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फर्जी तरीके से जारी कराया जीएसटी नंबर
Updated Wed, 29 Aug 2018 01:26 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
गांगनौली गांव के एक व्यक्ति के कागजात के जरिये एक अन्य व्यक्ति ने बिना बताएं जीएसटी नंबर जारी कराकर लाखों का कारोबार शुरू कर दिया। पीड़ित को इसकी जानकारी तब हुई, जब वाणिज्य कर विभाग मेरठ की टीम उनके घर पहुंची तो उसके होश उड़ गए। पीड़ित ने एसपी को शिकायती पत्र भेजकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
पीड़ित संजीव पुत्र गजेंद्र सिंह गांगनौली गांव के रहने वाले है। वह फिलहाल बड़ौत की नेहरू रोड पर जेएसआर कोचिंग सेंटर चला रहे है। पीड़ित संजीव ने एसपी को भेज शिकायती पत्र मेें बताया कि एक व्यक्ति ने उन्हें विश्वास मेें लेकर उनके कागजात पर जीएसटी नंबर जारी करा लिया, लेकिन मुझे बिना बताएं उक्त जीएसटी नंबर 09एएक्सईपीके006डीवनजेडएक्स पर लाखों का कारोबार शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि न तो कोई बिल बुक छपाई, न ही कंप्यूटर पर कोई बिल जनरेट किया और न ही किसी संस्था, सरकारी व गैर संस्था द्वारा इस संबंध में कोई कॉल आई। इसकी जानकारी मुझे तब हुई जब वाणिज्य कर विभाग मेरठ ने घर पर पहुंचकर 72 लाख रुपये की जीएसटी चुकने की बात कहीं और बताया कि आपके जीएसटी नंबर पर 394.94 लाख की बिंलिग हो गई और आपको 72 लाख रुपये की जीएसटी चुकानी है, इस सूचना पर उनके होश उड़ गए। उन्होंने इस संबंध में सहायक कमिश्नर खंड एक बड़ौत को शिकायती पत्र देकर जीएसटी नंबर बंद कराने की भी मांग की।
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गांगनौली गांव के एक व्यक्ति के कागजात के जरिये एक अन्य व्यक्ति ने बिना बताएं जीएसटी नंबर जारी कराकर लाखों का कारोबार शुरू कर दिया। पीड़ित को इसकी जानकारी तब हुई, जब वाणिज्य कर विभाग मेरठ की टीम उनके घर पहुंची तो उसके होश उड़ गए। पीड़ित ने एसपी को शिकायती पत्र भेजकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
पीड़ित संजीव पुत्र गजेंद्र सिंह गांगनौली गांव के रहने वाले है। वह फिलहाल बड़ौत की नेहरू रोड पर जेएसआर कोचिंग सेंटर चला रहे है। पीड़ित संजीव ने एसपी को भेज शिकायती पत्र मेें बताया कि एक व्यक्ति ने उन्हें विश्वास मेें लेकर उनके कागजात पर जीएसटी नंबर जारी करा लिया, लेकिन मुझे बिना बताएं उक्त जीएसटी नंबर 09एएक्सईपीके006डीवनजेडएक्स पर लाखों का कारोबार शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि न तो कोई बिल बुक छपाई, न ही कंप्यूटर पर कोई बिल जनरेट किया और न ही किसी संस्था, सरकारी व गैर संस्था द्वारा इस संबंध में कोई कॉल आई। इसकी जानकारी मुझे तब हुई जब वाणिज्य कर विभाग मेरठ ने घर पर पहुंचकर 72 लाख रुपये की जीएसटी चुकने की बात कहीं और बताया कि आपके जीएसटी नंबर पर 394.94 लाख की बिंलिग हो गई और आपको 72 लाख रुपये की जीएसटी चुकानी है, इस सूचना पर उनके होश उड़ गए। उन्होंने इस संबंध में सहायक कमिश्नर खंड एक बड़ौत को शिकायती पत्र देकर जीएसटी नंबर बंद कराने की भी मांग की।
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