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Baghpat News: तपकल्याणक महोत्सव मनाया, आदिकुमार का विवाह और राज्याभिषेक हुआ
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बड़ागांव के बाहुबली तीर्थ जैन मंदिर में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव में भगवान बाहुबली की पू
खेकड़ा। बड़ागांव के बाहुबली तीर्थ जैन मंदिर में पंचकल्याणक महामहोत्सव में भगवान बाहुबली का तपकल्याणक मनाया गया। भगवान के भजनों पर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
मंगलाचरण, गुरु भक्ति के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान की नित्य नियम पूजा के बाद अभिषेक, शांतिधारा की। पंच परमेष्ठी पूजा, मंगलाष्टक, दिग्वंधन, रक्षामंत्र, शांतिमंत्र, तप कल्याणक पूजा, शांति हवन हुआ। मुनिश्री की मंगल दिव्य देशना हुई। इसके बाद आदिकुमार का विवाह और राज्यभिषेक हुआ। 32 हजार मुकुदबद्ध राजाओं ने भेंट समपर्ण और राज्य संचालन किया। युवराज आदिकुमार को वैराग्य हुआ और भरत बाहुबली को राज्य सौंपा गया।
प्रभु पालकी में दीक्षा वन की ओर चले गए। दीक्षा विधि, अंकन्यास, संस्काररोपण पूजा की गई। इसके बाद प्रभु की आरती की गई। श्रीजी को समर्पित भजनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमाें और भगवान के जीवन प्रसंगों पर आधारित नृत्य नाटिका को देखकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद राजकुमार सांगवान ने पहुंचकर भगवान बाहुबली के दर्शन किए।
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वहां आचार्य सौम्य सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए कहा कि तीर्थंकर भगवान का तप कल्याणक समस्त लोक के लिए कल्याण का मार्ग है। भगवान अपनी कृपा से पृथ्वी ही नहीं, पूरे ब्रह्मांड को आनंदित कर देते हैं। भगवान की भक्ति करने से मनुष्य का जीवन खुशहाल होने के साथ ही मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान की भक्ति से बढ़कर कुछ नहीं है। पंचकल्याणक महामहोत्सव में जनेश्वरदयाल जैन, योगेंद्र जैन, अंकुश जैन, सुमेर जैन, नरेश जैन, राहुल जैन, जिनेश जैन, मनोज जैन, राजेश जैन मौजूद रहे।
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मंगलाचरण, गुरु भक्ति के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान की नित्य नियम पूजा के बाद अभिषेक, शांतिधारा की। पंच परमेष्ठी पूजा, मंगलाष्टक, दिग्वंधन, रक्षामंत्र, शांतिमंत्र, तप कल्याणक पूजा, शांति हवन हुआ। मुनिश्री की मंगल दिव्य देशना हुई। इसके बाद आदिकुमार का विवाह और राज्यभिषेक हुआ। 32 हजार मुकुदबद्ध राजाओं ने भेंट समपर्ण और राज्य संचालन किया। युवराज आदिकुमार को वैराग्य हुआ और भरत बाहुबली को राज्य सौंपा गया।
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प्रभु पालकी में दीक्षा वन की ओर चले गए। दीक्षा विधि, अंकन्यास, संस्काररोपण पूजा की गई। इसके बाद प्रभु की आरती की गई। श्रीजी को समर्पित भजनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमाें और भगवान के जीवन प्रसंगों पर आधारित नृत्य नाटिका को देखकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद राजकुमार सांगवान ने पहुंचकर भगवान बाहुबली के दर्शन किए।
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वहां आचार्य सौम्य सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए कहा कि तीर्थंकर भगवान का तप कल्याणक समस्त लोक के लिए कल्याण का मार्ग है। भगवान अपनी कृपा से पृथ्वी ही नहीं, पूरे ब्रह्मांड को आनंदित कर देते हैं। भगवान की भक्ति करने से मनुष्य का जीवन खुशहाल होने के साथ ही मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान की भक्ति से बढ़कर कुछ नहीं है। पंचकल्याणक महामहोत्सव में जनेश्वरदयाल जैन, योगेंद्र जैन, अंकुश जैन, सुमेर जैन, नरेश जैन, राहुल जैन, जिनेश जैन, मनोज जैन, राजेश जैन मौजूद रहे।