फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   स्वास्थ्य पर्यवेक्षक से रिश्वत मांगने पर रिटायर दरोगा पर केस दर्ज

स्वास्थ्य पर्यवेक्षक से रिश्वत मांगने पर रिटायर दरोगा पर केस दर्ज

Tue, 28 Nov 2017 01:22 AM IST
Updated Tue, 28 Nov 2017 01:22 AM IST
विज्ञापन
स्वास्थ्य पर्यवेक्षक से रिश्वत मांगने पर रिटायर दरोगा पर केस दर्ज
छपरौली (बागपत)। बड़ौत सीएचसी में तैनात स्वास्थ्य पर्यवेक्षक से दरोगा के रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण की रिपोर्ट लगाने के नाम पर रुपये की मांग की गई। आरोपी दरोगा सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पीड़ित की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
विज्ञापन

छपरौली क्षेत्र के गांव सिलाना निवासी उदयवीर मलिक ने बताया कि वह बड़ौत सीएचसी में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के पद पर तैनात है। उसके नाम बंदूक का 29 मई 2000 को लाइसेंस जारी हुआ । वर्ष 2009 में उसके खिलाफ रंजिश के चलते हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज हुआ । पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगेस्टर की भी कार्रवाई की। वह दोनों ही केस में कोर्ट से दोषमुक्त हो गया है। वह अपने शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के संबंध में 15 जून 2017 को छपरौली थाने में गया। उस समय वहां पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने दरोगा उदयवीर सिंह से मिलने को कहा। दरोगा ने अगले दिन थाने में बुलाया। 16 तारीख को थाने में पहुंचा तो दरोगा उदयवीर सिंह नहीं मिले। फोन से बात की तो दरोगा ने शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण की रिपोर्ट लगाने के लिए रुपये की मांग की। इस संबंध में थाने के एक पुलिस वाले से मिलने को कहा। आरोपी दरोगा की उसके पास रुपये की मांग करने की मोबाइल में रिकार्डिंग है। इसकी थाने में शिकायत की, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में एसपी से शिकायत की। आरोपी दरोगा सेवानिवृत्त हो गए हैं। इस मामले में आरोपी सेवानिवृत्त दरोगा उदयवीर सिंह के खिलाफ 7/15 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। छपरौली थाना प्रभारी बृजेश कुमार कुशवाहा ने कहा केस की विवेचना के आधार पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन


एक पुलिस वाले को अफसरों ने दे दी क्लीन चिट
बागपत। पीड़ित उदयवीर सिंह ने कहा रिश्वत मांगने में सेवानिवृत्त दरोगा के अलावा एक पुलिसकर्मी ओर शामिल रहा था। केस की जांच कर अफसरों ने पुलिस कर्मी को क्लीन चिट दे दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री और मानवाधिकार आयोग से की शिकायत
बागपत। पीड़ित का कहना है कि इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और मानवाधिकार आयोग में की गई है। पीड़ित ने कहा न्याय के लिए संघर्ष किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed