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धूमधाम से मनाया पिच्छी परिवर्तन समारोह
अमर उजाला / ब्यूरो/ बागपत
Updated Mon, 07 Nov 2016 01:08 AM IST
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बड़ौत में पिच्छी परिवर्तन समारोह में बोलते विहर्ष सागर महाराज।
- फोटो : अमर उजाला
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बड़ौत। अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी के तत्वावधान में जैन इंटर कॉलेज के पाण्ड़ुशिला मैदान में पिच्छी परिवर्तन समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस समारोह में दूर-दूर से श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ झंडारोहण के साथ मुकेश जैन ने किया। अजितनाथ भगवान के चित्र का अनावरण विनोद कुमार निर्मल जैन, आचार्य विराज सागर के चित्र का अनावरण अंजू जैन, दीप प्रज्ज्वलन अतुल जैन, मंच उद्घाटन शशि कुमार वैभव कुमार जैन, आचार्य विहर्ष सागर महाराज को पिच्छी भेंट करने का सौभाग्य सुनील कुूमार गौरव जैन, मुनि वीर सम्राट को पिच्छी भेंट का सौभाग्य प्रेम चंद जैन, विहसंत सागर को पिच्छी भेंट का सौभाग्य राय चंद नानक चंद जैन, विजयेश सागर महाराज को पिच्छी भेंट का सौभाग्य विनोद कुमार अभिषेक जैन को प्राप्त हुआ।
मुनि विहर्ष सागर महाराज का पाद् प्रक्षालण मुकेश कुमार, राहुल जैन ने, शास्त्र भेंट प्रेम चंद, मनोज जैन ने, गुरू पूजन अक्षरा जैन, आरती का सौभाग्य अरिदमन जैन को प्राप्त हुआ। सभी अतिथियों का स्वागत सुनील कुमार जैन ने किया। मंच संचालन डॉ. श्रेयासं जैन और वरदान जैन ने संयुक्त रूप से किया। पिच्छी परिवर्तन समारोह में धार्मिक संस्थाओं ने श्रीफल समर्पित किए।
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इस मौके पर विहर्ष सागर महाराज ने कहा जो लो पिच्छी रखने वालों का पीछा करते है अर्थात अनुसरण करते है, उन्हें पिच्छी मिल जाया करती है। उन्होंने कहा मुनिराज एक वर्ष में पिच्छी बदलते हैं, जोकि मोर के पंखों से बनी होती है, मौर के पंखो में पांच गुण होते हैं। किसी भी प्रकार की कोई हिंसा इससे नहीं होती। मुनि पिच्छी को सदैव अपने साथ रखते हैं। कार्यक्रम में कमेटी के अध्यक्ष मदनलाल जैन, प्रमोद जैन, अशोक जैन, अशोक, अरिदमन जैन, वरदान जैन, आशीष जैन, सुख दर्शन जैन, शशि जैन, महेंद्र जैन, आर के जैन, पंकज जैन, विनोद जैन, अनिल जैन, राकेश जैन आदि रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ झंडारोहण के साथ मुकेश जैन ने किया। अजितनाथ भगवान के चित्र का अनावरण विनोद कुमार निर्मल जैन, आचार्य विराज सागर के चित्र का अनावरण अंजू जैन, दीप प्रज्ज्वलन अतुल जैन, मंच उद्घाटन शशि कुमार वैभव कुमार जैन, आचार्य विहर्ष सागर महाराज को पिच्छी भेंट करने का सौभाग्य सुनील कुूमार गौरव जैन, मुनि वीर सम्राट को पिच्छी भेंट का सौभाग्य प्रेम चंद जैन, विहसंत सागर को पिच्छी भेंट का सौभाग्य राय चंद नानक चंद जैन, विजयेश सागर महाराज को पिच्छी भेंट का सौभाग्य विनोद कुमार अभिषेक जैन को प्राप्त हुआ।
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मुनि विहर्ष सागर महाराज का पाद् प्रक्षालण मुकेश कुमार, राहुल जैन ने, शास्त्र भेंट प्रेम चंद, मनोज जैन ने, गुरू पूजन अक्षरा जैन, आरती का सौभाग्य अरिदमन जैन को प्राप्त हुआ। सभी अतिथियों का स्वागत सुनील कुमार जैन ने किया। मंच संचालन डॉ. श्रेयासं जैन और वरदान जैन ने संयुक्त रूप से किया। पिच्छी परिवर्तन समारोह में धार्मिक संस्थाओं ने श्रीफल समर्पित किए।
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इस मौके पर विहर्ष सागर महाराज ने कहा जो लो पिच्छी रखने वालों का पीछा करते है अर्थात अनुसरण करते है, उन्हें पिच्छी मिल जाया करती है। उन्होंने कहा मुनिराज एक वर्ष में पिच्छी बदलते हैं, जोकि मोर के पंखों से बनी होती है, मौर के पंखो में पांच गुण होते हैं। किसी भी प्रकार की कोई हिंसा इससे नहीं होती। मुनि पिच्छी को सदैव अपने साथ रखते हैं। कार्यक्रम में कमेटी के अध्यक्ष मदनलाल जैन, प्रमोद जैन, अशोक जैन, अशोक, अरिदमन जैन, वरदान जैन, आशीष जैन, सुख दर्शन जैन, शशि जैन, महेंद्र जैन, आर के जैन, पंकज जैन, विनोद जैन, अनिल जैन, राकेश जैन आदि रहे।