{"_id":"58e9364b4f1c1bd0355b49b2","slug":"commission-s-team-arrived-to-know-the-cost-of-the-crop","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसल की लागत जानने पहुंची आयोग की टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसल की लागत जानने पहुंची आयोग की टीम
अमर उजाला / ब्यूरो/ बागपत
Updated Sun, 09 Apr 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बागपत। केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय की ओर से कृषि लागत और मूल्य आयोग के सदस्यों ने जिले में पहुंचकर गन्ने की लागत और मुनाफे के विषय में जानकारी हासिल की। चीनी मिलों का भ्रमण किया। गन्ना किसानों की समस्याएं जानी। किसानों का कहना था कि गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए।
जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने बताया मूल्य आयोग के डिप्टी डायरेक्टर रामेश्वर सिंह (आईईएस), सहायक निदेशक ब्यास देव नाईक और इकॉनॉमिक ऑफिसर सुरेंद्र सिंह ने बागपत, रमाला और मलकपुर चीनी मिल का भ्रमण किया। तौल की व्यवस्था, यार्ड और चीनी बनने की व्यवस्था देखी।
मूल्य आयोग के सदस्यों ने किसानों से बातचीत कर समस्या जानी। किसानों ने कहा गन्ने की फसल में लागत अधिक आ रही है, जबकि मुनाफा कम है। इससे सबसे बड़ी परेशानी खड़ी हो रही है। गन्ने की स्थिति, बागपत में उपज का डाटा एकत्र किया। यही नहीं सुन्हैड़ा गांव में जाकर किसान चिंटू खेत पर गए गन्ने की फसल देखी।
विज्ञापन
किसानों ने आयोग के सदस्यों को पैदावार और उस पर होने वाले खर्च की बाबत बताया। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक जगतराम, अपर सांख्यिकी अधिकारी मोहर सिंह भी शामिल रहे। टीम सुन्हैडा में बोई गई फसल के सैंपल भी लेकर गए हैं।
जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने बताया मूल्य आयोग के डिप्टी डायरेक्टर रामेश्वर सिंह (आईईएस), सहायक निदेशक ब्यास देव नाईक और इकॉनॉमिक ऑफिसर सुरेंद्र सिंह ने बागपत, रमाला और मलकपुर चीनी मिल का भ्रमण किया। तौल की व्यवस्था, यार्ड और चीनी बनने की व्यवस्था देखी।
विज्ञापन
मूल्य आयोग के सदस्यों ने किसानों से बातचीत कर समस्या जानी। किसानों ने कहा गन्ने की फसल में लागत अधिक आ रही है, जबकि मुनाफा कम है। इससे सबसे बड़ी परेशानी खड़ी हो रही है। गन्ने की स्थिति, बागपत में उपज का डाटा एकत्र किया। यही नहीं सुन्हैड़ा गांव में जाकर किसान चिंटू खेत पर गए गन्ने की फसल देखी।
विज्ञापन
किसानों ने आयोग के सदस्यों को पैदावार और उस पर होने वाले खर्च की बाबत बताया। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक जगतराम, अपर सांख्यिकी अधिकारी मोहर सिंह भी शामिल रहे। टीम सुन्हैडा में बोई गई फसल के सैंपल भी लेकर गए हैं।