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दहेज उत्पीडन में पति और ससुर को तीन-तीन साल की सजा
Updated Fri, 01 Sep 2017 01:28 AM IST
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बागपत। दहेज के लिए विवाहिता का उत्पीड़न करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी पति और ससुर को दोषी माना। कोर्ट ने उनको तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। सास समेत चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
बड़ौत निवासी मोहम्मद इस्लाम ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी बेटी अफरोज का निकाह छह फरवरी 2005 को नदीम निवासी पिलखुवा के साथ हुआ । बेटी के ससुराल वाले दहेज की मांग कर रहे थे। छह जुलाई 2005 को मायके में आकर ससुरालियों ने उसके साथ मारपीट की । बड़ौत कोतवाली पर आरोपी पति नदीम, ससुर मोहम्मद अहमद, सास निशा उर्फ अनिशा के अलावा वहीद, सईद, समीना के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
एडीजीसी सुरेंद्र यादव ने बताया केस एडीजे प्रथम रमेश चंद्र दिवाकर की कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट ने केस की सुनवाई कर आरोपी पति नदीम और ससुर मोहम्मद अहमद को साक्ष्य के आधार पर दोषी मानकर तीन-तीन साल की सजा सुनाई और सात-सात हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही कोर्ट ने आरोपी सास निशा उर्फ अनिशा के अलावा सईद, समीना, वहीद को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
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बड़ौत निवासी मोहम्मद इस्लाम ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी बेटी अफरोज का निकाह छह फरवरी 2005 को नदीम निवासी पिलखुवा के साथ हुआ । बेटी के ससुराल वाले दहेज की मांग कर रहे थे। छह जुलाई 2005 को मायके में आकर ससुरालियों ने उसके साथ मारपीट की । बड़ौत कोतवाली पर आरोपी पति नदीम, ससुर मोहम्मद अहमद, सास निशा उर्फ अनिशा के अलावा वहीद, सईद, समीना के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
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एडीजीसी सुरेंद्र यादव ने बताया केस एडीजे प्रथम रमेश चंद्र दिवाकर की कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट ने केस की सुनवाई कर आरोपी पति नदीम और ससुर मोहम्मद अहमद को साक्ष्य के आधार पर दोषी मानकर तीन-तीन साल की सजा सुनाई और सात-सात हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही कोर्ट ने आरोपी सास निशा उर्फ अनिशा के अलावा सईद, समीना, वहीद को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
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