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बुग्गी खींचने वाली मीना का अपहरण
Updated Mon, 30 Oct 2017 01:15 AM IST
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बागपत। पिता सलमू के साथ हरिद्वार गई मीना का अपहरण हो गया। दिव्यांग सलमू ने चार युवकों पर अपहरण का आरोप लगाकर पुलिस अफसरों से शिकायत की, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। अधिकारियों के दफ्तरों की ठोकर खाकर सलमू अपने घर लौट आया है। उधर, जिस खैरूना की तलाश में मीना गई थी, उसे पुलिस पहले ही लखनऊ से बरामद कर चुकी है।
हरिद्वार से बुग्गी खींचकर लाने के कारण मीना सुर्खियों में आई । पिता सलमू के साथ मीना दोबारा से खैरूना की तलाश में हरिद्वार गई, लेकिन इस बार मीना के ही अपहरण का आरोप है। सलमू ने बताया कि वह अपनी बेटी मीना और गांव के व्यक्ति महमूद के साथ मिलकर 20 दिन पहले दोबारा घोड़ा-बुग्गी से हरिद्वार के लिए निकल गया । वहां पर खैरूना को काफी तलाश किया, लेकिन कहीं पता नहीं चला। 25 अक्तूूबर को मीना दुकान पर सामान लेने गई, इसके बाद वापस नहीं लौटी। सलमू का कहना है कि उसकी बेटी का वहां पर ही रहने वाले चार युवकों ने अपहरण किया है। उसने इसकी शिकायत पुलिस अफसरों से की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परेशान होकर सलमू और महमूद वापस घर लौट आए। इससे पूरा परिवार दुखी है। उधर, खैरूना को पुलिस लखनऊ से बरामद कर चुकी है।
क्या है मामला?
निवाड़ा गांव में रहने वाली खैरूना (11) पांच जुलाई 2017 को गायब हो गई । उसे बहला-फुसलाकर अपहरण करके ले जाने का आरोप सलमू की बेटी और बड़ौत के एक युवक पर लगा । सलमू को हरिद्वार में खैरूना की होने की जानकारी मिली । करीब दो माह पहले सलमू अपने बेटी मीना, पत्नी खुर्शीदा के साथ मिलकर घोड़ा-बुग्गी से हरिद्वार में तलाश करने के लिए गया । वहां पर खैरूना तो नहीं मिली । उनका घोड़ा चोरी हो गया । परेशान होकर मीना खुद ही अपने माता-पिता को बुग्गी खींचकर शामली तक लेकर आई । पता चलने पर शामली प्रशासन ने उनको घोड़ा खरीदकर दिया । बागपत प्रशासन भी इनकी मदद में जुटा है। बीस दिन पहले वह दोबारा खैरूना को तलाश करने निकले । सलमू का आरोप है कि उस पर खैरूना को ढूंढकर लाने का दबाव बनाया गया।
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कैंटर ने घोड़ा-बुग्गी में मारी
टक्कर, सलमू बाल-बाल बचा
बागपत। सलमू ने बताया वह महमूद के साथ मिलकर घोड़ा-बुग्गी से 27 अक्तूबर को हरिद्वार से अपने घर के लिए चल दिया । छुटमलपुर के पास पहुंचने पर पीछे से आ रहे कैंटर ने घोड़ा-बुग्गी में टक्कर मार दी। इससे उनका घोड़ा घायल हो गया और बुग्गी क्षतिग्रस्त। उनकी किसी तरह जान बची। आरोपी चालक कैंटर को लेकर फरार हो गया। शनिवार रात वह मिनी ट्रक में घोड़ा-बुग्गी को लादकर अपने घर लौटा है।
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हरिद्वार से बुग्गी खींचकर लाने के कारण मीना सुर्खियों में आई । पिता सलमू के साथ मीना दोबारा से खैरूना की तलाश में हरिद्वार गई, लेकिन इस बार मीना के ही अपहरण का आरोप है। सलमू ने बताया कि वह अपनी बेटी मीना और गांव के व्यक्ति महमूद के साथ मिलकर 20 दिन पहले दोबारा घोड़ा-बुग्गी से हरिद्वार के लिए निकल गया । वहां पर खैरूना को काफी तलाश किया, लेकिन कहीं पता नहीं चला। 25 अक्तूूबर को मीना दुकान पर सामान लेने गई, इसके बाद वापस नहीं लौटी। सलमू का कहना है कि उसकी बेटी का वहां पर ही रहने वाले चार युवकों ने अपहरण किया है। उसने इसकी शिकायत पुलिस अफसरों से की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परेशान होकर सलमू और महमूद वापस घर लौट आए। इससे पूरा परिवार दुखी है। उधर, खैरूना को पुलिस लखनऊ से बरामद कर चुकी है।
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क्या है मामला?
निवाड़ा गांव में रहने वाली खैरूना (11) पांच जुलाई 2017 को गायब हो गई । उसे बहला-फुसलाकर अपहरण करके ले जाने का आरोप सलमू की बेटी और बड़ौत के एक युवक पर लगा । सलमू को हरिद्वार में खैरूना की होने की जानकारी मिली । करीब दो माह पहले सलमू अपने बेटी मीना, पत्नी खुर्शीदा के साथ मिलकर घोड़ा-बुग्गी से हरिद्वार में तलाश करने के लिए गया । वहां पर खैरूना तो नहीं मिली । उनका घोड़ा चोरी हो गया । परेशान होकर मीना खुद ही अपने माता-पिता को बुग्गी खींचकर शामली तक लेकर आई । पता चलने पर शामली प्रशासन ने उनको घोड़ा खरीदकर दिया । बागपत प्रशासन भी इनकी मदद में जुटा है। बीस दिन पहले वह दोबारा खैरूना को तलाश करने निकले । सलमू का आरोप है कि उस पर खैरूना को ढूंढकर लाने का दबाव बनाया गया।
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कैंटर ने घोड़ा-बुग्गी में मारी
टक्कर, सलमू बाल-बाल बचा
बागपत। सलमू ने बताया वह महमूद के साथ मिलकर घोड़ा-बुग्गी से 27 अक्तूबर को हरिद्वार से अपने घर के लिए चल दिया । छुटमलपुर के पास पहुंचने पर पीछे से आ रहे कैंटर ने घोड़ा-बुग्गी में टक्कर मार दी। इससे उनका घोड़ा घायल हो गया और बुग्गी क्षतिग्रस्त। उनकी किसी तरह जान बची। आरोपी चालक कैंटर को लेकर फरार हो गया। शनिवार रात वह मिनी ट्रक में घोड़ा-बुग्गी को लादकर अपने घर लौटा है।