{"_id":"59c2cbfe4f1c1b2f688b57cd","slug":"111505938430-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफ्रीका में बड़ौत निवासियों को बंधक बनाकर कराई मजदूरी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अफ्रीका में बड़ौत निवासियों को बंधक बनाकर कराई मजदूरी
Updated Thu, 21 Sep 2017 01:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
ठेकेदार ने अफ्रीका के एव्रीकोस्ट नगर के राइस मिल में बंधक बनाकर मजदूरी से एक साल तक मजदूरी कराई और पैसा मांगने पर ठेकेदार ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित मजदूरों ने कोतवाली में पहुंचकर ठेकेदार के खिलाफ तहरीर दी।
पीड़ित मजदूरों ने दी तहरीर में कहा गुराना रोड बड़ौत का रहने वाला ठेकेदार शकील प्रति माह 30 हजार रुपये की मजदूरी पर एक साल पहले साजिद और वसीम निवासी बड़ौली, जहीर निवासी नसौली, अबिद बड़ौत सहित अन्य स्थानों से 15-20 मजदूरों को एक साल पहले अफ्रीका के एव्रीकोस्ट नगर में स्थित राइस मिल में मजदूरी करने ले गया । वहां दो माह तक तो उन्हें मजदूरी का पैसा मिला। इसके बाद ठेकेदार वहां से भाग कर बड़ौत आ गया और 10 माह तक वे वहां बंधक मजदूरी करते रहे, क्योंकि ठेकेदार वहां से पेशगी लेकर चला आया। एक साल होने के बाद राइस मिल के मालिक ने उन्हें मुक्त किया तो वे अपने देश पहुंचे और बड़ौत पहुंचकर ठेकेदार की तलाश कर मजदूरी मांगी तो उसने उन्हें पैसा देने के स्थान पर जान से मारने की धमकी दी। कोतवाली प्रभारी हरे राम यादव ने बताया तहरीर लेकर मामले में जांच शुरू कर दी।
विज्ञापन
ठेकेदार ने अफ्रीका के एव्रीकोस्ट नगर के राइस मिल में बंधक बनाकर मजदूरी से एक साल तक मजदूरी कराई और पैसा मांगने पर ठेकेदार ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित मजदूरों ने कोतवाली में पहुंचकर ठेकेदार के खिलाफ तहरीर दी।
पीड़ित मजदूरों ने दी तहरीर में कहा गुराना रोड बड़ौत का रहने वाला ठेकेदार शकील प्रति माह 30 हजार रुपये की मजदूरी पर एक साल पहले साजिद और वसीम निवासी बड़ौली, जहीर निवासी नसौली, अबिद बड़ौत सहित अन्य स्थानों से 15-20 मजदूरों को एक साल पहले अफ्रीका के एव्रीकोस्ट नगर में स्थित राइस मिल में मजदूरी करने ले गया । वहां दो माह तक तो उन्हें मजदूरी का पैसा मिला। इसके बाद ठेकेदार वहां से भाग कर बड़ौत आ गया और 10 माह तक वे वहां बंधक मजदूरी करते रहे, क्योंकि ठेकेदार वहां से पेशगी लेकर चला आया। एक साल होने के बाद राइस मिल के मालिक ने उन्हें मुक्त किया तो वे अपने देश पहुंचे और बड़ौत पहुंचकर ठेकेदार की तलाश कर मजदूरी मांगी तो उसने उन्हें पैसा देने के स्थान पर जान से मारने की धमकी दी। कोतवाली प्रभारी हरे राम यादव ने बताया तहरीर लेकर मामले में जांच शुरू कर दी।
विज्ञापन