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जर्जर हुआ छपरौली से तिलवाड़ा-हेवा मार्ग
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बागपत। छपरौली से तिलवाड़ा-हेवा-लूंब तक छह किलोमीटर के मार्ग का सफर लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। सड़क कम और गड्ढे अधिक है। गड्ढों के कारण लोगों का मार्ग से गुजरना दूभर हो गया है। लोग आए दिन हादसों का शिकार होकर चोटिल हो रहे है। छह किलोमीटर के मार्ग का सफर करने में एक घंटा लगता है। जर्जर मार्ग पर गन्ने की बुग्गी पलटने का आशंका बनी रहती है। कई बार मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
- तिलवाड़ा के उदयवीर सिंह का कहना है कि मार्ग तीन साल से जर्जर है। लोगों के लिए सफर करना मुसीबत बना हुआ है।
- तिलवाड़ा सुधीर कुमार का कहना है कि जर्जर मार्ग पर आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे है। कई बार मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
- लूंब के विक्रांत शर्मा का कहना है कि मार्ग पर गन्ने की ढुलाई करना मुसीबत बन गया है। जर्जर मार्ग होने के कारण बुग्गी पलटने का खतरा बना रहता है।
- लूंब के वीरेंद्र सिंह का कहना है कि सड़क कम और गड्ढे अधिक नजर आते है। जर्जर मार्ग पर पैदल निकलना भी दूभर है। कई बार मार्ग की मरम्मत कराने की मांग उठाई जा चुकी है, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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- तिलवाड़ा के उदयवीर सिंह का कहना है कि मार्ग तीन साल से जर्जर है। लोगों के लिए सफर करना मुसीबत बना हुआ है।
- तिलवाड़ा सुधीर कुमार का कहना है कि जर्जर मार्ग पर आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे है। कई बार मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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- लूंब के विक्रांत शर्मा का कहना है कि मार्ग पर गन्ने की ढुलाई करना मुसीबत बन गया है। जर्जर मार्ग होने के कारण बुग्गी पलटने का खतरा बना रहता है।
- लूंब के वीरेंद्र सिंह का कहना है कि सड़क कम और गड्ढे अधिक नजर आते है। जर्जर मार्ग पर पैदल निकलना भी दूभर है। कई बार मार्ग की मरम्मत कराने की मांग उठाई जा चुकी है, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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