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छात्रा का अपहरण कर रेप करने पर युवक को सात साल का कारावास
Updated Sat, 19 Aug 2017 12:28 AM IST
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छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म करने पर
युवक को सात साल का कारावास
बागपत। छपरौली क्षेत्र के एक गांव से नौवीं की छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म किया गया था। इस केस के चार आरोपियों में से एक को दोषी मानते हुए कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई तथा तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
पीड़ित छात्रा के पिता ने छपरौली थाने में दी तहरीर में बताया था कि उसकी 13 वर्षीय बेटी 6 अक्टूबर 2011 की रात करीब आठ बजे खेत में शौच के लिए गई थी। उसके बाद वापस घर नहीं लौटी। इंतजार करने के बाद उसको तलाश किया गया। गांव के ही दो व्यक्ति ने जानकारी दी थी कि उसको गांव का ही युवक सुनील बहला-फुसलाकर अपहरण ले गया है। उसके साथ दो भाई नीरज और काला भी थे। तलाश करने के बाद भी बेटी नहीं मिली। इसके बाद 11 तारीख को तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने छात्रा को बरामद कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। पुलिस की विवेचना में आया था कि आरोपियों ने लड़की को हरियाणा के देवीपुर गांव के अमरसिंह के मकान में रखा है। वहां पर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने अमर सिंह समेत चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
एडीजीसी अनुज ढाका एवं वादी के अधिवक्ता अशोक दलाल ने बताया कि केस एडीजे एफटीसी प्रथम समरपाल सिंह बालियान की कोर्ट में चल रहा था। सात गवाहों की कोर्ट में गवाही हुई। न्यायालय ने आरोपी सुनील को केस का दोषी मानते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई और दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अन्य तीनों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
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युवक को सात साल का कारावास
बागपत। छपरौली क्षेत्र के एक गांव से नौवीं की छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म किया गया था। इस केस के चार आरोपियों में से एक को दोषी मानते हुए कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई तथा तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
पीड़ित छात्रा के पिता ने छपरौली थाने में दी तहरीर में बताया था कि उसकी 13 वर्षीय बेटी 6 अक्टूबर 2011 की रात करीब आठ बजे खेत में शौच के लिए गई थी। उसके बाद वापस घर नहीं लौटी। इंतजार करने के बाद उसको तलाश किया गया। गांव के ही दो व्यक्ति ने जानकारी दी थी कि उसको गांव का ही युवक सुनील बहला-फुसलाकर अपहरण ले गया है। उसके साथ दो भाई नीरज और काला भी थे। तलाश करने के बाद भी बेटी नहीं मिली। इसके बाद 11 तारीख को तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने छात्रा को बरामद कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। पुलिस की विवेचना में आया था कि आरोपियों ने लड़की को हरियाणा के देवीपुर गांव के अमरसिंह के मकान में रखा है। वहां पर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने अमर सिंह समेत चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
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एडीजीसी अनुज ढाका एवं वादी के अधिवक्ता अशोक दलाल ने बताया कि केस एडीजे एफटीसी प्रथम समरपाल सिंह बालियान की कोर्ट में चल रहा था। सात गवाहों की कोर्ट में गवाही हुई। न्यायालय ने आरोपी सुनील को केस का दोषी मानते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई और दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अन्य तीनों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
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