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किसान गरजे तो बॉर्डर पर पुलिस ने बरसाई लाठियां
Updated Wed, 03 Oct 2018 01:24 AM IST
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बागपत। किसान क्रांति यात्रा के गाजीपुर पहुंचते ही पुलिस हरकत में आनी शुरू हो गई थी। किसानों का कहना है कि यात्रा बेहद संयमित और शांतिपूर्ण रही थी, ऐसे में उन्हें यह कतई अंदाजा नहीं था कि पुलिस इस तरह बल प्रयोग कर सकती है। जिले के कई किसान चोटिल हुए हैं। किसानों का कहना है कि सरकार से यह उम्मीद नहीं थी।
किसान क्रांति यात्रा में पहले दिन से ही सैकड़ों शामिल हुए। मंगलवार को भी किसान गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। दोपहर होते-होते सरकार से बातचीत बेनतीजा रही, इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी। भाकियू नेता चौधरी इंद्रपाल सिंह का कहना है कि किसान इसलिए बेफिक्र थे कि यात्रा बेहद शांतिपूर्ण रही है। दो राज्य पार हो चुके हैं, ऐसे में केंद्र सरकार को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए, लेकिन किसानों की सोच के विपरीत बैरिकेडिंग कर दी। देखते ही देखते आंसू गैस छोड़ दी और पानी की बौछार की। साथ ही लाठियां चला दी।
भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर का कहना है कि किसान सिर्फ दिल्ली में प्रवेश करना चाह रहे थे, जिस तरह सरकार का रवैया रहा, वह निराशाजनक है। सरकार को इसका खामियाजा भुगताना पड़ेगा। किसान की हालत आज चिंताजनक है। अपने हक के लिए संघर्ष करने पर लाठियां मिल रही है।
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भाकियू नेता प्रदीप गुर्जर का कहना है कि जिस तरह लाठियां चलाई उससे सरकार की सोच जाहिर हो गई है। किसान शांतिपूर्ण यात्रा पर निकले थे, लेकिन गांधी जयंती पर सरकार ने पुलिस से लाठीचार्ज करा दिया।
रालोद नेता पुलिस ने लिए हिरासत में
बागपत। जिले के रालोद नेता किसानों को समर्थन के लिए गाजीपुर पहुंचे। छपरौली के पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने बताया कि पुलिस ने साहिबाबाद औद्योगिक एरिया के निकट बागपत से गाजीपुर जा रहे रालोद नेताओं को हिरासत में ले लिया। इसे अलावा अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया। इनमें सुदेश मलिक, वीरपाल मलिक, ओमवीर ढाका एवं अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
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किसान क्रांति यात्रा में पहले दिन से ही सैकड़ों शामिल हुए। मंगलवार को भी किसान गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। दोपहर होते-होते सरकार से बातचीत बेनतीजा रही, इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी। भाकियू नेता चौधरी इंद्रपाल सिंह का कहना है कि किसान इसलिए बेफिक्र थे कि यात्रा बेहद शांतिपूर्ण रही है। दो राज्य पार हो चुके हैं, ऐसे में केंद्र सरकार को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए, लेकिन किसानों की सोच के विपरीत बैरिकेडिंग कर दी। देखते ही देखते आंसू गैस छोड़ दी और पानी की बौछार की। साथ ही लाठियां चला दी।
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भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर का कहना है कि किसान सिर्फ दिल्ली में प्रवेश करना चाह रहे थे, जिस तरह सरकार का रवैया रहा, वह निराशाजनक है। सरकार को इसका खामियाजा भुगताना पड़ेगा। किसान की हालत आज चिंताजनक है। अपने हक के लिए संघर्ष करने पर लाठियां मिल रही है।
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भाकियू नेता प्रदीप गुर्जर का कहना है कि जिस तरह लाठियां चलाई उससे सरकार की सोच जाहिर हो गई है। किसान शांतिपूर्ण यात्रा पर निकले थे, लेकिन गांधी जयंती पर सरकार ने पुलिस से लाठीचार्ज करा दिया।
रालोद नेता पुलिस ने लिए हिरासत में
बागपत। जिले के रालोद नेता किसानों को समर्थन के लिए गाजीपुर पहुंचे। छपरौली के पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने बताया कि पुलिस ने साहिबाबाद औद्योगिक एरिया के निकट बागपत से गाजीपुर जा रहे रालोद नेताओं को हिरासत में ले लिया। इसे अलावा अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया। इनमें सुदेश मलिक, वीरपाल मलिक, ओमवीर ढाका एवं अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।