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Baghpat News: दिल्ली व नोएडा वालों की बागपत में रोजाना नौ लाख रुपये की ईंट चोरी
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ईंट चोरी स्टिंग की खबर से संबंधित फोटो। (सीन एक)मवीकलां गांव स्थित ईपीई के पास हाईवे किनारे
- भट्ठों से रोजाना 600 ट्रकों और 100 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में 40 लाख ईंटों की दिल्ली व नोएडा समेत अन्य जगह होती है सप्लाई
- ट्रकों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों से रोजाना डेढ़ लाख ईंटों को चोरी कर रहे चालक व मजदूर, खरीदारों को हो रहा नुकसान
बागपत। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम वालों की बागपत में रोजाना नौ लाख रुपये की ईंटें चोरी हो रहीं हैं। इन जगहों पर यहां के ईंट भट्ठों से ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रोजाना 40 लाख ईंटों की सप्लाई की जाती है। इनमें से डेढ़ लाख ईंटों को चालक व मजदूर रास्ते में चोरी करके बेच देते हैं। इस तरह भवन निर्माण के लिए ईंट मंगवाने वालों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
जिले में 425 ईंट भट्ठे चल रहे हैं। इनसे रोजाना 600 ट्रकों और 100 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम समेत अन्य जगहों पर 40 लाख ईंटों की सप्लाई होती है। वहां के सप्लायर यहां भट्ठों पर ईंटों का ऑर्डर देते हैं, जो अपने यहां ईंट उतरवाने की जगह सीधे खरीदार के यहां भिजवा देते हैं। ईंटों का इस समय छह हजार रुपये प्रति एक हजार का दाम है और रुपये भी यहां से ट्रक व ट्रैक्टर को रवाना करने से पहले ले लिए जाते हैं।
वहां पहुंचने से पहले ही चालक व मजदूर रास्ते में पहले से निर्धारित ढाबा और दुकानों पर 150-200 ईंटों को उतार देते हैं। इनके अलावा भट्ठे से चलते ही अपने करीबियों को फोन कर दिया जाता है और रास्ते में रिक्शा या बुग्गी में ईंटों को उतार दिया जाता है। ईंटों को बीच में से उतारा जाता है अगर कोई खरीदार जांच करने लगे तो लाइनाें में लगी ईंटों की बाहर से दिखाकर गिनती कराई जा सके। इस तरह ईंटों की चोरी खरीदार की पकड़ में नहीं आती।
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- चार हजार रुपये में ईंटों की खरीद और पांच में बिक्री
ईंटों की चोरी का यह पूरा खेल दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर बागपत से डूंडाहेड़ा तक होता है। इसका पूरा खुलासा तब हुआ जब रिपोर्टर ने एक सप्ताह तक ट्रकों व ट्रैक्टर-ट्रॉली का पीछा करके उनकी हर गतिविधि को देखा। बागपत, काठा, मवीकलां, डूंडाहेड़ा में हाईवे किनारे दुकान व ढाबे के पास ईंटों को उतरवाया जाता है और वहां से उनको बेच दिया जाता है। चोरी की ईंट चार हजार रुपये प्रति हजार के दाम में खरीदी जा रहीं हैं और एकत्र होने पर पांच हजार रुपये प्रति हजार के हिसाब से बेच दी जातीं हैं। इसके अलावा छह हजार से अधिक ईंटों का ढेर लगने पर उनको ट्रक में लादकर दिल्ली भी सप्लाई कर दिया जाता है।
सीन एक : ट्रैक्टर-ट्रॉली से ई-रिक्शा में रखकर भेज दीं ईंट
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर सिसाना की तरफ से आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को चालक ने लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस के पास रोक दिया। वहां पहले से ई-रिक्शा लेकर एक युवक खड़ा था। ट्रैक्टर-ट्रॉली से मजदूरों ने सौ से ज्यादा ईंटों को उतारकर ई-रिक्शा में रखवाया और ई-रिक्शा को लेकर चालक चला गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी चालक लेकर गाजियाबाद की तरफ चला गया।
- सीन दो : मवीकलां में ईपीई के नीचे उतारी ईंटें
बागपत से दिल्ली की तरफ ईंट लेकर जा रहे चालक ने ट्रक को मवीकलां में ईपीई के नीचे रोक लिया। वहां पहले से खड़े एक व्यक्ति के पास ट्रक से दो सौ से ज्यादा ईंटों को उतार दिया गया। वहां से ट्रक को लेकर चालक आगे चला गया और व्यक्ति उन ईंटों को बुग्गी में भरवाकर ले गया।
- इस तरह हुई ईंट खरीदने की बातचीत
रिपोर्टर : यह ईंट बेचने के लिए है क्या?
व्यक्ति : हां, चाहिए क्या?
रिपोर्टर : क्या रेट मिलेगी?
व्यक्ति : यहां से लेकर जाओगे तो साढ़े पांच हजार रुपये की एक हजार मिलेगी। भिजवाने का किराया अलग से लगेगा।
रिपोर्टर : भट्ठों पर छह हजार रुपये का रेट है। यहां कम रेट कैसे है, खराब तो नहीं है।
व्यक्ति : नहीं, दिल्ली जाने वाले ट्रकाें में थोड़ी-थोड़ी करके ईंट मंगवा लेते हैं तो किराया बच जाता है। इसलिए कम रेट हैं।
रिपोर्टर : ईंट लेकर जाने के लिए कुछ लाना पड़ेगा। कल आता हूं।
-- -वर्जन- ईंट भट्ठे से जाने के बाद खरीदार के पास पहुंचने से पहले ईंट चोरी होने की काफी शिकायतें आ रहीं हैं। चालकों से कम दाम में ईंट खरीदकर बेचने वालों ने ढाबों के आसपास अपने ठिकाने भी बना रखे हैं। इसमें कार्रवाई के लिए जल्द ही समिति के पदाधिकारी अफसरोंं से मिलेंगे। - विनोद गोयल, कोषाध्यक्ष, ईंट निर्माता समिति
वर्जन-
ट्रकों से ईंट चोरी कर बेचने के मामले में अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। इसमें शिकायत मिलती है तो उसके आधार पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - सूरज कुमार राय, एसपी
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- ट्रकों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों से रोजाना डेढ़ लाख ईंटों को चोरी कर रहे चालक व मजदूर, खरीदारों को हो रहा नुकसान
बागपत। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम वालों की बागपत में रोजाना नौ लाख रुपये की ईंटें चोरी हो रहीं हैं। इन जगहों पर यहां के ईंट भट्ठों से ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रोजाना 40 लाख ईंटों की सप्लाई की जाती है। इनमें से डेढ़ लाख ईंटों को चालक व मजदूर रास्ते में चोरी करके बेच देते हैं। इस तरह भवन निर्माण के लिए ईंट मंगवाने वालों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
जिले में 425 ईंट भट्ठे चल रहे हैं। इनसे रोजाना 600 ट्रकों और 100 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम समेत अन्य जगहों पर 40 लाख ईंटों की सप्लाई होती है। वहां के सप्लायर यहां भट्ठों पर ईंटों का ऑर्डर देते हैं, जो अपने यहां ईंट उतरवाने की जगह सीधे खरीदार के यहां भिजवा देते हैं। ईंटों का इस समय छह हजार रुपये प्रति एक हजार का दाम है और रुपये भी यहां से ट्रक व ट्रैक्टर को रवाना करने से पहले ले लिए जाते हैं।
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वहां पहुंचने से पहले ही चालक व मजदूर रास्ते में पहले से निर्धारित ढाबा और दुकानों पर 150-200 ईंटों को उतार देते हैं। इनके अलावा भट्ठे से चलते ही अपने करीबियों को फोन कर दिया जाता है और रास्ते में रिक्शा या बुग्गी में ईंटों को उतार दिया जाता है। ईंटों को बीच में से उतारा जाता है अगर कोई खरीदार जांच करने लगे तो लाइनाें में लगी ईंटों की बाहर से दिखाकर गिनती कराई जा सके। इस तरह ईंटों की चोरी खरीदार की पकड़ में नहीं आती।
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- चार हजार रुपये में ईंटों की खरीद और पांच में बिक्री
ईंटों की चोरी का यह पूरा खेल दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर बागपत से डूंडाहेड़ा तक होता है। इसका पूरा खुलासा तब हुआ जब रिपोर्टर ने एक सप्ताह तक ट्रकों व ट्रैक्टर-ट्रॉली का पीछा करके उनकी हर गतिविधि को देखा। बागपत, काठा, मवीकलां, डूंडाहेड़ा में हाईवे किनारे दुकान व ढाबे के पास ईंटों को उतरवाया जाता है और वहां से उनको बेच दिया जाता है। चोरी की ईंट चार हजार रुपये प्रति हजार के दाम में खरीदी जा रहीं हैं और एकत्र होने पर पांच हजार रुपये प्रति हजार के हिसाब से बेच दी जातीं हैं। इसके अलावा छह हजार से अधिक ईंटों का ढेर लगने पर उनको ट्रक में लादकर दिल्ली भी सप्लाई कर दिया जाता है।
सीन एक : ट्रैक्टर-ट्रॉली से ई-रिक्शा में रखकर भेज दीं ईंट
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर सिसाना की तरफ से आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को चालक ने लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस के पास रोक दिया। वहां पहले से ई-रिक्शा लेकर एक युवक खड़ा था। ट्रैक्टर-ट्रॉली से मजदूरों ने सौ से ज्यादा ईंटों को उतारकर ई-रिक्शा में रखवाया और ई-रिक्शा को लेकर चालक चला गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी चालक लेकर गाजियाबाद की तरफ चला गया।
- सीन दो : मवीकलां में ईपीई के नीचे उतारी ईंटें
बागपत से दिल्ली की तरफ ईंट लेकर जा रहे चालक ने ट्रक को मवीकलां में ईपीई के नीचे रोक लिया। वहां पहले से खड़े एक व्यक्ति के पास ट्रक से दो सौ से ज्यादा ईंटों को उतार दिया गया। वहां से ट्रक को लेकर चालक आगे चला गया और व्यक्ति उन ईंटों को बुग्गी में भरवाकर ले गया।
- इस तरह हुई ईंट खरीदने की बातचीत
रिपोर्टर : यह ईंट बेचने के लिए है क्या?
व्यक्ति : हां, चाहिए क्या?
रिपोर्टर : क्या रेट मिलेगी?
व्यक्ति : यहां से लेकर जाओगे तो साढ़े पांच हजार रुपये की एक हजार मिलेगी। भिजवाने का किराया अलग से लगेगा।
रिपोर्टर : भट्ठों पर छह हजार रुपये का रेट है। यहां कम रेट कैसे है, खराब तो नहीं है।
व्यक्ति : नहीं, दिल्ली जाने वाले ट्रकाें में थोड़ी-थोड़ी करके ईंट मंगवा लेते हैं तो किराया बच जाता है। इसलिए कम रेट हैं।
रिपोर्टर : ईंट लेकर जाने के लिए कुछ लाना पड़ेगा। कल आता हूं।
वर्जन-
ट्रकों से ईंट चोरी कर बेचने के मामले में अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। इसमें शिकायत मिलती है तो उसके आधार पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - सूरज कुमार राय, एसपी

ईंट चोरी स्टिंग की खबर से संबंधित फोटो। (सीन एक)मवीकलां गांव स्थित ईपीई के पास हाईवे किनारे