हवा में अभियान: खेत से लेकर सड़क-बाजार तक बेसहारा गोवंश का आतंक, किसान-राहगीर दोनों परेशान, ले चुके हैं कई जान
उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में एक नवंबर से 31 दिसंबर तक ढाई हजार गोवंशों को गोशाला भिजवाने का लक्ष्य दिया गया था लेकिन अफसरों ने 826 गोवंश पकड़कर गोशाला भेजे, बाकि खेतों से लेकर सड़कों पर घूमते नजर आ रहे हैं। ये गोवंश न सिर्फ किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं, बल्कि कोहरे में वाहन चालकों के लिए भी मुसीबत खड़ी कर रहे हैं।
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विस्तार
गोवंशों को पकड़ने के लिए शुरू हुआ विशेष अभियान एक महीने बाद ही हवाई नजर आ रहा है। इसमें एक नवंबर से 31 दिसंबर तक ढाई हजार गोवंशों को गोशाला भिजवाने के लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 826 गोवंशों को अभी तक गोशाला भिजवाया जा सका। इसके चलते अब गोवंश खेतों में फसल बर्बाद कर रहे हैं और सड़कों व बाजारों में लोगों को उठाकर पटक रहे हैं।
जिले में खेतों से लेकर सड़कों और बाजारों में गोवंशों का आतंक देखने को मिल रहा है। खेतों में फसल बर्बाद कर रहे गोवंशों ने किसानों की रात की नींद उड़ा दी है। इस कारण गेहूं बुवाई के बाद किसान खेत में पहरा देने को मजबूर हो गए हैं। इसके अलावा सड़कों पर लगातार हादसे भी हो रहे है और बाजारों में कई बार गोवंश उत्पात भी मचा चुके हैं।
इसके चलते एक नवंबर से 31 दिसंबर तक गोवंशों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के आदेश जारी किये गए थे। इसमें जिले में ढाई हजार गोवंशों को गोशाला भिजवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। जिले में गोवंशों को पकड़ने के लिए चलाया गया विशेष अभियान एक महीने बाद ही हवा में नजर आ रहा है। इसमें ढाई हजार के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक सिर्फ 826 गोवंशों को गोशाला भेजा गया। वहीं हजारों गोवंश खेतों से लेकर सड़कों पर नजर आ रहे हैं।
कोहरे में बढ़ेगी वाहन चालकों की परेशानी
जिले में बड़ी संख्या में गोवंश दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से लेकर अन्य मार्गों पर घूमते रहते हैं। अब ठंड शुरू हो गई है और कोहरा भी पड़ने लगा है। ऐसे में वाहन चालकों को दूसरे वाहनोंं के साथ खुद को गोवंशों से भी बचाना होगा। इससे पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। इसमें गोवंशों से लेकर वाहन चालकों की भी मौत हो चुकी है।
ढिकौली के जंगल में घूम रहा गाोवंशों का झुंड
ढिकौली गांव के जंगल में 20 से अधिक गोवंशों का झुंड घूमता हुआ मिला, जो पहले ईंख के खेत में घुसे। इसके बाद सरसों के खेत में फसल बर्बाद कर चले गए। इसका पता चलने पर वहां पहुंचे किसानों ने गोवंशों को आगे खदेड़ा।
चमरावल रोड पर सरसों के खेत में मिले गोवंश
शहर में चमरावल रोड पर खेतों में गोवंश घुसे मिले। इसमें सरसों के खेत में कई गोवंश फसल बर्बाद करते हुए मिले। इसके अलावा कई किसान खेतों में घुसने से रोकते नजर आये।
आसान नहीं पक्का तालाब के पास से गुजरना
शहर में पक्का तालाब के पास दिनभर गोवंश घूमते रहते हैं, जो वहां से गुजरने वाले लोगों को टक्कर मारते रहते हैं। इसके चलते तालाब के पास से पैदल गुजरना आसान नहीं है। गोवंशों ने सोमवार को बुजुर्ग समेत तीन लोगों को टक्कर मारकर घायल कर दिया था।
शहर में आपस में भिड़ते हुए गोवंश एक सर्राफ की दुकान में घुस गए थे, जिन्होंने दुकान में लाखों रुपये का सामान क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसके अलावा व्यापारी संजय वर्मा को उठाकर पटक दिया था। कोतवाली के आसपास गोवंशों की भिड़ंत में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। वहीं तमेलागढ़ी गांव में ब्रजपाल पर हमला कर घायल कर दिया था। गांव के ही लोकेंद्र की आवारा पशु की टक्कर से मौत हो गई थी। इसके अलावा भी कई लोगों की मौत हो चुकी है।
बेसहारा पशु किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। दिन में काम के बाद रात में फसलों की रखवाली करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। -हिम्मत सिंह, भाकियू नेता।
नगर के गली-मोहल्लो में आवारा पशु लोगों पर हमला कर घायल कर रहे हैं। कई बार पशुओं को पकड़वाने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। - राजपाल शर्मा, व्यापारी बागपत
जिले में 24 गोशालाएं संचालित हैं, जहां पांच हजार से अधिक गोवंश संरक्षित कराए गए हैं। जिले में कई गोशाला और संरक्षण केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। विशेष अभियान में रोजाना गोवंशों को पकड़ा जा रहा है, जल्द ही सभी गोवंशों को गोशाला भिजवा दिया जाएगा। -डाॅ. अरविंद त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी।