{"_id":"5ad2620f4f1c1b63098b4839","slug":"91523737103-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रास्ता भटक कर लुहारी गांव में घुसी नील गाय","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रास्ता भटक कर लुहारी गांव में घुसी नील गाय
Updated Sun, 15 Apr 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
लुहारी गांव में शुक्रवार की रात्रि में जंगल का रास्ता भटक कर एक नील गाय गांव में घुस गई। ग्रामीणों ने नील गाय को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने टक्कर मारकर कई लोगों को घायल किया।
लुहारी गांव में जंगल का रास्ता भटक कर एक नील गाय गांव में घुस गई। जिसके पीछे गांव के आवारा कुत्ते लगे थे और कुत्तों ने उसे नोचकर घायल कर रखा था। ग्रामीणों ने कुत्तों को वहां से भगाया और घायल नील गाय को इलाज करने के लिए पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन नील गाय ने गांव निवासी संजीव, कल्लू व नरेंद्र आदि को टक्कर मारकर घायल कर दिया। जो भी उसे पकड़ता उसे ही वह टक्कर मार देती। किसी तरह ग्रामीणों ने रस्सा डालकर नील गाय को पकड़ा और इसकी सूचना वनकर्मियों को दी, आरोप है कि घंटों बाद भी कोई मौके पर नहीं पहुंचा। बाद मेें ग्रामीणों ने घायल नील गाय का इलाज कराकर उसे जंगल में छोड़ दिया। वन क्षेत्राधिकारी राजपाल का कहना था कि सूचना पर वन कर्मियों को भेजा गया था, लेकिन कोई नहीं मिला।
विज्ञापन
लुहारी गांव में शुक्रवार की रात्रि में जंगल का रास्ता भटक कर एक नील गाय गांव में घुस गई। ग्रामीणों ने नील गाय को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने टक्कर मारकर कई लोगों को घायल किया।
लुहारी गांव में जंगल का रास्ता भटक कर एक नील गाय गांव में घुस गई। जिसके पीछे गांव के आवारा कुत्ते लगे थे और कुत्तों ने उसे नोचकर घायल कर रखा था। ग्रामीणों ने कुत्तों को वहां से भगाया और घायल नील गाय को इलाज करने के लिए पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन नील गाय ने गांव निवासी संजीव, कल्लू व नरेंद्र आदि को टक्कर मारकर घायल कर दिया। जो भी उसे पकड़ता उसे ही वह टक्कर मार देती। किसी तरह ग्रामीणों ने रस्सा डालकर नील गाय को पकड़ा और इसकी सूचना वनकर्मियों को दी, आरोप है कि घंटों बाद भी कोई मौके पर नहीं पहुंचा। बाद मेें ग्रामीणों ने घायल नील गाय का इलाज कराकर उसे जंगल में छोड़ दिया। वन क्षेत्राधिकारी राजपाल का कहना था कि सूचना पर वन कर्मियों को भेजा गया था, लेकिन कोई नहीं मिला।
विज्ञापन