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भाई ने ही सुपारी देकर कराई थी अवधेश की हत्या
Updated Wed, 30 May 2018 01:12 AM IST
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बागपत। भाई ने 40 हजार रूपये की सुपारी देकर दोस्तों से गाधी गांव में अवधेश की हत्या कराई । पुलिस ने आरोपी भाई को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। पुलिस फरार दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है।
एसपी जयप्रकाश ने पत्रकारों को बताया कि 26 मई को गाधी-सूजरा मार्ग पर अवधेश शर्मा पुत्र चंद्रपाल का शव छोटा हाथी गाड़ी मेें मिला था। उसकी गला दबाकर हत्या की। 28 मई को मृतक की बेटी आरती ने अपने चाचा आदेश, उसके दोस्त सचिन व लोकेश के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई । पुलिस ने 29 मई को मृतक के भाई आदेश को गिरफ्तार किया। आदेश ने पूछताछ में बताया कि मृतक अवधेश उसके साथ मारपीट करता रहता था और उससे घर का सारा काम करवाता था। इसी बात से उसे नफरत हो गई । वह दिव्यांग है, इसलिए वह उसे मार नहीं पाता था। उसने अपने दोस्त सचिन उर्फ लाला पुत्र गिरीराज और लोकेश उर्फ लाल पुत्र आनंद निवासी गाधी को 40 हजार रुपये देकर अपने भाई की हत्या करवा दी। 25 मई को भाई गाड़ी लेकर किसान सेवा सहकारी समिति गठीना में यूरिया खाद लेने के लिए गया। उसने अपने दोस्तों की इसकी जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने लौटते समय गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा। एसपी ने बताया कि फरार दोनों हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें बनाकर दबिशें दी जा रही है। जल्दी ही दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
तीन साल पहले भी हुआ था हमला
बागपत। मृतक अवधेश पर तीन साल पहले भी कातिलाना हमला हुआ था। उसे चाकू से गोद कर मारने की कोशिश की, लेकिन वह बच गया । इसमें भी छोटे भाई आदेश का नाम आया। परिजनों ने दोनों भाइयों में समझौता करा दिया। मृतक ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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दो दिन तक किसी ने दर्ज नहीं कराई रिपोर्ट
बागपत। अवधेश शर्मा की हत्या के मामले में दो दिन तक कोई भी व्यक्ति कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने तक नहीं आया। परिजन तो उसका पोस्टमार्टम भी नहीं कराने चाहते थे। दो दिन बाद मृतक की बेटी आरती कोतवाली पहुंची और अपने चाचा के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।
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एसपी जयप्रकाश ने पत्रकारों को बताया कि 26 मई को गाधी-सूजरा मार्ग पर अवधेश शर्मा पुत्र चंद्रपाल का शव छोटा हाथी गाड़ी मेें मिला था। उसकी गला दबाकर हत्या की। 28 मई को मृतक की बेटी आरती ने अपने चाचा आदेश, उसके दोस्त सचिन व लोकेश के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई । पुलिस ने 29 मई को मृतक के भाई आदेश को गिरफ्तार किया। आदेश ने पूछताछ में बताया कि मृतक अवधेश उसके साथ मारपीट करता रहता था और उससे घर का सारा काम करवाता था। इसी बात से उसे नफरत हो गई । वह दिव्यांग है, इसलिए वह उसे मार नहीं पाता था। उसने अपने दोस्त सचिन उर्फ लाला पुत्र गिरीराज और लोकेश उर्फ लाल पुत्र आनंद निवासी गाधी को 40 हजार रुपये देकर अपने भाई की हत्या करवा दी। 25 मई को भाई गाड़ी लेकर किसान सेवा सहकारी समिति गठीना में यूरिया खाद लेने के लिए गया। उसने अपने दोस्तों की इसकी जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने लौटते समय गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा। एसपी ने बताया कि फरार दोनों हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें बनाकर दबिशें दी जा रही है। जल्दी ही दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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तीन साल पहले भी हुआ था हमला
बागपत। मृतक अवधेश पर तीन साल पहले भी कातिलाना हमला हुआ था। उसे चाकू से गोद कर मारने की कोशिश की, लेकिन वह बच गया । इसमें भी छोटे भाई आदेश का नाम आया। परिजनों ने दोनों भाइयों में समझौता करा दिया। मृतक ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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दो दिन तक किसी ने दर्ज नहीं कराई रिपोर्ट
बागपत। अवधेश शर्मा की हत्या के मामले में दो दिन तक कोई भी व्यक्ति कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने तक नहीं आया। परिजन तो उसका पोस्टमार्टम भी नहीं कराने चाहते थे। दो दिन बाद मृतक की बेटी आरती कोतवाली पहुंची और अपने चाचा के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।