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बुढ़ाना क्षेत्र में बाइक पर देखा गया आर्यन
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 02 Aug 2016 12:44 AM IST
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भड़ल गांव के कांवड़ शिविर से 28 जुलाई को अपहृत चौथी के छात्र आर्यन उर्फ क्रिश कुछ लोगों को रविवार को प्लसर बाइक पर बुढ़ाना में दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने बुढ़ाना को छावनी में तब्दील दिया। सघन चेकिंग के बाद भी पुलिस उसे बरामद करने में सफल नहीं हुई।
छात्र क्रिश उर्फ आर्यन लोगों को अलग-अलग स्थानों पर दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को खपराना और शाहपुर-बाणगंगा में बाइक पर एक महिला और एक चरवाहे को बाइक पर आर्यन दिखाई दिया था। शनिवार को बिटावड़ा गांव के होटल के पास दिखाई दिया।
रविवार को बुढ़ाना में बाइक पर दिखाई दिया। बाइक पर दो बदमाश उसे भड़ल की ओर लेकर आ रहे थे। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने बुढ़ाना-भडल मार्ग डेरा डाल दिया। खेतों और ट्यूबवेलों पर सघन चेकिंग की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इससे लगता है बदमाशों को कोई सुरक्षित स्थान नहीं मिल रहा है। ठिकाने की तलाश में उसे इधर-उधर लेकर घूम रहे हैं।
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दोघट थाना प्रभारी जितेंद्र यादव ने कहा आर्यन की तलाश में बुढ़ाना समेत कई स्थानों पर सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
सिम विक्रेता के साथियों की पुलिस को तलाश
बागपत। जिस मोबाइल नंबर से फिरौती मांगी है। उस नंबर की सिम को गाजियाबाद के एक दुकानदार ने बेची है। पुलिस पिछले तीन दिन से सिम विक्रेता, उसकी पत्नी, डिस्ट्रीब्यूटर समेत कई लोगों से पूछताछ कर रही है।
साथ ही उनके रिश्तेदार और करीबी कौन-कौन है। उनका चिट्टा जुटाया जा रहा है। रविवार को भी पुलिस उनकी तलाश में गाजियाबाद में घूमती रही। पुलिस का मानना है सिम विक्रेता ही बदमाशों तक पहुंचा सकता है।
खोजबीन के बाद भी अपहृत आर्यन का सुराग नहीं
भड़ल गांव से अपहृत चमड़ा व्यापारी के बेटे क्रिश उर्फ आर्यन का पांच दिन बाद भी पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई है। पुलिस के अलावा ग्रामीण खुद ही जंगलों की खाक छान रहे हैं, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। क्षेत्रवासियों में पुलिस के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
28 जुलाई को कांवड़ सेवा शिविर से भड़ल गांव के चमड़ा व्यापारी रविंद्र के बेटे क्रिश उर्फ आर्यन का बदमाश अपहरण करके ले गए थे। बदमाशों ने रविंद्र से बच्चे को छोड़ने के बदले में डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस अफसरों को इसकी सूचना दी। पुलिस ने तीन दिन पहले खपराना गांव के जंगल में बदमाशों को भी घेर लिया था, लेकिन बदमाश पुलिस को चकमा देकर निकल भागे थे।
इसके बाद रविवार को भड़ल गांव के ग्रामीणों और पुलिस ने मुजफ्फरनगर, मेरठ और बागपत जनपद के जंगलों में सर्च अभियान चलाकर बदमाशों की तलाश की थी, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
सोमवार को बच्चे का अपहरण हुए पांच दिन हो गए है, लेकिन पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है। आर्यन के न मिलने से परिजनों का बुरा हाल है। बच्चे को बरामद न किए जाने से क्षेत्र वासियों में पुलिस के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
इस संबंध में थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार यादव ने बताया पुलिस की पांच टीमें दिन-रात बच्चे की तलाश में जुटी हुई है। शीघ्र ही बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।
अब तक नहीं उखाड़ा शिविर
दोघट। भड़ल गांव के चमड़ा व्यापारी रविंद्र ने बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर कांवड़ सेवा शिविर लगाया था। यह शिविर आर्यन के अपहरण होने के बाद से सुनसान पड़ा है। सोमवार कांवड़ मार्गों पर लगाए सभी शिविर उखाड़ लिए गए है, लेकिन उन्होंने अभी तक तंबू नहीं उखाड़ा है। पूरा परिवार आर्यन को तलाश करने में लगा है।
आर्यन के फोटो उपलब्ध कराए
दोघट। चमड़ा व्यापारी के पुत्र क्रिश को तलाशने का जिम्मा गांव की सरकार को दिया है। ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों को क्रिश के फोटो उपलब्ध कराकर अपील की जा रही है कि वह बच्चे को जहां भी देखें पुलिस को सूचित करें। दूसरी ओर, बालक के परिजनों ने भी गुमशुदगी के पोस्टर छपवाकर उचित इनाम देने की घोषणा की है।
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छात्र क्रिश उर्फ आर्यन लोगों को अलग-अलग स्थानों पर दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को खपराना और शाहपुर-बाणगंगा में बाइक पर एक महिला और एक चरवाहे को बाइक पर आर्यन दिखाई दिया था। शनिवार को बिटावड़ा गांव के होटल के पास दिखाई दिया।
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रविवार को बुढ़ाना में बाइक पर दिखाई दिया। बाइक पर दो बदमाश उसे भड़ल की ओर लेकर आ रहे थे। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने बुढ़ाना-भडल मार्ग डेरा डाल दिया। खेतों और ट्यूबवेलों पर सघन चेकिंग की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इससे लगता है बदमाशों को कोई सुरक्षित स्थान नहीं मिल रहा है। ठिकाने की तलाश में उसे इधर-उधर लेकर घूम रहे हैं।
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दोघट थाना प्रभारी जितेंद्र यादव ने कहा आर्यन की तलाश में बुढ़ाना समेत कई स्थानों पर सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
सिम विक्रेता के साथियों की पुलिस को तलाश
बागपत। जिस मोबाइल नंबर से फिरौती मांगी है। उस नंबर की सिम को गाजियाबाद के एक दुकानदार ने बेची है। पुलिस पिछले तीन दिन से सिम विक्रेता, उसकी पत्नी, डिस्ट्रीब्यूटर समेत कई लोगों से पूछताछ कर रही है।
साथ ही उनके रिश्तेदार और करीबी कौन-कौन है। उनका चिट्टा जुटाया जा रहा है। रविवार को भी पुलिस उनकी तलाश में गाजियाबाद में घूमती रही। पुलिस का मानना है सिम विक्रेता ही बदमाशों तक पहुंचा सकता है।
खोजबीन के बाद भी अपहृत आर्यन का सुराग नहीं
भड़ल गांव से अपहृत चमड़ा व्यापारी के बेटे क्रिश उर्फ आर्यन का पांच दिन बाद भी पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई है। पुलिस के अलावा ग्रामीण खुद ही जंगलों की खाक छान रहे हैं, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। क्षेत्रवासियों में पुलिस के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
28 जुलाई को कांवड़ सेवा शिविर से भड़ल गांव के चमड़ा व्यापारी रविंद्र के बेटे क्रिश उर्फ आर्यन का बदमाश अपहरण करके ले गए थे। बदमाशों ने रविंद्र से बच्चे को छोड़ने के बदले में डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस अफसरों को इसकी सूचना दी। पुलिस ने तीन दिन पहले खपराना गांव के जंगल में बदमाशों को भी घेर लिया था, लेकिन बदमाश पुलिस को चकमा देकर निकल भागे थे।
इसके बाद रविवार को भड़ल गांव के ग्रामीणों और पुलिस ने मुजफ्फरनगर, मेरठ और बागपत जनपद के जंगलों में सर्च अभियान चलाकर बदमाशों की तलाश की थी, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
सोमवार को बच्चे का अपहरण हुए पांच दिन हो गए है, लेकिन पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है। आर्यन के न मिलने से परिजनों का बुरा हाल है। बच्चे को बरामद न किए जाने से क्षेत्र वासियों में पुलिस के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
इस संबंध में थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार यादव ने बताया पुलिस की पांच टीमें दिन-रात बच्चे की तलाश में जुटी हुई है। शीघ्र ही बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।
अब तक नहीं उखाड़ा शिविर
दोघट। भड़ल गांव के चमड़ा व्यापारी रविंद्र ने बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर कांवड़ सेवा शिविर लगाया था। यह शिविर आर्यन के अपहरण होने के बाद से सुनसान पड़ा है। सोमवार कांवड़ मार्गों पर लगाए सभी शिविर उखाड़ लिए गए है, लेकिन उन्होंने अभी तक तंबू नहीं उखाड़ा है। पूरा परिवार आर्यन को तलाश करने में लगा है।
आर्यन के फोटो उपलब्ध कराए
दोघट। चमड़ा व्यापारी के पुत्र क्रिश को तलाशने का जिम्मा गांव की सरकार को दिया है। ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों को क्रिश के फोटो उपलब्ध कराकर अपील की जा रही है कि वह बच्चे को जहां भी देखें पुलिस को सूचित करें। दूसरी ओर, बालक के परिजनों ने भी गुमशुदगी के पोस्टर छपवाकर उचित इनाम देने की घोषणा की है।