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सामुदायिक शौचालयों का सत्यापन कर देनी होगी रिपोर्ट
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अमर उजाला में प्रकाशित खबर।
- फोटो : BARAUT
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सामुदायिक शौचालयों की बदहाल स्थिति पर ग्राम सचिवों से मांगे जा रहे जवाब
डीपीआरओ ने दिए सामुदायिक शौचालय की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। ग्राम पंचायतों में बने सभी सामुदायिक शौचालयों का सत्यापन किया जाएगा। अमर उजाला अभियान के तहत शौचालयों की बदहाली के खबर प्रकाशित किए जाने के बाद डीपीआरओ ने ग्राम सचिवों से जवाब मांगा है। कहा कि सभी सामुदायिक शौचालयों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट दी जाएं।
स्वच्छता अभियान के तहत खुले में शौच से मुक्ति के मकसद से शहर और गांवों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया था। कुछ शौचालयों में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया। कुछ में निर्माण के बाद से ही ताला लटका हुआ है। अब इनका प्रयोग नहीं होता। इसके अलावा कुछ सामुदायिक शौचालय में पानी की व्यवस्था भी नहीं है। इसे लेकर अमर उजाला अभियान के तहत खबरें प्रकाशित की गई। इसे लेकर अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। डीपीआरओ ने बीडीओ को पत्र भेजकर सभी सामुदायिक शौचालयों की सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने और ग्राम सचिवों से जवाब मांगा है। बीडीओ ज्योति बाला का कहना है कि विकास कार्यों मेें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्राम सचिवों को डीपीआरओ सहित अन्य विभागीय अफसरों के निर्देशों से अवगत कराया जा चुका है। लापरवाही बरतने वाले सचिवों से जवाब मांगें जा रहे है।
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डीपीआरओ ने दिए सामुदायिक शौचालय की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। ग्राम पंचायतों में बने सभी सामुदायिक शौचालयों का सत्यापन किया जाएगा। अमर उजाला अभियान के तहत शौचालयों की बदहाली के खबर प्रकाशित किए जाने के बाद डीपीआरओ ने ग्राम सचिवों से जवाब मांगा है। कहा कि सभी सामुदायिक शौचालयों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट दी जाएं।
स्वच्छता अभियान के तहत खुले में शौच से मुक्ति के मकसद से शहर और गांवों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया था। कुछ शौचालयों में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया। कुछ में निर्माण के बाद से ही ताला लटका हुआ है। अब इनका प्रयोग नहीं होता। इसके अलावा कुछ सामुदायिक शौचालय में पानी की व्यवस्था भी नहीं है। इसे लेकर अमर उजाला अभियान के तहत खबरें प्रकाशित की गई। इसे लेकर अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। डीपीआरओ ने बीडीओ को पत्र भेजकर सभी सामुदायिक शौचालयों की सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने और ग्राम सचिवों से जवाब मांगा है। बीडीओ ज्योति बाला का कहना है कि विकास कार्यों मेें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्राम सचिवों को डीपीआरओ सहित अन्य विभागीय अफसरों के निर्देशों से अवगत कराया जा चुका है। लापरवाही बरतने वाले सचिवों से जवाब मांगें जा रहे है।
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