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युवक को घर से उठाकर फर्जीँ मुठभेड़ में फंसाने का आरोप
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बागपत। पाबला बेगमाबाद गांव के ग्रामीणों ने एसपी दफ्तर में धरना दिया। कोतवाली पुलिस पर युवक को फर्जी मुठभेड़ दिखाकर फंसाने का आरोप लगाया। एएसपी से परिजनों की नोंक झोंक हुई। एएसपी ने मामले की जांच सीओ बागपत दिलीप सिंह को सौंप दी। एएसपी के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए और वापस लौट गए।
एसपी दफ्तर पर धरना दे रहे ग्रामीणों ने बताया कि कोतवाली प्रभारी शिव प्रकाश सिंह 31 जनवरी की रात में साढ़े आठ बजे अनिल धामा पुत्र श्रीपाल सिंह को पूछताछ के लिए घर से उठाकर लाए थे। कोतवाल ने एक-दो घंटे में वापस घर भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन पुलिस ने युवक को नहीं छोड़ा। एक जनवरी को पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर अनिल को झूठा फंसा दिया। उस पर दस हजार रुपये का ईनाम दिखाकर गैंगस्टर एक्ट में आरोपी बनाया। उससे तमंचा भी बरामद दिखाया। जबकि मुठभेड़ पूरी तरह से फर्जी है। धरनारत ग्रामीणों के बीच एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव पहुंचे। ग्रामीणों की एएसपी से नोंक झोंक हुई। युवक की मां हरवती देवी ने कहा कि पुलिस ने उसके बेटे को बदमाश बना दिया। वर्ष 2018 में ट्रक चालक के साथ मारपीट की घटना हुई। पुलिस ने लूट का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया। इतना ही नहीं गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध कर दिया और उस पर दस हजार रुपये का ईनाम भी घोषित कर दिया।
चेतावनी दी कि यदि बेटे पर लगाए फर्जी मुकदमों को वापस नहीं लिया तो वह एसपी दफ्तर पर आत्महत्या कर लेगी। एएसपी राजेश श्रीवास्तव ने पूरे प्रकरण की जांच सीओ बागपत दिलीप सिंह को सौंप दी। एएसपी ने आश्वासन दिया कि यदि मुकदमे झूठे है तो उन्हें वापस ले लिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीण शांत पड़े। इस मौके पर भाकियू के जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, सचिन धामा, देवेंद्र धामा, पवन धामा, मनोज, संजय धामा, मनीष धामा, हरबीर सिंह, भागल देवी, विमला आदि रहे।
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यह था मामला
बागपत। कोतवाली पुलिस ने चमरावल रोड पर शुक्रवार को मुठभेड़ के बाद गैंगस्टर एक्ट में फरार चल रहे दस-दस हजार के ईनामी अनिल पुत्र श्रीपाल निवासी पाबला बेगमाबाद, लीलू पुत्र ज्ञानचंद निवासी बंबावड़ थाना बादलपुर जनपद गौतमबुद्धनगर हाल पाबला बेगमाबाद, अभिषेक पुत्र जतन पाल निवासी सलावतपुर खेड़ी थाना खेकड़ा को गिरफ्तार किया।
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एसपी दफ्तर पर धरना दे रहे ग्रामीणों ने बताया कि कोतवाली प्रभारी शिव प्रकाश सिंह 31 जनवरी की रात में साढ़े आठ बजे अनिल धामा पुत्र श्रीपाल सिंह को पूछताछ के लिए घर से उठाकर लाए थे। कोतवाल ने एक-दो घंटे में वापस घर भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन पुलिस ने युवक को नहीं छोड़ा। एक जनवरी को पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर अनिल को झूठा फंसा दिया। उस पर दस हजार रुपये का ईनाम दिखाकर गैंगस्टर एक्ट में आरोपी बनाया। उससे तमंचा भी बरामद दिखाया। जबकि मुठभेड़ पूरी तरह से फर्जी है। धरनारत ग्रामीणों के बीच एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव पहुंचे। ग्रामीणों की एएसपी से नोंक झोंक हुई। युवक की मां हरवती देवी ने कहा कि पुलिस ने उसके बेटे को बदमाश बना दिया। वर्ष 2018 में ट्रक चालक के साथ मारपीट की घटना हुई। पुलिस ने लूट का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया। इतना ही नहीं गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध कर दिया और उस पर दस हजार रुपये का ईनाम भी घोषित कर दिया।
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चेतावनी दी कि यदि बेटे पर लगाए फर्जी मुकदमों को वापस नहीं लिया तो वह एसपी दफ्तर पर आत्महत्या कर लेगी। एएसपी राजेश श्रीवास्तव ने पूरे प्रकरण की जांच सीओ बागपत दिलीप सिंह को सौंप दी। एएसपी ने आश्वासन दिया कि यदि मुकदमे झूठे है तो उन्हें वापस ले लिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीण शांत पड़े। इस मौके पर भाकियू के जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, सचिन धामा, देवेंद्र धामा, पवन धामा, मनोज, संजय धामा, मनीष धामा, हरबीर सिंह, भागल देवी, विमला आदि रहे।
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यह था मामला
बागपत। कोतवाली पुलिस ने चमरावल रोड पर शुक्रवार को मुठभेड़ के बाद गैंगस्टर एक्ट में फरार चल रहे दस-दस हजार के ईनामी अनिल पुत्र श्रीपाल निवासी पाबला बेगमाबाद, लीलू पुत्र ज्ञानचंद निवासी बंबावड़ थाना बादलपुर जनपद गौतमबुद्धनगर हाल पाबला बेगमाबाद, अभिषेक पुत्र जतन पाल निवासी सलावतपुर खेड़ी थाना खेकड़ा को गिरफ्तार किया।