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विवाहिता के तीन बहनें एसपी दफ्तर और पिता कलक्ट्रेट में भूख हड़ताल पर बैठे
Updated Tue, 26 Jun 2018 01:04 AM IST
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बागपत। बालैनी पुलिस द्वारा विवाहिता पर जानलेवा हमले और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज न करने पर तीन बहनें एसपी दफ्तर और विवाहिता के पिता कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ गए। एएसपी ने महिला थाना पुलिस को मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पीड़ितों ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी। दूसरी तरफ ससुराल पक्ष के लोगों ने एएसपी को प्रार्थना पत्र देकर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई कराने की मांग की।
सोमवार को पुरा गांव निवासी धनपाल अपनी तीन बेटियों (प्रियंका, शालू और रचना) के साथ बागपत पहुंचे। विवाहिता के पिता कलक्ट्रेट में और तीनों बहनें एसपी कार्यालय पर भूखहड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने बताया कि प्रियंका की शादी 18 फरवरी 2018 को सिरसली गांव निवासी संदीप पुत्र वेदपाल के साथ हुई। शादी के बाद से ससुराल वालों ने प्रियंका को दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। अब वे दहेज में बाइक की मांग कर रहे थे। प्रियंका ने बाइक लाने से इंकार कर दिया। इस पर 13 जून को ससुराल वालों ने प्रियंका को फांसी लगाकर मारने की कोशिश की। शोर शराब सुनकर पड़ोसियों ने उसे बचाया । इसके बाद वह अपने मायके में ही रह रही है। उन्होंने बालैनी थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे उन्हें धमका कर थाने से भगा दिया।
उन्होंने कहा कि जब तक ससुराल वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हो जाती, तब तक भूख हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। एसपी दफ्तर पर भूख हड़ताल पर बैठी तीनों बहनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने पुलिस के सामने कोर्ट में देख लेने की धमकी दी। तीनों बहनों पर दबाव भी बनाया गया, लेकिन पुलिस खड़ी तमाशा देखती रही। ससुराल वाले धमकी देकर चले गए। इस पर एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने महिला थाना बागपत पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त कर दी। दूसरी तरफ सिरसली गांव से ससुराल पक्ष के लोगों ने एएसपी को प्रार्थना पत्र देकर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा प्रियंका छह जून को मायके में आ गई तो 13 जून को उस पर हमला कैसे हो गया। इस मौके पर प्रधान राजू तोमर, सुरेंद्र सिंह तोमर, राजेंद्र सिंह, रामवीर सिंह, प्रवीन, रोहताश, सतवीर, नीटू, सदाराम आदि रहे।
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सोमवार को पुरा गांव निवासी धनपाल अपनी तीन बेटियों (प्रियंका, शालू और रचना) के साथ बागपत पहुंचे। विवाहिता के पिता कलक्ट्रेट में और तीनों बहनें एसपी कार्यालय पर भूखहड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने बताया कि प्रियंका की शादी 18 फरवरी 2018 को सिरसली गांव निवासी संदीप पुत्र वेदपाल के साथ हुई। शादी के बाद से ससुराल वालों ने प्रियंका को दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। अब वे दहेज में बाइक की मांग कर रहे थे। प्रियंका ने बाइक लाने से इंकार कर दिया। इस पर 13 जून को ससुराल वालों ने प्रियंका को फांसी लगाकर मारने की कोशिश की। शोर शराब सुनकर पड़ोसियों ने उसे बचाया । इसके बाद वह अपने मायके में ही रह रही है। उन्होंने बालैनी थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे उन्हें धमका कर थाने से भगा दिया।
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उन्होंने कहा कि जब तक ससुराल वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हो जाती, तब तक भूख हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। एसपी दफ्तर पर भूख हड़ताल पर बैठी तीनों बहनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने पुलिस के सामने कोर्ट में देख लेने की धमकी दी। तीनों बहनों पर दबाव भी बनाया गया, लेकिन पुलिस खड़ी तमाशा देखती रही। ससुराल वाले धमकी देकर चले गए। इस पर एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने महिला थाना बागपत पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त कर दी। दूसरी तरफ सिरसली गांव से ससुराल पक्ष के लोगों ने एएसपी को प्रार्थना पत्र देकर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा प्रियंका छह जून को मायके में आ गई तो 13 जून को उस पर हमला कैसे हो गया। इस मौके पर प्रधान राजू तोमर, सुरेंद्र सिंह तोमर, राजेंद्र सिंह, रामवीर सिंह, प्रवीन, रोहताश, सतवीर, नीटू, सदाराम आदि रहे।
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