UP: RSS नेता समेत 15 के खिलाफ मुकदमा दर्ज, मारुति सर्विस सेंटर में की थी तोड़फोड़, अदालत के आदेश पर हुआ एक्शन
Baghpat News : बागपत में आरएसएस नेता समेत 15 के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। मारुति सर्विस सेंटर में मारपीट और तोड़फोड़ करने के अलावा छेड़छाड़ मामले में न्यायालय के आदेश पर यह कार्रवाई हुई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बागपत के पाली गांव में मारुति सर्विस सेंटर में मारपीट और तोड़फोड़ करने के अलावा छेड़छाड़ मामले में न्यायालय के आदेश पर आरएसएस नेता समेत 15 के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। घटना छह फरवरी को हुई थी, जिसमें पुलिस ने तब दोनों पक्षों का शांति भंग में चालान किया था।
बसी गांव के रहने वाले हरिमोहन कौशिक ने बताया कि छह फरवरी को वह अपने भाई बबलू कौशिक के साथ मारुति सर्विस सेंटर पर बैठा हुआ था। आरोप लगाया कि तभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहकार भारती के आवासीय प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक ओमपाल शर्मा, शिवओम, अंकित शर्मा निवासीगण भमौरी जनपद मेरठ, विकास और अश्वनी निवासी शिवाजी पार्क दिल्ली अपने साथ दस युवकों को लेकर सर्विस सेंटर में पहुंचे। जहां रिसेप्शन पर बैठी महिला कर्मी के सामने सीसीटीवी कैमरे तोड़ने लगे। विरोध करने पर हमलावरों ने महिला कर्मी की पिटाई कर कपड़े फाड़ दिए, तभी वह अपने भाई और मैकेनिकों के साथ वहां पहुंचा तो उन पर भी लाठी-डंडों से हमला कर घायल कर दिया।
उन्होंने हमलावरों पर फायरिंग करने का भी आरोप लगाया। इसका पता चलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के कई लोगों को पकड़ लिया और उनका शांति भंग में चालान कर दिया। उनके बीच चल रहा विवाद न्यायालय में विचाराधीन है।
आरोप लगाया कि आरएसएस नेता और उसके साथी सेंटर पर रखे लैपटॉप, टेब डायरी, जमीनी कागज, एग्रीमेंट, 25 हजार रुपये नकदी भी उठाकर ले गए। इस मामले में न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने आरएसएस नेता ओमपाल शर्मा, शिवओम, अंकित शर्मा, विकास और अश्वनी के अलावा दस अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें: Exit Polls: वेस्ट यूपी की इन सीटों पर फेल हो गया था 2019 का एग्जिट पोल, पढ़िए आखिर कहां-कहां पलट गई थी बाजी
मुझ पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से गलत हैं। जिस संपत्ति को लेकर विवाद है, वह हमारी है और उसके सभी दस्तावेज हैं। जब विवाद हुआ था तो उच्च स्तरीय अधिकारियों ने जांच कर अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई के साथ मुचलका पाबंद किया था। मेरी तरफ से भी शिकायत दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब न्यायालय में अपना पक्ष रखेंगे। - ओमपाल शर्मा, प्रदेश संयोजक आवासीय प्रकोष्ठ, सहकार भारती, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
यह भी पढ़ें: कौन है कुख्यात सुनील राठी: जिसे कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा, घोषित है अंतरराज्यीय माफिया, 41 केस हैं दर्ज