपी अजय शंकर राय ने निवाड़ा चौकी इंचार्ज समेत सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर मामले की जांच शुरू करा दी है।
यमुना पुल के दोनों ओर जिला पंचायत ने पशु, बालू और घास फूंस के ठेके छोड़े हुए हैं। यहां ठेकेदार चेक पोस्ट बनाकर निर्धारित शुल्क वसूलते हैं। डीआईजी केएस इमैनुअल को शिकायत मिली थी कि जिला पंचायत के ठेके की आड़ में पशु वाहनों के अलावा अन्य वाहनों से अवैध वसूली की जा रही है।
डीआईजी ने टीम गठित की। सीओ क्राइम श्वेताभ पांडेय के नेतृत्व में टीम ने चेक पोस्ट पर छापेमारी की तो जिला पंचायत के चेकपोस्ट पर अवैध वसूली के खेल का भंडा फूट गया। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों से निर्धारित से अधिक रुपये वसूले जा रहे थे। छापे में पकड़े गए लोगों में शामली के टपराना निवासी दिलशेर पुत्र अनवर व शकील पुत्र शाबिर, फैजुल्लापुर निवासी नरेंद्र पुत्र बाल मुकुंद, निवाड़ा निवासी संदीप पुत्र ऋषिपाल, हरियाणा के जींद के सैथली निवासी अनिल पुत्र वसाऊराम शामिल हैं। उसके पास से 40 हजार 30 रुपये बरामद हुए है।
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सरूरपुर चौकी इंचार्ज योगराज सिंह ने यहां से पकड़े गए पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उधर, एसपी अजय शंकर राय ने बताया कि अवैध वसूली की शिकायत पर निवाड़ा चौकी पर सीओ श्वेताभ पांडेय ने औचक निरीक्षण किया। चौकी इंचार्ज रजनीश कुमार, कांस्टेबल सलेख चंद, कांस्टेबल अरुण कुमार, उपेंद्र सिंह, जर्रार हुसैन, कांस्टेबल प्रशांत कुमार, अवनीश कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है।
खाने की टिफिन से निकला डोडा
बागपत। निवाड़ा चेकपोस्ट से पुलिस हिरासत में लिए गए हरियाणा के जींद के सैथली निवासी अनिल को बागपत कोतवाली में खाना देने पहुंचे दो युवकों की चेकिंग की गई। पुलिस ने अनिल को दिए गए टिफिन से डोडा बरामद किया। पुलिस इस मामले में दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
पांच हजार तक अवैध वसूली
जिला पंचायत के रशीद के नाम पर यहां निर्धारित से अधिक रुपये वसूले जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि लोगों से एक सौ रुपये से पांच हजार रुपये तक अधिक लिए जाने का मामला सामने आया है। इसी तरह की शिकायतें भी की गई थी।
20 दिन पहले की गई थी मारपीट
जिला पंचायत की चेक पोस्ट पर अवैध वसूली का विरोध करने पर ट्रक चालक को 20 दिन पहले पीट दिया गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था। तब किसी तरह यह मामला शांत कराया गया था।
एक चेक पोस्ट कराया था बंद
लगातार मिल रही शिकायत पर सीओ श्वेताभ पांडेय ने जिला पंचायत के एक ठेके की चौकी यहां से बंद करा दी थी। इसके बाद दूसरे चेकपोस्ट पर अवैध वसूली का खेल शुरू हो गया।
अवैध वसूली में बदनाम निवाड़ा चौकी
यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर स्थित जनपद की निवाड़ा चौकी सबसे ज्यादा बदनाम रही है। अवैध वसूली की चौकी के पूरे स्टाफ पर कार्रवाई हो चुकी है। उसके बाद भी पुलिसवाले सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। करीब डेढ़ साल पहले भी अवैध वसूली पर तत्कालीन एसपी जेके शाही ने भी पूरी चौकी को सस्पेंड कर दिया था।
दिलशाद निवाड़ा का नाम सामने आया
पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें जिला पंचायत के चेकपोस्ट पर दिलशाद निवाड़ा ने छोड़ा था। उसी के निर्देश में वह यहां काम कर रहे थे। उधर, अपर मुख्य अधिकारी प्रदीप सक्सेना का कहना है कि जिला पंचायत ने टेंडर छोडे़ हुए हैं। किस जगह कितना शुल्क वसूला गया, उन्हें जानकारी नहीं है। वह इस मामले की जांच कराएंगे।
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यमुना पुल के दोनों ओर जिला पंचायत ने पशु, बालू और घास फूंस के ठेके छोड़े हुए हैं। यहां ठेकेदार चेक पोस्ट बनाकर निर्धारित शुल्क वसूलते हैं। डीआईजी केएस इमैनुअल को शिकायत मिली थी कि जिला पंचायत के ठेके की आड़ में पशु वाहनों के अलावा अन्य वाहनों से अवैध वसूली की जा रही है।
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डीआईजी ने टीम गठित की। सीओ क्राइम श्वेताभ पांडेय के नेतृत्व में टीम ने चेक पोस्ट पर छापेमारी की तो जिला पंचायत के चेकपोस्ट पर अवैध वसूली के खेल का भंडा फूट गया। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों से निर्धारित से अधिक रुपये वसूले जा रहे थे। छापे में पकड़े गए लोगों में शामली के टपराना निवासी दिलशेर पुत्र अनवर व शकील पुत्र शाबिर, फैजुल्लापुर निवासी नरेंद्र पुत्र बाल मुकुंद, निवाड़ा निवासी संदीप पुत्र ऋषिपाल, हरियाणा के जींद के सैथली निवासी अनिल पुत्र वसाऊराम शामिल हैं। उसके पास से 40 हजार 30 रुपये बरामद हुए है।
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सरूरपुर चौकी इंचार्ज योगराज सिंह ने यहां से पकड़े गए पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उधर, एसपी अजय शंकर राय ने बताया कि अवैध वसूली की शिकायत पर निवाड़ा चौकी पर सीओ श्वेताभ पांडेय ने औचक निरीक्षण किया। चौकी इंचार्ज रजनीश कुमार, कांस्टेबल सलेख चंद, कांस्टेबल अरुण कुमार, उपेंद्र सिंह, जर्रार हुसैन, कांस्टेबल प्रशांत कुमार, अवनीश कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है।
खाने की टिफिन से निकला डोडा
बागपत। निवाड़ा चेकपोस्ट से पुलिस हिरासत में लिए गए हरियाणा के जींद के सैथली निवासी अनिल को बागपत कोतवाली में खाना देने पहुंचे दो युवकों की चेकिंग की गई। पुलिस ने अनिल को दिए गए टिफिन से डोडा बरामद किया। पुलिस इस मामले में दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
पांच हजार तक अवैध वसूली
जिला पंचायत के रशीद के नाम पर यहां निर्धारित से अधिक रुपये वसूले जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि लोगों से एक सौ रुपये से पांच हजार रुपये तक अधिक लिए जाने का मामला सामने आया है। इसी तरह की शिकायतें भी की गई थी।
20 दिन पहले की गई थी मारपीट
जिला पंचायत की चेक पोस्ट पर अवैध वसूली का विरोध करने पर ट्रक चालक को 20 दिन पहले पीट दिया गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था। तब किसी तरह यह मामला शांत कराया गया था।
एक चेक पोस्ट कराया था बंद
लगातार मिल रही शिकायत पर सीओ श्वेताभ पांडेय ने जिला पंचायत के एक ठेके की चौकी यहां से बंद करा दी थी। इसके बाद दूसरे चेकपोस्ट पर अवैध वसूली का खेल शुरू हो गया।
अवैध वसूली में बदनाम निवाड़ा चौकी
यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर स्थित जनपद की निवाड़ा चौकी सबसे ज्यादा बदनाम रही है। अवैध वसूली की चौकी के पूरे स्टाफ पर कार्रवाई हो चुकी है। उसके बाद भी पुलिसवाले सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। करीब डेढ़ साल पहले भी अवैध वसूली पर तत्कालीन एसपी जेके शाही ने भी पूरी चौकी को सस्पेंड कर दिया था।
दिलशाद निवाड़ा का नाम सामने आया
पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें जिला पंचायत के चेकपोस्ट पर दिलशाद निवाड़ा ने छोड़ा था। उसी के निर्देश में वह यहां काम कर रहे थे। उधर, अपर मुख्य अधिकारी प्रदीप सक्सेना का कहना है कि जिला पंचायत ने टेंडर छोडे़ हुए हैं। किस जगह कितना शुल्क वसूला गया, उन्हें जानकारी नहीं है। वह इस मामले की जांच कराएंगे।