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कोरोना ने बदल दिए हालात, न बैंड बजा और न चढ़ी बरात

Mon, 29 Jun 2020 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2020 11:57 PM IST
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Corona changed the situation, neither the band played nor the wedding
कोरोना ने बदल दिए हालात, न बैंड बजा और न चढ़ी बरात
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बागपत। कोरोना संक्रमण ने शादी ब्याह के तौर-तरीके भी बदल दिए हैं। बरातियों की संख्या उंगलियों पर सिमट गई है। घुड़चढ़ी कहीं नहीं दिखी। चंद घरातियों और बरातियों के बीच दुल्हनें विदा हो गईं। जिले में भड़रिया नवमी पर 150 से अधिक शादियां सादगी से हुईं। मंढ़े की दावत में भी सिर्फ जरूरी लोगों को बुलाया गया।
इन्हें लगा जोर का झटका
कोरोना के चलते हर साल की तरह धूम धड़ाका नहीं हुआ। बैंड-बाजा, डीजे, बैंक्वेट हॉल, कैटरिंग, फोटोग्राफी, फूल, जनरेटर, टैंट, हलवाई को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
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सुकून से मिले और दिल खिले
पहले शादियों में अधिक मेहमान, डीजे के धूम धड़ाके के चलते बरातियों और घरातियों को नियंत्रित करने में पसीने छूट जाते थे। लेकिन सादगी से हो रही शादियों में बराती और घराती आपस में बैठक खूब बातें करते नजर आए।
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एक शादी पर पांच लाख तक की बचत
हर शादी का अपना बजट होता है। लेकिन औसत देखें तो एक शादी पर करीब पांच लाख रुपये की बचत हो रही है। इनमें हलवाई, टैंट, डीजे, ट्रांसपोर्ट, आतिशबाजी, शराब, घोड़ाबग्गी, कपड़े की बचत शामिल है।
मास्क बना शादियों का हिस्सा
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए अब मास्क शादियों का हिस्सा बन गया है। सोमवार को भी यही देखने को मिला। दूल्हा, दुल्हन, घराती हो या बराती, सबके चेहरे पर मास्क नजर आए।
किसने क्या कहा
अहेड़ा गांव के राजेश कुमार के बेटे मोनू कुमार की मंगलवार को खेकड़ा क्षेत्र के फिरोजपुर गांव में बरात जाएगी। सोमवार को गांव में मंढे की दावत थी। राजेश कुमार का कहना है कि कोरोना काल में होने वाली शादी में लोगों का खर्च कम हो रहा है। बैंड से लेकर घोड़ा-बुग्गी का खर्च बच रहा है। शादी में बेहद करीबी लोगों को ही बुलाया जा रहा है। यह बेहद अच्छी बात है।

- दूल्हे मोनू कुमार का कहना था कि पहले की शादियों में आतिशबाजी, बैंड आदि को लेकर काफी फिजूल खर्च होता था। अब शादी सादगी से होने के कारण बेकार का खर्च नहीं हो रहा है।
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