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अस्पताल पहुंची संदिग्ध टीम
Updated Wed, 03 Jan 2018 01:13 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
गांधी रोड स्थित एक अस्पताल में कई दिन पहले प्रसव के दौरान महिला की मौत के बाद मंगलवार को सुबह से ही अस्पताल के चिकित्सक से बार-बार फोन करके जांच के नाम पर 15 लाख रुपये की मांग की गई। शाम के समय अपने को भारतीय केंद्रीय शिक्षा परिषद का सदस्य बताकर दो लोगों को (दिल्ली पुलिस का सिपाही) अपने साथ लेकर अस्पताल पहुंचा। उन्होंने चिकित्सक, कंपाउंडर सहित अन्य लोगों के मोबाइल छीने और मरीजों को बाहर भगाते हुए कहा कि जांच की जा रही है। इस पर आईएमए के चिकित्सक भी अस्पताल में पहुंचे और वे अपनी जांच की पुष्टि नहीं कर पाए तो उन्हें घेर लिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को कोतवाली ले आई। देर रात तक कोतवाली में मामला विचाराधीन है और चिकित्सक भी कोतवाली में मौजूद रहे। जिन्हें दिल्ली पुलिस सिपाही बताया , वे बागपत जनपद के हैं और दिल्ली में पढ़ रहे हैं। इस कारण देर रात तक कोतवाली में हंगामे की स्थिति बनी रही।
गांधी रोड स्थित डॉ. संजय जैन के यहां प्रसव के दौरान कई दिन महिला की मौत हो गई। इसी का हवाला देते हुए अपने को भारतीय केंद्रीय शिक्षा परिषद का व्यक्ति बताने वाले ने चिकित्सक को सुबह से कई बार फोन कर 15 लाख रुपये की मांग की, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया तो देर शाम अपने को चिकित्सा परिषद का सदस्य वाला एसके वशिष्ठ नामक व्यक्ति अपने साथ दो लोगों को लेकर अस्पताल पहुंचा और उन्हें दिल्ली पुलिस को सिपाही बताया। उन्होंने जाते ही डॉ. संजय जैन सहित अन्य चिकित्सकों व अन्य कंपाउंडरों के मोबाइल छीने और उन्हें बाहर भगा दिया। जब चिकित्सक ने उनसे पूछा तो उन्होंने उनसे अभद्रता की। चिकित्सक ने आईएमए के अध्यक्ष डॉ. सुखपाल को सूचना दी तो वे डॉ. रविंद्र वर्मा, दिनेश बंसल, सीपीएस तोमर, संजय जैन, डॉ. अनुराग मित्तल, अमित खोखर को लेकर अस्पताल में पहुंचे और उन्होंने उन्हें घेर लिया और इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को कोतवाली ले आई। देर रात तक एसके वशिष्ठ नामक व्यक्ति अपनी सफाई देता रहा, लेकिन उनके साथ रहे सौरभ पुत्र वीरसैन निवासी चोर मऊ थाना बालैनी, विपिन शबगा, जो मुखर्जी नगर दिल्ली में उनके आवास के पास ही रहते हैं, उन्हें भी पुलिस कोतवाली ले आई। उन्होंने बताया कि वे एसके वशिष्ठ के पास दिल्ली में ही रहकर पढ़ाई कर रहे हैं और वह उन्हें यह कहकर लाया था कि वे दिल्ली पुलिस के सिपाही हैं। फिलहाल डॉ. संजय जैन ने उनके खिलाफ तहरीर दी है। देर रात तक पुलिस मामले की जांच में जुटी रही। कोतवाली में देर रात तक चिकित्सक भी मौजूद रहे।
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गांधी रोड स्थित एक अस्पताल में कई दिन पहले प्रसव के दौरान महिला की मौत के बाद मंगलवार को सुबह से ही अस्पताल के चिकित्सक से बार-बार फोन करके जांच के नाम पर 15 लाख रुपये की मांग की गई। शाम के समय अपने को भारतीय केंद्रीय शिक्षा परिषद का सदस्य बताकर दो लोगों को (दिल्ली पुलिस का सिपाही) अपने साथ लेकर अस्पताल पहुंचा। उन्होंने चिकित्सक, कंपाउंडर सहित अन्य लोगों के मोबाइल छीने और मरीजों को बाहर भगाते हुए कहा कि जांच की जा रही है। इस पर आईएमए के चिकित्सक भी अस्पताल में पहुंचे और वे अपनी जांच की पुष्टि नहीं कर पाए तो उन्हें घेर लिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को कोतवाली ले आई। देर रात तक कोतवाली में मामला विचाराधीन है और चिकित्सक भी कोतवाली में मौजूद रहे। जिन्हें दिल्ली पुलिस सिपाही बताया , वे बागपत जनपद के हैं और दिल्ली में पढ़ रहे हैं। इस कारण देर रात तक कोतवाली में हंगामे की स्थिति बनी रही।
गांधी रोड स्थित डॉ. संजय जैन के यहां प्रसव के दौरान कई दिन महिला की मौत हो गई। इसी का हवाला देते हुए अपने को भारतीय केंद्रीय शिक्षा परिषद का व्यक्ति बताने वाले ने चिकित्सक को सुबह से कई बार फोन कर 15 लाख रुपये की मांग की, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया तो देर शाम अपने को चिकित्सा परिषद का सदस्य वाला एसके वशिष्ठ नामक व्यक्ति अपने साथ दो लोगों को लेकर अस्पताल पहुंचा और उन्हें दिल्ली पुलिस को सिपाही बताया। उन्होंने जाते ही डॉ. संजय जैन सहित अन्य चिकित्सकों व अन्य कंपाउंडरों के मोबाइल छीने और उन्हें बाहर भगा दिया। जब चिकित्सक ने उनसे पूछा तो उन्होंने उनसे अभद्रता की। चिकित्सक ने आईएमए के अध्यक्ष डॉ. सुखपाल को सूचना दी तो वे डॉ. रविंद्र वर्मा, दिनेश बंसल, सीपीएस तोमर, संजय जैन, डॉ. अनुराग मित्तल, अमित खोखर को लेकर अस्पताल में पहुंचे और उन्होंने उन्हें घेर लिया और इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को कोतवाली ले आई। देर रात तक एसके वशिष्ठ नामक व्यक्ति अपनी सफाई देता रहा, लेकिन उनके साथ रहे सौरभ पुत्र वीरसैन निवासी चोर मऊ थाना बालैनी, विपिन शबगा, जो मुखर्जी नगर दिल्ली में उनके आवास के पास ही रहते हैं, उन्हें भी पुलिस कोतवाली ले आई। उन्होंने बताया कि वे एसके वशिष्ठ के पास दिल्ली में ही रहकर पढ़ाई कर रहे हैं और वह उन्हें यह कहकर लाया था कि वे दिल्ली पुलिस के सिपाही हैं। फिलहाल डॉ. संजय जैन ने उनके खिलाफ तहरीर दी है। देर रात तक पुलिस मामले की जांच में जुटी रही। कोतवाली में देर रात तक चिकित्सक भी मौजूद रहे।
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