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कांच खाने वाले बंदी की जिला कारागार में मौत
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बागपत। तीन दिन पहले कांच खाने वाले बंदी की जिला कारागार में मौत हो गई। मृत अवस्था में बंदी को जिला अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नायब तहसीलदार ने शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया और जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
बिनौली थाना क्षेत्र के जिवाना गुलियान गांव निवासी शाकिर (31) पुत्र असगर फेरी पर कपड़ा बेचता था। पांच माह पहले चोरी के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे जेल भेजा। अब वह जिला कारागार में बंद था। तीन दिन पहले उसे पेट की बीमारी से परेशान होकर कांच खा लिया था। जिला अस्पताल में इलाज कराकर बंदी रक्षक उसे वापस जेल ले गए । शनिवार शाम जेल में बंदी की मौत हो गई। इससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन उसे जिला अस्पताल भेजा। वहां के चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया। सूचना मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंचे और वहां जिला जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। शाकिर के चचेरे भाई तोहसिफ, जाबिर, जुल्फिकार, आरिफ, मोमिन आदि ने कहा जेल प्रशासन ने शाकिर के बीमार होने की जानकारी परिजनों को नहीं दी। जेल प्रशासन की लापरवाही के कारण उसकी मौत हुई है। उन्होंने जेलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। नायब तहसीलदार देवेंद्र कुमार मिश्रा ने शव का पंचनामा भरा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के भेजा। जेल अधीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि मृतक को पेट और सीने में दर्द की शिकायत थी। उसका इलाज कराया जा रहा था। शनिवार शाम अचानक उसकी हालत खराब हो गई। उसे बंदी रक्षक जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे, रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों जो आरोप लगा रहे है, वे निराधार हैं।
बहन को बताया था जेल का हाल
बागपत। मृतक शाकिर की बहन मुनेश निवासी बुढ़ाना ने बताया कि न्यायालय में पांच दिन पहले वह पेशी पर आया था। वह बहुत दुखी था। रो-रोकर कह रहा था कि उसकी जमानत करा दे। जेल में बंदी रक्षकों पर पिटाई का आरोप लगाया था। मुनेश का आरोप है कि उसका भाई बीमार नहीं था। जेल प्रशासन ने उसकी हत्या की। डीएम से मांग कि जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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मृत अवस्था में लाया गया बंदी
बागपत। जिला अस्पताल में तैनात डॉ. दिनेश पांडेय ने बताया कि 26 जनवरी की शाम छह बजे जेल से बंदी रक्षक भानु और प्रशांत बंदी शाकिर को मृत अवस्था में लेकर आए थे। उन्होंने कोतवाली पुलिस को मीमो भेजकर सूचना दी।
बंदी की मौत की होगी मजिस्ट्रेटी जांच
बागपत। नायब तहसीलदार देवेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि बंदी शाकिर की मौत मजिस्ट्रेटी जांच होगी। यदि जेल प्रशासन की लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी।
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बिनौली थाना क्षेत्र के जिवाना गुलियान गांव निवासी शाकिर (31) पुत्र असगर फेरी पर कपड़ा बेचता था। पांच माह पहले चोरी के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे जेल भेजा। अब वह जिला कारागार में बंद था। तीन दिन पहले उसे पेट की बीमारी से परेशान होकर कांच खा लिया था। जिला अस्पताल में इलाज कराकर बंदी रक्षक उसे वापस जेल ले गए । शनिवार शाम जेल में बंदी की मौत हो गई। इससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन उसे जिला अस्पताल भेजा। वहां के चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया। सूचना मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंचे और वहां जिला जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। शाकिर के चचेरे भाई तोहसिफ, जाबिर, जुल्फिकार, आरिफ, मोमिन आदि ने कहा जेल प्रशासन ने शाकिर के बीमार होने की जानकारी परिजनों को नहीं दी। जेल प्रशासन की लापरवाही के कारण उसकी मौत हुई है। उन्होंने जेलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। नायब तहसीलदार देवेंद्र कुमार मिश्रा ने शव का पंचनामा भरा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के भेजा। जेल अधीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि मृतक को पेट और सीने में दर्द की शिकायत थी। उसका इलाज कराया जा रहा था। शनिवार शाम अचानक उसकी हालत खराब हो गई। उसे बंदी रक्षक जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे, रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों जो आरोप लगा रहे है, वे निराधार हैं।
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बहन को बताया था जेल का हाल
बागपत। मृतक शाकिर की बहन मुनेश निवासी बुढ़ाना ने बताया कि न्यायालय में पांच दिन पहले वह पेशी पर आया था। वह बहुत दुखी था। रो-रोकर कह रहा था कि उसकी जमानत करा दे। जेल में बंदी रक्षकों पर पिटाई का आरोप लगाया था। मुनेश का आरोप है कि उसका भाई बीमार नहीं था। जेल प्रशासन ने उसकी हत्या की। डीएम से मांग कि जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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मृत अवस्था में लाया गया बंदी
बागपत। जिला अस्पताल में तैनात डॉ. दिनेश पांडेय ने बताया कि 26 जनवरी की शाम छह बजे जेल से बंदी रक्षक भानु और प्रशांत बंदी शाकिर को मृत अवस्था में लेकर आए थे। उन्होंने कोतवाली पुलिस को मीमो भेजकर सूचना दी।
बंदी की मौत की होगी मजिस्ट्रेटी जांच
बागपत। नायब तहसीलदार देवेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि बंदी शाकिर की मौत मजिस्ट्रेटी जांच होगी। यदि जेल प्रशासन की लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी।