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Baghpat News: एक साल से अधूरा भवन का निर्माण तो किराए के कमरे में आयुर्वेदिक अस्पताल
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खेकड़ा के डूडाहेड़ा रोड स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल
- बजट न मिलने के कारण नहीं हुई चाहरदीवारी, परिसर में लगा गंदगी के अंबार
फोटो - 6
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बजट न मिलने के कारण एक साल से आयुर्वेदिक अस्पताल के भवन का निर्माण अधूरा है। जिससे कस्बे में किराए के कमरे में अस्पताल चलाया जा रहा है। अस्पताल की चहारदीवारी और रखरखाव न होने के कारण गंदगी हो गई है।
लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 23 लाख रुपये से चार बेड के आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण कराया गया था। एक साल पहले अस्पताल की बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी है। अस्पताल की चहारदीवारी का निर्माण और मेन गेट नहीं लगा है। एक साल से रख-रखाव न होने से अस्पताल परिसर में गंदगी हो रही और बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। अस्पताल शुरु न होने से लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने अस्पताल को जल्द शुरु कराने की मांग की है।
22 साल से किराए के एक कमरे में चल रहा अस्पताल
नगर में वर्ष 2000 में अस्पताल का शुभारंभ किया गया था। 22 साल से किराए के एक कमरे में अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। अब चहारदीवारी और मैन गेट और पद सृजित न होने के कारण अस्पताल का संचालन नहीं हो पा रहा है।
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अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे 60 मरीज
वैद्य हरि नारायण ने बताया कि आयुर्वेद की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है। अस्पताल में रोजाना 50 से 60 मरीज दवाई लेने के लिए पहुंचते है। एक ही कक्ष होने के कारण मरीजों को दवाई लेने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जल्द शुरु हो अस्पताल
-भवन तैयार होने के बाद भी अस्पताल शुरु न होने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। - सोनू चौहान
- देखरेख के अभाव में अस्पताल में गंदगी का अंबार है। परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग गई है। -अनुज कौशिक
-अस्पताल शुरु होने से लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। अस्पताल का संचालन जल्द होना चाहिए। आलोक तोमर
शासन को भेजी जा चुकी है डिमांड
-अस्पताल शुरु कराने के लिए अभी पद सृजित नहीं हुए है और न ही चहारदीवारी का निर्माण पूरा हुआ है। इसके लिए शासन को विभाग की ओर से पत्र लिखा गया है। - डॉ मोनिका गुप्ता, आयुर्वेदिक एवं क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी
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फोटो - 6
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। बजट न मिलने के कारण एक साल से आयुर्वेदिक अस्पताल के भवन का निर्माण अधूरा है। जिससे कस्बे में किराए के कमरे में अस्पताल चलाया जा रहा है। अस्पताल की चहारदीवारी और रखरखाव न होने के कारण गंदगी हो गई है।
लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 23 लाख रुपये से चार बेड के आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण कराया गया था। एक साल पहले अस्पताल की बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी है। अस्पताल की चहारदीवारी का निर्माण और मेन गेट नहीं लगा है। एक साल से रख-रखाव न होने से अस्पताल परिसर में गंदगी हो रही और बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। अस्पताल शुरु न होने से लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने अस्पताल को जल्द शुरु कराने की मांग की है।
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22 साल से किराए के एक कमरे में चल रहा अस्पताल
नगर में वर्ष 2000 में अस्पताल का शुभारंभ किया गया था। 22 साल से किराए के एक कमरे में अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। अब चहारदीवारी और मैन गेट और पद सृजित न होने के कारण अस्पताल का संचालन नहीं हो पा रहा है।
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अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे 60 मरीज
वैद्य हरि नारायण ने बताया कि आयुर्वेद की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है। अस्पताल में रोजाना 50 से 60 मरीज दवाई लेने के लिए पहुंचते है। एक ही कक्ष होने के कारण मरीजों को दवाई लेने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जल्द शुरु हो अस्पताल
-भवन तैयार होने के बाद भी अस्पताल शुरु न होने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। - सोनू चौहान
- देखरेख के अभाव में अस्पताल में गंदगी का अंबार है। परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग गई है। -अनुज कौशिक
-अस्पताल शुरु होने से लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। अस्पताल का संचालन जल्द होना चाहिए। आलोक तोमर
शासन को भेजी जा चुकी है डिमांड
-अस्पताल शुरु कराने के लिए अभी पद सृजित नहीं हुए है और न ही चहारदीवारी का निर्माण पूरा हुआ है। इसके लिए शासन को विभाग की ओर से पत्र लिखा गया है। - डॉ मोनिका गुप्ता, आयुर्वेदिक एवं क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी