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सीएम तक पहुंचा बागपत में पेपर वायरल का मामला
Updated Fri, 02 Mar 2018 12:20 AM IST
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बागपत। यूपी बोर्ड की परीक्षा शुरू होने से पहले व्हाट्स एप के जरिए इंटर विज्ञान वर्ग के अंग्रेजी द्वितीय का पेपर वायरल होने का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। पहले संयुक्त शिक्षा निदेशक से शिकायत करने वाले निलंबित प्रधानाचार्य सुक्रमपाल तोमर ने अब सीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि अफसरों और शिक्षा माफिया के गठजोड़ के कारण बागपत में पेपर वायरल हो रहे हैं।
निलंबित प्रधानाचार्य सुक्रमपाल तोमर ने सीएम को पत्र भेजकर प्रकरण से अवगत कराया। उनका कहना है कि पूरे प्रकरण में शिक्षा विभाग के अफसर और शिक्षा माफिया मिले हुए हैं, जिस कारण पेपर वायरल हुए। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच जरूरी है। उन्होंने पेपर वायरल होने के समय, जेडी से शिकायत और जांच के विषय में भी बताया है। तोमर का कहना है कि कक्ष निरीक्षकों की तैनाती में घालमेल किया गया। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने खुद मामला पकड़ा, लेकिन कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। कुछ स्कूल के प्रबंधक ऐसे हैं, जो लगातार नकल कराते हैं। नकल प्रकरण की यदि उच्च स्तरीय जांच हो जाए तो सही स्थिति का पता चल सकेगा।
क्या है मामला
12वीं के विज्ञान वर्ग के अंग्रेजी द्वितीय का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले वायरल हो गया । आदर्श इंटर कॉलेज सिनौली नंगला के निलंबित प्रधानाचार्य ने पहले संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ल को व्हाट्स एप के जरिए यह पेपर भेजा था। तीन सदस्यीय कमेटी ने मिलान किया तो पेपर हू ब हू मिल गया । शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पेपर लीक नहीं हुआ है।
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पहले मुकदमा, अब इसे कह रहे आम बात
बागपत। परीक्षा से 20 मिनट पहले प्रश्नपत्र खोलने के मामले में पिछले वर्ष आदर्श इंटर कॉलेज नंगला सिनौली के प्रधानाचार्य सुक्रमपाल तोमर पर मुकदमा दर्ज कराया । इस बार अफसर कह रहे हैं कि परीक्षा से 20 से 30 मिनट पहले प्रश्नपत्र के बंडल खोलना आम है। सुक्रमपाल तोमर ने सीएम से इस दोहरे मापदंड की जांच कराने की मांग की है।
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निलंबित प्रधानाचार्य सुक्रमपाल तोमर ने सीएम को पत्र भेजकर प्रकरण से अवगत कराया। उनका कहना है कि पूरे प्रकरण में शिक्षा विभाग के अफसर और शिक्षा माफिया मिले हुए हैं, जिस कारण पेपर वायरल हुए। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच जरूरी है। उन्होंने पेपर वायरल होने के समय, जेडी से शिकायत और जांच के विषय में भी बताया है। तोमर का कहना है कि कक्ष निरीक्षकों की तैनाती में घालमेल किया गया। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने खुद मामला पकड़ा, लेकिन कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। कुछ स्कूल के प्रबंधक ऐसे हैं, जो लगातार नकल कराते हैं। नकल प्रकरण की यदि उच्च स्तरीय जांच हो जाए तो सही स्थिति का पता चल सकेगा।
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क्या है मामला
12वीं के विज्ञान वर्ग के अंग्रेजी द्वितीय का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले वायरल हो गया । आदर्श इंटर कॉलेज सिनौली नंगला के निलंबित प्रधानाचार्य ने पहले संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ल को व्हाट्स एप के जरिए यह पेपर भेजा था। तीन सदस्यीय कमेटी ने मिलान किया तो पेपर हू ब हू मिल गया । शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पेपर लीक नहीं हुआ है।
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पहले मुकदमा, अब इसे कह रहे आम बात
बागपत। परीक्षा से 20 मिनट पहले प्रश्नपत्र खोलने के मामले में पिछले वर्ष आदर्श इंटर कॉलेज नंगला सिनौली के प्रधानाचार्य सुक्रमपाल तोमर पर मुकदमा दर्ज कराया । इस बार अफसर कह रहे हैं कि परीक्षा से 20 से 30 मिनट पहले प्रश्नपत्र के बंडल खोलना आम है। सुक्रमपाल तोमर ने सीएम से इस दोहरे मापदंड की जांच कराने की मांग की है।