फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   लूट व हत्या के खुलासे में जुटी दो टीमें

लूट व हत्या के खुलासे में जुटी दो टीमें

Sun, 14 Oct 2018 01:09 AM IST
Updated Sun, 14 Oct 2018 01:09 AM IST
विज्ञापन
लूट व हत्या के खुलासे में जुटी दो टीमें
बागपत। धनौरा सिल्वरनगर गांव में लूूट एवं वृद्ध महिला की हत्या के मामले के खुलासे के लिए पुलिस की दो टीमें लगी हुई हैं। संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन

बिनौली थाना क्षेत्र के धनौरा सिल्वरनगर गांव में गत बृहस्पतिवार रात बदमाश सोहनपाल के मकान से 4.50 लाख रुपये की नगदी, सोने-चांदी के जेवरात समेत नौ लाख रुपये का सामान लूट ले गए थे। विरोध करने पर किसान की पत्नी महावीरी (65) की धारदार हथियार से गर्दन पर वार कर हत्या कर दी थी। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने पुलिस की दो टीमें गठित कर घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए थे। पुलिस की दोनों टीमें आरोपियों का पता लगाने में जुटी हुई है। कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस सर्विलांस की भी मदद ले रही है। हालांकि अभी तक पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस आरोपियों का पता लगाने में जुटी हुई है। कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। जल्दी ही केस का खुलासा कर दिया जाएगा।
विज्ञापन


बावरिया गिरोह पर शक
बागपत। धनौरा सिल्वरनगर में लूट के बाद महिला की हत्या बावरिया गिरोह द्वारा करने की आशंका जताई जा रही है। जिले में कई वर्षों से बावरिया गिरोह सक्रिय है। पिछले साल दाहा गांव से बावरिया गिरोह के तीन बदमाशों को पुलिस पकड़ कर ले गई थी। इसके लिए गांव-गांव में बावरिया गिरोह के लोग डेरा डालकर रहते हैं। एसपी ने बताया कि पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। आसपास के गांवों में झुग्गी-झोपड़ी डालकर रहने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बदमाशों को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती
बागपत। धनौरा सिल्वरनगर में लूट व हत्या की घटना को अंजाम देने वाले बदमाश को पकड़ पाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है, क्योंकि बदमाश अपने पीछे कोई सुराग नहीं छोड़ गए हैं। किसी ने बदमाशों को आते-जाते नहीं देखा। परिजनों एवं ग्रामीणों को तो बदमाशों की संख्या तक नहीं पता। पुलिस भी अंधेरे में ही तीर चला रही है। जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, इससे साफ है कि बदमाश घर के कोने-कोने से वाकिफ थे। कोई परिचित ही घटना में शामिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed