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ासूम से कुकर्म पर युवक को दस साल का कारावास
Updated Sat, 12 Aug 2017 01:05 AM IST
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मासूम से कुकर्म के आरोपी को दस साल का कारावास
बागपत। चांदीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में आठ वर्षीय बच्चे से कुकर्म करने के आरोपी युवक को कोर्ट ने दोषी मानते हुए दस साल की सजा सुनाई है। उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। आरोपी रिश्ते में पीड़ित का भाई है।
पीड़ित बच्चे के पिता ने चांदीनगर थाने में दी तहरीर में बताया था कि वह अपने भाई, बेटे और घर पर रिश्तेदारी में आए लोनी निवासी राजेश के साथ दो अक्तूबर 2015 को खेत में गया था। वह और उसका भाई खेत में कार्य करने लगे थे। ट्यूबवेल पर बेटा और राजेश थे। तभी उसके बेटे को युवक राजेश अपने साथ अरहर के खेत में ले गया। आरोपी ने उसके साथ कुकर्म किया। बेटे के चिल्लाने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचा और राजेश को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया था और पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। एडीजीसी सुरेंद्र यादव ने बताया कि एडीजे प्रथम रमेश चंद्र की कोर्ट में केस की सुनाई चल रही थी। कोर्ट ने आरोपी राजेश को दोषी मानते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई और पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पति के अपहरण में पत्नी समेत तीन को सात साल की सजा
बागपत। अवैध संबंध के विरोध पर पति का दो युवकों के साथ मिलकर अपहरण कराने के मामले में आरोपियों को कोर्ट ने दो दिन पूर्व ही दोषी मान लिया था। शुक्रवार को कोर्ट ने महिला समेत तीनों आरोपियों को सात-सात साल की सजा सुनाई।
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युवक कंवरपाल के पिता रणवीर सिंह ने पुलिस अधीक्षक बागपत को दिए शिकायत पत्र में बताया था कि गांव के ही दो युवक मोहित पुत्र शीशपाल, बलवीर उर्फ बल्ला उर्फ बुढ़ी पुत्र प्रकाश एक मई 2013 को शाम करीब सात बजे उसके लड़के को घर से यह कहकर बुलाकर ले गए थे कि उससे कुछ काम है। उसके बाद कंवरपाल घर नहीं लौटा था। इंतजार करने के बाद उसको काफी तलाश किया, लेकिन कहीं पता नहीं चला। आरोपियों के घर पर पहुंचकर कंवरपाल के बारे में जानकारी की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोपियों का उसकी पुत्रवधू मिथलेश देवी से अवैध संबंध थे। पता चलने पर मिथलेश को काफी समझाया गया था, लेकिन महिला अपनी हरकतों से बाज नहीं आई थी। उसका आरोप था कि मिथलेश और आरोपी युवकों ने बेटे कंवरपाल की हत्या कर शव को कहीं छिपा दिया है। आरोपियों के खिलाफ छपरौली थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
एडीजीसी राजीव कुमार ने बताया कि केस एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय विपिन कुमार की कोर्ट मेें चल रहा था। न्यायालय ने आरोपी मिथलेश, मोहित, बलवीर उर्फ बल्ला उर्फ बुढ़ी को कंवरपाल के अपहरण का दोषी मानते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई और दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
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बागपत। चांदीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में आठ वर्षीय बच्चे से कुकर्म करने के आरोपी युवक को कोर्ट ने दोषी मानते हुए दस साल की सजा सुनाई है। उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। आरोपी रिश्ते में पीड़ित का भाई है।
पीड़ित बच्चे के पिता ने चांदीनगर थाने में दी तहरीर में बताया था कि वह अपने भाई, बेटे और घर पर रिश्तेदारी में आए लोनी निवासी राजेश के साथ दो अक्तूबर 2015 को खेत में गया था। वह और उसका भाई खेत में कार्य करने लगे थे। ट्यूबवेल पर बेटा और राजेश थे। तभी उसके बेटे को युवक राजेश अपने साथ अरहर के खेत में ले गया। आरोपी ने उसके साथ कुकर्म किया। बेटे के चिल्लाने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचा और राजेश को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया था और पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। एडीजीसी सुरेंद्र यादव ने बताया कि एडीजे प्रथम रमेश चंद्र की कोर्ट में केस की सुनाई चल रही थी। कोर्ट ने आरोपी राजेश को दोषी मानते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई और पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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पति के अपहरण में पत्नी समेत तीन को सात साल की सजा
बागपत। अवैध संबंध के विरोध पर पति का दो युवकों के साथ मिलकर अपहरण कराने के मामले में आरोपियों को कोर्ट ने दो दिन पूर्व ही दोषी मान लिया था। शुक्रवार को कोर्ट ने महिला समेत तीनों आरोपियों को सात-सात साल की सजा सुनाई।
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युवक कंवरपाल के पिता रणवीर सिंह ने पुलिस अधीक्षक बागपत को दिए शिकायत पत्र में बताया था कि गांव के ही दो युवक मोहित पुत्र शीशपाल, बलवीर उर्फ बल्ला उर्फ बुढ़ी पुत्र प्रकाश एक मई 2013 को शाम करीब सात बजे उसके लड़के को घर से यह कहकर बुलाकर ले गए थे कि उससे कुछ काम है। उसके बाद कंवरपाल घर नहीं लौटा था। इंतजार करने के बाद उसको काफी तलाश किया, लेकिन कहीं पता नहीं चला। आरोपियों के घर पर पहुंचकर कंवरपाल के बारे में जानकारी की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोपियों का उसकी पुत्रवधू मिथलेश देवी से अवैध संबंध थे। पता चलने पर मिथलेश को काफी समझाया गया था, लेकिन महिला अपनी हरकतों से बाज नहीं आई थी। उसका आरोप था कि मिथलेश और आरोपी युवकों ने बेटे कंवरपाल की हत्या कर शव को कहीं छिपा दिया है। आरोपियों के खिलाफ छपरौली थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
एडीजीसी राजीव कुमार ने बताया कि केस एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय विपिन कुमार की कोर्ट मेें चल रहा था। न्यायालय ने आरोपी मिथलेश, मोहित, बलवीर उर्फ बल्ला उर्फ बुढ़ी को कंवरपाल के अपहरण का दोषी मानते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई और दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।