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लर्निंग आउटकम परीक्षा से परखी जाएगी बच्चों की दक्षता
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लर्निंग आउटकम परीक्षा से परखी जाएगी बच्चों की दक्षता
बड़ौत (बागपत)। परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक व अर्धवार्षिक परीक्षा के अलावा लर्निंग आउटकम की परीक्षा कराने की तैयारी चल रही है। जिले के सभी प्राथमिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साथ-साथ कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के बच्चों को भी इस परीक्षा में शामिल किया जाएगा। इससे बच्चों में पढ़ने-लिखने की क्षमता के साथ ही उनके भीतर गुणवत्ता की जांच की होगी। परीक्षा 8 नवंबर को आयोजित होगी।
सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन के निर्देश के बाद ब्लॉक स्तर पर इसकी तैयारी जोरों पर चल रही है। हर स्कूल के प्रधानाध्यापकों को परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षकों की टीम परीक्षा कराएगी। कक्षा-5 से लेकर कक्षा आठ तक के बच्चों की परीक्षा होगी। इसके बाद कमजोर बच्चों को चिह्नित करके उन्हें और बेहतर करने का प्रयास शुरू होगा। यह परीक्षा अर्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा से भिन्न होगी। बीएसए राजीव रंजन मिश्र का कहना है कि लर्निंग आउटकम परीक्षा कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं।
क्या है लर्निंग आउटकम
राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उप्र (एससीईआरटी) ने लर्निंग आउटकम का प्रयोग शुरू किया है। इसके परीक्षा के माध्यम से बच्चे के मानसिक स्तर, सामान्य ज्ञान और शैक्षिक ज्ञान में क्या सुधार हुआ, इसका आंकलन किया जाएगा। किस कक्षा में शिक्षक बच्चों को किस तरह क्या-क्या पढ़ाएंगे और किस कक्षा में बच्चों को कितना ज्ञान होना चाहिए, यह निर्धारित किया जाएगा।
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बड़ौत (बागपत)। परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक व अर्धवार्षिक परीक्षा के अलावा लर्निंग आउटकम की परीक्षा कराने की तैयारी चल रही है। जिले के सभी प्राथमिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साथ-साथ कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के बच्चों को भी इस परीक्षा में शामिल किया जाएगा। इससे बच्चों में पढ़ने-लिखने की क्षमता के साथ ही उनके भीतर गुणवत्ता की जांच की होगी। परीक्षा 8 नवंबर को आयोजित होगी।
सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन के निर्देश के बाद ब्लॉक स्तर पर इसकी तैयारी जोरों पर चल रही है। हर स्कूल के प्रधानाध्यापकों को परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षकों की टीम परीक्षा कराएगी। कक्षा-5 से लेकर कक्षा आठ तक के बच्चों की परीक्षा होगी। इसके बाद कमजोर बच्चों को चिह्नित करके उन्हें और बेहतर करने का प्रयास शुरू होगा। यह परीक्षा अर्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा से भिन्न होगी। बीएसए राजीव रंजन मिश्र का कहना है कि लर्निंग आउटकम परीक्षा कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं।
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क्या है लर्निंग आउटकम
राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उप्र (एससीईआरटी) ने लर्निंग आउटकम का प्रयोग शुरू किया है। इसके परीक्षा के माध्यम से बच्चे के मानसिक स्तर, सामान्य ज्ञान और शैक्षिक ज्ञान में क्या सुधार हुआ, इसका आंकलन किया जाएगा। किस कक्षा में शिक्षक बच्चों को किस तरह क्या-क्या पढ़ाएंगे और किस कक्षा में बच्चों को कितना ज्ञान होना चाहिए, यह निर्धारित किया जाएगा।
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