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महावतपुर के स्कूल में खुद पढ़ रहे बच्चे   

Sat, 09 Jul 2016 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Sat, 09 Jul 2016 12:19 AM IST
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Children in school are enrolled himself
प्रधानाध्यापिका के न रहने पर आपस में एक-दूसरे को पढ़ाते बच्चे। - फोटो : amar ujala
बागपत के बड़ौत में सरकार गांवों में शिक्षा का स्तर सुधरने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही लेकिन अधिकारी और शिक्षकों की लापरवाही से योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। प्राथमिक स्कूलों में तो हालत ये है कि कहीं बच्चे कम हैं तो कहीं अध्यापक मनमाने तरीके से नौकरी कर रहे हैं। इसका खामियाजा इसमें पढ़ने वाले बच्चों को भरना पड़ रहा है।
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ऐसे ही महावतपुर बावली गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर एक रामभरोसे चल रहा है। इस स्कूल में 47 बच्चों का दाखिला है। इसमें गांव की ही गायत्री प्रधानाध्यापिका हैं। अभिभावकों की शिकायत पर शुक्रवार सुबह आठ बजे अमर उजाला प्रतिनिधि जब विद्यालय पहुंचे तो विद्यालय में कुछ ही बच्चे थे, एक बच्ची बच्चों को पढ़ा रही थी। प्रधानाध्यापिका विद्यालय में कहीं भी नहीं मिली जबकि उनका पर्स टेबल पर रखा था। 

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ग्रामीण रामवीर, इकबाल, राजेंद्र, सुखवीर, इंद्रपाल आदि ने बताया कि गायत्री सुबह स्कूल में जाकर अपना पर्स टेबल पर रखकर अपने घर चली जाती हैं। ताकि कोई अधिकारी आए तो उसे यह बता सके कि वह यहीं पर थी। मोबाइल पर गेम खेलने में व्यस्त रहती है। बच्चों की पढ़ाई पर कोई ध्यान नहीं है। जिस कारण विद्यालय में बच्चे कम होते जा रहे है। शिकायतों के बावजूद कोई अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

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इसको लेकर अभिभावकों मेें रोष है। वहीं विद्यालय में बना आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद था और शौचालय की हालत खराब थी। बच्चों के लिए मिड-डे मील की कोई व्यवस्था नहीं थी। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अजय तोमर ने बताया कि स्कूल में व्याप्त अव्यवस्थाओं के बारे में कई बार अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।  


शिक्षिका को कर दिया था कमरे में बंद
बड़ौत। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानाध्यापिका गायत्री ने दो माह पूर्व शिक्षिका नीरू और सहायिका नीरज को कमरे में बंद कर दिया था। हंगामा हुआ तो शिक्षा विभाग के अफसरों ने गायत्री पर मेहरबानी करते हुए उन्हें तो वहीं पर तैनात रखा लेकिन शिक्षिका का तबादला कर दिया था। 


इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी डा. प्रभात कुमार का कहना है कि शिक्षण कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शीघ्र ही विद्यालय का निरीक्षण किया जाएगा। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

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