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सीएम के आदेश पर चार के खिलाफ केस दर्ज
Updated Fri, 01 Sep 2017 01:08 AM IST
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सीएम के आदेश पर चार के खिलाफ केस दर्ज
बड़ौत (बागपत)।
बिजरौल की एक महिला के ससुराल वालों ने स्टॉप पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर तलाकनामा लिखवाया और उसे पंजीकृत भी करा लिया और इसके बाद उस पर फर्जी हस्ताक्षर कर दिए। जब उसे इसकी जानकारी मिली तो वह पुलिस अधिकारियों के चक्कर काटती रही, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। बाद में उसने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की तो पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज किया।
तरन्नुम पुत्री घीसू बिजरौल गांव की रहने वाली है। उसका निकाह 21 फरवरी 2009 में पुरबालियान जनपद मुजफ्फरनगर के वकील पुत्र जरीफ के साथ हुआ । कुछ समय बाद ही दहेज को लेकर तकरार हो गई और वह अपने मायके में रह रही है। कई बार सामाजिक तौर पर इस मामले को सुलझाने के प्रयास किए, लेकिन मामला नहीं सुलझा। उसके पति वकील, व ससुराल के चार लोगों ने मिलकर बड़ौत तहसील में किसी अज्ञात व्यक्ति के नाम से स्टांप लेकर उसने तलाकनामा लिखवाकर यह भी लिखवा लिया कि उनका जो विवाद चल रहा है, तीन लाख रुपये देकर समझौता हो गया है। अब उस पर तरन्नुम के फर्जी हस्ताक्षर भी करा दिए। जब उसे इसकी जानकारी मिली तो वह पुलिस अधिकारियों के चक्कर काटती रही, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। उसने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की। उनके आदेश पर पुलिस हरकत में आई और बुधवार की रात में तरन्नुम की तहरीर पर मामला दर्ज किया। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी हरेराम यादव ने कहा फर्जी दस्तावेज तैयार कर तलाक के मामले में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बड़ौत (बागपत)।
बिजरौल की एक महिला के ससुराल वालों ने स्टॉप पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर तलाकनामा लिखवाया और उसे पंजीकृत भी करा लिया और इसके बाद उस पर फर्जी हस्ताक्षर कर दिए। जब उसे इसकी जानकारी मिली तो वह पुलिस अधिकारियों के चक्कर काटती रही, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। बाद में उसने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की तो पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज किया।
तरन्नुम पुत्री घीसू बिजरौल गांव की रहने वाली है। उसका निकाह 21 फरवरी 2009 में पुरबालियान जनपद मुजफ्फरनगर के वकील पुत्र जरीफ के साथ हुआ । कुछ समय बाद ही दहेज को लेकर तकरार हो गई और वह अपने मायके में रह रही है। कई बार सामाजिक तौर पर इस मामले को सुलझाने के प्रयास किए, लेकिन मामला नहीं सुलझा। उसके पति वकील, व ससुराल के चार लोगों ने मिलकर बड़ौत तहसील में किसी अज्ञात व्यक्ति के नाम से स्टांप लेकर उसने तलाकनामा लिखवाकर यह भी लिखवा लिया कि उनका जो विवाद चल रहा है, तीन लाख रुपये देकर समझौता हो गया है। अब उस पर तरन्नुम के फर्जी हस्ताक्षर भी करा दिए। जब उसे इसकी जानकारी मिली तो वह पुलिस अधिकारियों के चक्कर काटती रही, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। उसने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की। उनके आदेश पर पुलिस हरकत में आई और बुधवार की रात में तरन्नुम की तहरीर पर मामला दर्ज किया। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी हरेराम यादव ने कहा फर्जी दस्तावेज तैयार कर तलाक के मामले में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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