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Baghpat News: 84.60 लाख रुपये से 94 पंचायतों में बनेंगे बाल एवं किशोर पुस्तकालय
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले की 94 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय (बाल एवं किशोर) खोले जाएंगे। प्रत्येक पुस्तकालय के लिए 90 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया गया है और 84 लाख 60 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें साहित्यकारों, स्वतंत्रता सेनानी, राष्ट्र नायकों, शहीदों की जिवनी, सांस्कृतिक साहित्य सहित अन्य कई विषयों की पुस्तकें रखी जाएगी।
ग्राम पंचायत के पुस्तकालयों में ही युवाओं को सामान्य ज्ञान व शहीदों के जीवन की जानकारी मिलेगी। इसके लिए वहां पुस्तकें रखी जाएगी।
डिजिटल पुस्तकालयों में युवाओं के लिए बाल साहित्य, चित्र पुस्तकें और इंटरएक्टिव लर्निंग एप्स होंगे, जो उनकी रुचि के अनुसार सीखने में मदद करेंगे। वहीं, वृद्धजनों के लिए भी समाचार पत्रों, धार्मिक ग्रंथों व ऑडियो बुक्स की सुविधा होगी। वह भी इस डिजिटल सुविधा से जुड़ सकेंगे।
इस पहल से गांव के छात्रों, बेरोजगार युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों को एक ही स्थान पर ज्ञान का खजाना मिलेगा। इससे ग्रामीण समाज को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा। पुस्तकालय में राष्ट्रनायकों और शहीदों की जीवनी के साथ स्थानीय क्षेत्रीय लेखकों और प्रतिष्ठित विद्वानों की पुस्तकें भी रखी जाएंगी। स्थानीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य से जुड़ी कवियों की रचनाएं भी उपलब्ध होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए विशेष पुस्तकें रखी जाएंगी। महिलाओं और बाल साहित्य से संबंधित ज्ञानवर्धक पुस्तकें भी शामिल की जाएंगी। इसके लिए समिति बनाई गई और समिति पुस्तकों के चयन में मूल्य और भाषा की सरलता का विशेष ध्यान रखेगी।
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बागपत। जिले की 94 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय (बाल एवं किशोर) खोले जाएंगे। प्रत्येक पुस्तकालय के लिए 90 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया गया है और 84 लाख 60 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें साहित्यकारों, स्वतंत्रता सेनानी, राष्ट्र नायकों, शहीदों की जिवनी, सांस्कृतिक साहित्य सहित अन्य कई विषयों की पुस्तकें रखी जाएगी।
ग्राम पंचायत के पुस्तकालयों में ही युवाओं को सामान्य ज्ञान व शहीदों के जीवन की जानकारी मिलेगी। इसके लिए वहां पुस्तकें रखी जाएगी।
डिजिटल पुस्तकालयों में युवाओं के लिए बाल साहित्य, चित्र पुस्तकें और इंटरएक्टिव लर्निंग एप्स होंगे, जो उनकी रुचि के अनुसार सीखने में मदद करेंगे। वहीं, वृद्धजनों के लिए भी समाचार पत्रों, धार्मिक ग्रंथों व ऑडियो बुक्स की सुविधा होगी। वह भी इस डिजिटल सुविधा से जुड़ सकेंगे।
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इस पहल से गांव के छात्रों, बेरोजगार युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों को एक ही स्थान पर ज्ञान का खजाना मिलेगा। इससे ग्रामीण समाज को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा। पुस्तकालय में राष्ट्रनायकों और शहीदों की जीवनी के साथ स्थानीय क्षेत्रीय लेखकों और प्रतिष्ठित विद्वानों की पुस्तकें भी रखी जाएंगी। स्थानीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य से जुड़ी कवियों की रचनाएं भी उपलब्ध होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए विशेष पुस्तकें रखी जाएंगी। महिलाओं और बाल साहित्य से संबंधित ज्ञानवर्धक पुस्तकें भी शामिल की जाएंगी। इसके लिए समिति बनाई गई और समिति पुस्तकों के चयन में मूल्य और भाषा की सरलता का विशेष ध्यान रखेगी।
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