{"_id":"609433d58ebc3ed1e6362890","slug":"chululi-did-not-burn-in-chaprauli-area-after-the-death-of-ajit-singh-baraut-news-mrt537299682","type":"story","status":"publish","title_hn":"अजित सिंह के निधन पर छपरौली क्षेत्र में नहीं जले चूल्हे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अजित सिंह के निधन पर छपरौली क्षेत्र में नहीं जले चूल्हे
विज्ञापन
चौधरी साहब के प्रेम में लोगों की आंखों में भर आए आंसु
बड़ौत। चौधरी अजित सिंह के निधन की सूचना पर बृहस्पतिवार को छपरौली क्षेत्र के गांवों में चूल्हे नहीं जले। क्षेत्र के लोग उन्हें याद करके बार बार आंसू बहाते नजर आए। सभी लोग शोक में डूबे रहे। छपरौली क्षेत्र से चौधरी साहब को काफी लगावा रहा। यहां के लोगों से बात की गई तो सभी उनके व्यक्तित्व को याद करते दिखे।
ये बोले------
- जगह सिंह 88 वर्षीय का कहना है कि चौधरी अजित सिंह के निधन की खबर सुनते ही पूरे कस्बे में शोक की लहर है। छपरौली के लोगों का उनके प्रति स्नेह और विचारों से लगाव था। आज क्षेत्र के परिवारों ने घर में चूल्हा भी नहीं जलाया और ना ही खाना खाया।
- श्याम सिंह 65 वर्षीय व 62 वर्षीय चेयरमैन सुखवीर से चौधरी अजित सिंह के निधन पर बात की तो उनकी आंखों से आंसू टपकने लगे। निधन की खबर सुनते ही लगा कि हमारे परिवार के सदस्य का निधन हो गया है।
विज्ञापन
- योगेन्द्र, सुखपाल व प्रेम सिंह ने कहा कि जैसे ही उन्हें पता चला कि चौधरी साहब की स्थिति नाजुक है तो वैसे ही उनके स्वस्थ होने की कामना की। ईश्वर को शायद यही मंजूर था और चौधरी चल बसे। इसलिए आज घर में चूल्हा नहीं जलाने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
बड़ौत। चौधरी अजित सिंह के निधन की सूचना पर बृहस्पतिवार को छपरौली क्षेत्र के गांवों में चूल्हे नहीं जले। क्षेत्र के लोग उन्हें याद करके बार बार आंसू बहाते नजर आए। सभी लोग शोक में डूबे रहे। छपरौली क्षेत्र से चौधरी साहब को काफी लगावा रहा। यहां के लोगों से बात की गई तो सभी उनके व्यक्तित्व को याद करते दिखे।
ये बोले------
- जगह सिंह 88 वर्षीय का कहना है कि चौधरी अजित सिंह के निधन की खबर सुनते ही पूरे कस्बे में शोक की लहर है। छपरौली के लोगों का उनके प्रति स्नेह और विचारों से लगाव था। आज क्षेत्र के परिवारों ने घर में चूल्हा भी नहीं जलाया और ना ही खाना खाया।
विज्ञापन
- श्याम सिंह 65 वर्षीय व 62 वर्षीय चेयरमैन सुखवीर से चौधरी अजित सिंह के निधन पर बात की तो उनकी आंखों से आंसू टपकने लगे। निधन की खबर सुनते ही लगा कि हमारे परिवार के सदस्य का निधन हो गया है।
विज्ञापन
- योगेन्द्र, सुखपाल व प्रेम सिंह ने कहा कि जैसे ही उन्हें पता चला कि चौधरी साहब की स्थिति नाजुक है तो वैसे ही उनके स्वस्थ होने की कामना की। ईश्वर को शायद यही मंजूर था और चौधरी चल बसे। इसलिए आज घर में चूल्हा नहीं जलाने का निर्णय लिया है।