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लुहारा गांव में साढ़े तीन सौ बोरे चावल पकड़ा
Updated Mon, 29 Oct 2018 12:57 AM IST
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अमीनगर सराय (बागपत)।
सिंघावली थाना क्षेत्र के लुहारा गांव में पुलिस ने छापा लगाकर साढ़े तीन सौ बोरे चावल बरामद किया। पुलिस ने बाप और बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। चावल कहां से आया है, इसकी जांच की रही है। पुलिस को मकान की छत पर जले बोरों की राख भी मिली है। पुलिस टीम बरामद चावल को थाने ले गई।
लुहारा में में शनिवार की रात में सिंघावली अहीर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आश मोहम्मद उर्फ माहसे के घर पर छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध रूप से रखा गया चावल बरामद किया। पुलिस ने यहां से 350 बोरे चावल के बरामद किए। गृह स्वामी आश मोहम्मद से चावल के बारे में जानकारी ली तो उसने पुलिस को बताया कि उसके बेटे कय्यूम उर्फ नन्नू ने गौसपुर गांव के एक व्यक्ति के कहने पर चावल खरीदा था। तीन दिन पहले ट्रक से चावल उनके घर पर उतारा गया। यह चावल उन्हें बड़ौत क्षेत्र में बेचना था। रात्रि में ही पुलिस के आने से पूर्व उन्होंने एक सौ बोरे बड़ौत क्षेत्र में भेजे। एक-दो दिन में सारे बोरे बेच दिए जाते। पुलिस को मकान की छत से काफी संख्या में जले बोरों की राख भी मिली। पुलिस ने दोनों पिता और पुत्र को हिरासत में लिया और चावल ट्रैक्टर ट्रॉली से थाने भेजा। कार्यवाहक थानाध्यक्ष एसआई मदन पाल सिंह ने बताया कि साढ़े तीन सौ बोरे चावल बरामद हुए है। यह चावल राशन का है या फिर लूट का, इसकी जांच की जा रही है। बाप और बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं।
छत पर आग देखकर सहम गए ग्रामीण
अमीनगर सराय। शनिवार की रात में आश मोहम्मद के घर पर बोरों में लगी लगी आग की लपटों को देख ग्रामीण सहम गए। पड़ोसियों ने बताया कि रात्रि करीब दो के लगभग मकान की छत से ऊंची-ऊंची आग की लपटें निकल रही है। जिसे देखकर लोगों में हड़कंप मच गया। जब पड़ोसी आश मोहम्मद के घर पहुंचे तो उन्हें बहाना बनाकर टाल दिया।
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गरीबों के राशन का हो सकता है चावल
बागपत। लुहारा गांव में भारी मात्रा में पकड़ा गया चावल राशन का भी होने की संभावना है, क्योंकि आश मोहम्मद के मकान में चावल खुला पड़ा हुआ था। जिन बोरे को मकान की छत पर जलाया गया है, उन पर सरकारी मोहर लगी होगी। जिस कारण उन्हें जलाया गया। गरीबों को मिलने वाले राशन की कालाबाजारी आज भी जारी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में राशन की कालाबाजारी
बागपत। जिले में राशन की कालाबाजारी बड़े पैमाने पर की जाती है। इससे पहले भी कई बार राशन का चावल, गेहूं और मिट्टी का तेल पकड़ा जा चुका है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ हल्की कार्रवाई करती, जिस कारण वे जल्दी ही जेल से छूटकर आ जाते है और फिर से इस धंधे को करने लगते है। शहरी क्षेत्रों में ई-पॉस मशीन आने के बाद राशन की कालाबाजारी पर कुछ हद तक अंकुश लगा है, लेकिन ग्रामीणों क्षेत्र में आज भी राशन की कालाबाजारी की जा रही है।
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सिंघावली थाना क्षेत्र के लुहारा गांव में पुलिस ने छापा लगाकर साढ़े तीन सौ बोरे चावल बरामद किया। पुलिस ने बाप और बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। चावल कहां से आया है, इसकी जांच की रही है। पुलिस को मकान की छत पर जले बोरों की राख भी मिली है। पुलिस टीम बरामद चावल को थाने ले गई।
लुहारा में में शनिवार की रात में सिंघावली अहीर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आश मोहम्मद उर्फ माहसे के घर पर छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध रूप से रखा गया चावल बरामद किया। पुलिस ने यहां से 350 बोरे चावल के बरामद किए। गृह स्वामी आश मोहम्मद से चावल के बारे में जानकारी ली तो उसने पुलिस को बताया कि उसके बेटे कय्यूम उर्फ नन्नू ने गौसपुर गांव के एक व्यक्ति के कहने पर चावल खरीदा था। तीन दिन पहले ट्रक से चावल उनके घर पर उतारा गया। यह चावल उन्हें बड़ौत क्षेत्र में बेचना था। रात्रि में ही पुलिस के आने से पूर्व उन्होंने एक सौ बोरे बड़ौत क्षेत्र में भेजे। एक-दो दिन में सारे बोरे बेच दिए जाते। पुलिस को मकान की छत से काफी संख्या में जले बोरों की राख भी मिली। पुलिस ने दोनों पिता और पुत्र को हिरासत में लिया और चावल ट्रैक्टर ट्रॉली से थाने भेजा। कार्यवाहक थानाध्यक्ष एसआई मदन पाल सिंह ने बताया कि साढ़े तीन सौ बोरे चावल बरामद हुए है। यह चावल राशन का है या फिर लूट का, इसकी जांच की जा रही है। बाप और बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं।
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छत पर आग देखकर सहम गए ग्रामीण
अमीनगर सराय। शनिवार की रात में आश मोहम्मद के घर पर बोरों में लगी लगी आग की लपटों को देख ग्रामीण सहम गए। पड़ोसियों ने बताया कि रात्रि करीब दो के लगभग मकान की छत से ऊंची-ऊंची आग की लपटें निकल रही है। जिसे देखकर लोगों में हड़कंप मच गया। जब पड़ोसी आश मोहम्मद के घर पहुंचे तो उन्हें बहाना बनाकर टाल दिया।
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गरीबों के राशन का हो सकता है चावल
बागपत। लुहारा गांव में भारी मात्रा में पकड़ा गया चावल राशन का भी होने की संभावना है, क्योंकि आश मोहम्मद के मकान में चावल खुला पड़ा हुआ था। जिन बोरे को मकान की छत पर जलाया गया है, उन पर सरकारी मोहर लगी होगी। जिस कारण उन्हें जलाया गया। गरीबों को मिलने वाले राशन की कालाबाजारी आज भी जारी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में राशन की कालाबाजारी
बागपत। जिले में राशन की कालाबाजारी बड़े पैमाने पर की जाती है। इससे पहले भी कई बार राशन का चावल, गेहूं और मिट्टी का तेल पकड़ा जा चुका है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ हल्की कार्रवाई करती, जिस कारण वे जल्दी ही जेल से छूटकर आ जाते है और फिर से इस धंधे को करने लगते है। शहरी क्षेत्रों में ई-पॉस मशीन आने के बाद राशन की कालाबाजारी पर कुछ हद तक अंकुश लगा है, लेकिन ग्रामीणों क्षेत्र में आज भी राशन की कालाबाजारी की जा रही है।