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हाईकोर्ट का आदेश आते ही रोक दी काउंसलिंग

Wed, 03 Jun 2020 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2020 11:33 PM IST
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Counseling stopped as soon as the High Court order came
बागपत। 69 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने स्टे कर दिया है। जिले में भर्ती के तहत 100 पदों पर शिक्षकों की भर्ती होनी थी, काउंसलिंग शुरू कर दी गई थी। लेकिन स्टे की जानकारी मिलते ही काउंसलिंग रोक दी गई। बीएसए राजीव रंजन मिश्रा का कहना है कि शासन के आदेश पर अग्रिम प्रक्रिया होगी।
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जिले में 100 पदों पर काउंसलिंग के लिए अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। आसपास के जिलों से भी अभ्यर्थी बीएसए कार्यालय पहुंचे। काउंसलिंग प्रक्रिया नियमानुसार शुरू की गई। बीएसए कार्यालय पहुंचे चार अभ्यर्थियों की काउंसलिंग भी हो चुकी थी, लेकिन इसी बीच हाईकोर्ट के स्टे की जानकारी पहुंची। इसके बाद बीएसए ने विभाग से जानकारी जुटाई। बीएसए राजीव रंजन मिश्रा ने बताया कि काउंसलिंग की प्रक्रिया को हाईकोर्ट के स्टे के कारण रोका गया है। शासन के अग्रिम आदेश के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा।
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दूर-दराज से आए, काउंसलिंग रुकते हुए हताश
बागपत। काउंसलिंग में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी दूर-दराज से आए थे। स्टे के कारण जैसे ही काउंसलिंग रोकी गई अभ्यर्थी निराश हो गए। गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर समेत अन्य जिलों से अभ्यर्थी काउंसलिंग में शामिल होने पहुंचे थे।
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किसने क्या कहा
- ग्वालीखेड़ा से पहुंची मानसी ने कहा कि अभ्यर्थी और उनके परिवार के लोग परेशान हैं। सरकार को सार्थक कदम उठाना चाहिए।
- मेरठ के डालूहेड़ा से पहुंची प्रियंका ने कहा कि अभ्यर्थियों का मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। परेशानी हो रही है।
- बड़ौत की शिवानी का कहना है कि सरकार को पहल करते हुए विवादों का निपटारा करना चाहिए। अभ्यर्थी परेशान हैं।
- मुजफ्फरनगर के कल्याणपुर से पहुंची शहनारा मलिक ने कहा कि परिवार और अभ्यर्थी परेशान हैं। सरकार समस्या का समाधान करें।
- गाजियाबाद से आए शोएब अहमद ने कहा कि जो भी हुआ गलत हुआ है। सरकार को अभ्यर्थियों की परेशानी को समझना चाहिए।
- बड़ौत के अजय सिंह का कहना है कि समस्या गंभीर होती जा रही है। पिछले डेढ़ साल से कोई समाधान नहीं हुआ है।
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