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Baghpat News: बस...दो कदम आगे होने से बच गई चार की जान, पीछे सबकुछ जमींदोज मिला
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वैष्णो देवी में हुए हादसे की खबर से संबंधित फोटो। गमजदा बैठे खेकड़ा के छोटा बाजार निवासी मयंक
खेकड़ा। वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्लखन होने पर व्यापारी मयंक गोयल, मां गीता, साढू अमित व उनकी बेटी विधि की जान सिर्फ दो कदम आगे होने पर बच गई। दो कदम पीछे तक की जमीन, सड़क, टीन शेड से लेकर दुकानें और श्रद्धालु भूस्खलन से जमीन में समा गए। वहां पर टीन शेड व मलबे की चपेट में आकर वे चारों भी घायल हो गए।
भूस्खलन में घायल हुए व्यापारी मयंक गोयल ने अपने छोटे भाई वंश गोयल को फोन कर घटना की जानकारी दी। वंश के अनुसार मयंक ने वहां की पूरी स्थिति बताई और पत्नी चांदनी व साली नीरा के भूस्खलन में लापता होने के बारे में बताया। मयंक गोयल ने उनको बताया कि वह अमित, मां गीता और विधि के साथ आगे चल रहे थे, जबकि थोड़ा पीछे चांदनी और नीरा चल रही थीं। अर्धकुंवारी के पास पहुंचे तो उनके हाथ में टीन शेड का पाइप उखड़कर लगा, इससे वे घायल हो गए।
उन्होंने पीछे देखा तो दो कदम पीछे चल रहे सभी भूस्खलन के कारण मलबे में दब गए। वह अपने साढू अमित के साथ मां गीता और विधि को बचाने के लिए आगे लेकर भागे। थोड़ी देर बाद सैनिक वहां आ गए और उन्होंने राहत कार्य शुरू कर दिया। करीब पांच घंटे बाद सैनिकों ने टीन शेड के नीचे दबी चांदनी और नीरा के शव बरामद किए। उनका उपचार कराया गया और दोनों शवों को कटड़ा लाकर बुधवार को पोस्टमार्टम के लिए जम्मू कश्मीर भेज दिया। उधर, वंश भी अपने मकान का ताला लगाकर ताऊ के घर आ गया।
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पहले यात्रा अच्छी बताई, दोबारा बोले कि मेरी दुनिया उजड़ गई
वंश गोयल ने बताया कि 26 अगस्त की सुबह कटड़ा पहुंचे मयंक गोयल से उन्होंने दोपहर करीब एक बजकर 45 मिनट पर बात की थी। तब वे चरण पादुका के समीप पहुंच चुके थे। इसके अलावा माता वैष्णो देवी की यात्रा को लेकर काफी खुश भी नजर आ रहे थे। इसके बाद दोपहर में हादसा होने की जानकारी हुई तो उन्होंने बड़े भाई मयंक से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। तीन बजकर नौ मिनट पर फोन पर संपर्क हुआ तो मयंक ने चांदनी के भूस्खलन में लापता होने और दुनिया उजड़ने की जानकारी दी। इसके बाद बुधवार को फोन कर उन्हें शव मिलने के बारे में बताया।
व्यापारी की ताई ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा निरस्त की
व्यापारी मयंक गोयल की ताई रेणू पिछले काफी समय से कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने की तैयारी कर रही थीं। इसके लिए उन्होंने पासपोर्ट तैयार कराकर आवेदन किया। अब उनका वीजा भी मंजूर हो गया। कुछ दिन बाद कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर लखनऊ से 50 यात्रियों का समूह रवाना होना था, लेकिन हादसे का पता चलते ही उन्होंने लखनऊ की एजेंसी को फोन कर अपनी यात्रा निरस्त कर दी। ताऊ अनिल गोयल ने बताया कि परिवार में हादसा होने पर यात्रा निरस्त की गई।
जून माह में छोटा भाई गया था वैष्णो देवी दर्शन करने
वंश ने बताया कि परिवार के सदस्य माता वैष्णो देवी में आस्था रखते हैं। इसके चलते बार-बार दर्शन करने जाते रहते हैं। मयंक खुद नौ बार व तहेरे भाई मुकुल 12 बार से ज्यादा दर्शन करने जा चुके हैं। वे जून में परिवार के सदस्यों के साथ वैष्णो देवी यात्रा पर दर्शन करने गए थे।
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वैष्णो देवी मार्ग पर हुए भूस्खलन से फंसे धनौरा के संदीप
बिनौली। माता वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन होने से धनौरा सिल्वरनगर के दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल संदीप कुमार अपने कई दोस्तों के साथ वहां फंस गए। संदीप कुमार 25 अगस्त को दिल्ली से अपने कई दोस्तों के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए गए थे। जब वह दर्शन करके वापस लौट रहे थे तो भूस्खलन हुआ। अत्यधिक कटाव के कारण यात्रा रोक दी गई। संदीप के छोटे भाई डॉ. सुशील वत्स ने बताया कि उन्होंने जब इसकी जानकारी दिल्ली पुलिस प्रशासन की तो उन्होंने जानकारी दी। वहां मोबाइल नेटवर्क काम नहीं कर रहे। प्रशासन राहत कार्य में जुटा हुआ है। परिवार वाले उनको लेकर चिंतित हैं।
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भूस्खलन में घायल हुए व्यापारी मयंक गोयल ने अपने छोटे भाई वंश गोयल को फोन कर घटना की जानकारी दी। वंश के अनुसार मयंक ने वहां की पूरी स्थिति बताई और पत्नी चांदनी व साली नीरा के भूस्खलन में लापता होने के बारे में बताया। मयंक गोयल ने उनको बताया कि वह अमित, मां गीता और विधि के साथ आगे चल रहे थे, जबकि थोड़ा पीछे चांदनी और नीरा चल रही थीं। अर्धकुंवारी के पास पहुंचे तो उनके हाथ में टीन शेड का पाइप उखड़कर लगा, इससे वे घायल हो गए।
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उन्होंने पीछे देखा तो दो कदम पीछे चल रहे सभी भूस्खलन के कारण मलबे में दब गए। वह अपने साढू अमित के साथ मां गीता और विधि को बचाने के लिए आगे लेकर भागे। थोड़ी देर बाद सैनिक वहां आ गए और उन्होंने राहत कार्य शुरू कर दिया। करीब पांच घंटे बाद सैनिकों ने टीन शेड के नीचे दबी चांदनी और नीरा के शव बरामद किए। उनका उपचार कराया गया और दोनों शवों को कटड़ा लाकर बुधवार को पोस्टमार्टम के लिए जम्मू कश्मीर भेज दिया। उधर, वंश भी अपने मकान का ताला लगाकर ताऊ के घर आ गया।
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पहले यात्रा अच्छी बताई, दोबारा बोले कि मेरी दुनिया उजड़ गई
वंश गोयल ने बताया कि 26 अगस्त की सुबह कटड़ा पहुंचे मयंक गोयल से उन्होंने दोपहर करीब एक बजकर 45 मिनट पर बात की थी। तब वे चरण पादुका के समीप पहुंच चुके थे। इसके अलावा माता वैष्णो देवी की यात्रा को लेकर काफी खुश भी नजर आ रहे थे। इसके बाद दोपहर में हादसा होने की जानकारी हुई तो उन्होंने बड़े भाई मयंक से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। तीन बजकर नौ मिनट पर फोन पर संपर्क हुआ तो मयंक ने चांदनी के भूस्खलन में लापता होने और दुनिया उजड़ने की जानकारी दी। इसके बाद बुधवार को फोन कर उन्हें शव मिलने के बारे में बताया।
व्यापारी की ताई ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा निरस्त की
व्यापारी मयंक गोयल की ताई रेणू पिछले काफी समय से कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने की तैयारी कर रही थीं। इसके लिए उन्होंने पासपोर्ट तैयार कराकर आवेदन किया। अब उनका वीजा भी मंजूर हो गया। कुछ दिन बाद कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर लखनऊ से 50 यात्रियों का समूह रवाना होना था, लेकिन हादसे का पता चलते ही उन्होंने लखनऊ की एजेंसी को फोन कर अपनी यात्रा निरस्त कर दी। ताऊ अनिल गोयल ने बताया कि परिवार में हादसा होने पर यात्रा निरस्त की गई।
जून माह में छोटा भाई गया था वैष्णो देवी दर्शन करने
वंश ने बताया कि परिवार के सदस्य माता वैष्णो देवी में आस्था रखते हैं। इसके चलते बार-बार दर्शन करने जाते रहते हैं। मयंक खुद नौ बार व तहेरे भाई मुकुल 12 बार से ज्यादा दर्शन करने जा चुके हैं। वे जून में परिवार के सदस्यों के साथ वैष्णो देवी यात्रा पर दर्शन करने गए थे।
वैष्णो देवी मार्ग पर हुए भूस्खलन से फंसे धनौरा के संदीप
बिनौली। माता वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन होने से धनौरा सिल्वरनगर के दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल संदीप कुमार अपने कई दोस्तों के साथ वहां फंस गए। संदीप कुमार 25 अगस्त को दिल्ली से अपने कई दोस्तों के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए गए थे। जब वह दर्शन करके वापस लौट रहे थे तो भूस्खलन हुआ। अत्यधिक कटाव के कारण यात्रा रोक दी गई। संदीप के छोटे भाई डॉ. सुशील वत्स ने बताया कि उन्होंने जब इसकी जानकारी दिल्ली पुलिस प्रशासन की तो उन्होंने जानकारी दी। वहां मोबाइल नेटवर्क काम नहीं कर रहे। प्रशासन राहत कार्य में जुटा हुआ है। परिवार वाले उनको लेकर चिंतित हैं।