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Baghpat News: बाल वाटिका से बच्चों को बनाया जाएगा सशक्त
Mon, 14 Apr 2025 04:38 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Mon, 14 Apr 2025 04:38 PM IST
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- जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 16 से 19 अप्रैल तक शुरू होगा बाल वाटिका अभियान
- तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई का ककहरा भी सिखाया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को सशक्त बनाने के लिए बाल वाटिका अभियान शुरू किया गया है। 16 से 29 अप्रैल तक अभियान चलाकर बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई भी कराई जाएगी, ताकि उनका प्रवेश करने की प्रक्रिया को शुरू किया जा सके।
जिले में 1319 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र हैं और अधिकतर केंद्र परिषदीय स्कूलों के परिसर में चलाए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बाल वाटिका अभियान शुरू किया जाएगा। केंद्रों पर अब छोटे बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई का ककहरा सीखेंगे। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत कक्षा एक में प्रवेश से पहले बच्चों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बालवाटिका अभियान 16 अप्रैल से 29 अप्रैल तक चलाया जाएगा।
इस दौरान नियमित कक्षाएं चलाई जाएंगी और अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा। इसके लिए सभी बीईओ और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी है। इन केंद्रों को केंद्रीय विद्यालयों और कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर बालवाटिका में परिवर्तित किया गया है। बीएसए गीता चौधरी ने बताया कि तीन से छह वर्ष के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि बच्चे कक्षा एक में प्रवेश से पहले बुनियादी शिक्षा के योग्य बन सकें।
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रैली, नाटक व प्रतियोगिता से मिलेगा बच्चों को मंच
रैली, नाटक और प्रतियोगिताओं से बच्चों को मंच मिलेगा। अभियान के दौरान विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रभात फेरी व जागरूकता रैली के साथ कहानी व नाटक का मंचन, कठपुतली शो रंगोली, गीत-संगीत, चित्रकारी, मिट्टी से आकृति बनाना बच्चों को कहानी सुनाने और भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। इन कार्यक्रमों में प्रधानाध्यापक, नोडल शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सहभागिता करेंगे।
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हर केंद्र को मिलेंगे 500 रुपये
हर आंगनबाड़ी केंद्र को 500 रुपये की धनराशि अभियान के दौरान आवश्यक खर्च के लिए दी जाएगी। यह राशि विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के खाते में भेजी जा रही है। साथ ही बीईओ से लेकर डीसी तक के अधिकारियों को दो-दो विद्यालयों के कार्यक्रमों में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश भी जारी किया गया है।
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- तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई का ककहरा भी सिखाया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को सशक्त बनाने के लिए बाल वाटिका अभियान शुरू किया गया है। 16 से 29 अप्रैल तक अभियान चलाकर बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई भी कराई जाएगी, ताकि उनका प्रवेश करने की प्रक्रिया को शुरू किया जा सके।
जिले में 1319 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र हैं और अधिकतर केंद्र परिषदीय स्कूलों के परिसर में चलाए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बाल वाटिका अभियान शुरू किया जाएगा। केंद्रों पर अब छोटे बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई का ककहरा सीखेंगे। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत कक्षा एक में प्रवेश से पहले बच्चों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बालवाटिका अभियान 16 अप्रैल से 29 अप्रैल तक चलाया जाएगा।
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इस दौरान नियमित कक्षाएं चलाई जाएंगी और अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा। इसके लिए सभी बीईओ और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी है। इन केंद्रों को केंद्रीय विद्यालयों और कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर बालवाटिका में परिवर्तित किया गया है। बीएसए गीता चौधरी ने बताया कि तीन से छह वर्ष के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि बच्चे कक्षा एक में प्रवेश से पहले बुनियादी शिक्षा के योग्य बन सकें।
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रैली, नाटक व प्रतियोगिता से मिलेगा बच्चों को मंच
रैली, नाटक और प्रतियोगिताओं से बच्चों को मंच मिलेगा। अभियान के दौरान विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रभात फेरी व जागरूकता रैली के साथ कहानी व नाटक का मंचन, कठपुतली शो रंगोली, गीत-संगीत, चित्रकारी, मिट्टी से आकृति बनाना बच्चों को कहानी सुनाने और भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। इन कार्यक्रमों में प्रधानाध्यापक, नोडल शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सहभागिता करेंगे।
हर केंद्र को मिलेंगे 500 रुपये
हर आंगनबाड़ी केंद्र को 500 रुपये की धनराशि अभियान के दौरान आवश्यक खर्च के लिए दी जाएगी। यह राशि विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के खाते में भेजी जा रही है। साथ ही बीईओ से लेकर डीसी तक के अधिकारियों को दो-दो विद्यालयों के कार्यक्रमों में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश भी जारी किया गया है।