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Baghpat: भट्ठों पर ईंट बिक्री बंद, रोज 3.50 करोड़ का फटका, 5800 रुपये प्रति हजार ईंट के दाम, फिर भी नुकसान

Thu, 15 Sep 2022 12:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Thu, 15 Sep 2022 12:12 AM IST
सार

बागपत में सबसे ज्यादा करीब 450 ईंट भट्ठे हैं, जिनमें से 400 भट्ठे चल रहे हैं। अब भट्ठे बंद होने से प्रतिदिन साढ़े तीन करोड़ का कारोबार प्रभावित हो रहा है।

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Brick sale stopped at kilns, Rs 3.50 crore shot daily
बागपत के सिसाना गांव स्थित बंद पड़ा ईंट भट्टा - फोटो : BAGHPAT

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बागपत में भट्ठों पर ईंट बिक्री बंद होने से रोजाना साढ़े तीन करोड़ रुपये का कारोबार को फटका लग रहा है। बागपत से रोजाना करीब 60 लाख ईंटों की सप्लाई दिल्ली और नोएडा में होती हैं। सस्ती दर पर कोयला उपलब्ध कराने और जीएसटी दर कम करने की मांग को लेकर यह हड़ताल 17 सितंबर तक रहेगी, जिसको बढ़ाया जा सकता है।

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बागपत में सबसे ज्यादा करीब 450 ईंट भट्ठे हैं, जिनमें से 400 भट्ठे चल रहे हैं। पिछले कुछ महीनों से भट्ठों पर ईंट बनाने से लेकर सप्लाई करने तक में खर्चा ज्यादा बढ़ गया है। भट्ठों पर ईंट बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला कोयला जहां पहले दस हजार रुपये प्रति टन मिल रहा था, वह 24 हजार रुपये टन तक मिल रहा है।
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इस तरह ही जहां अप्रैल से पहले जीएसटी पांच प्रतिशत होती थी, वह 12 प्रतिशत पर पहुंच गई है। जबकि इस बढ़े खर्च के अनुसार ईंटों के दाम नहीं मिल रहे है। इसलिए ही अखिल भारतीय और प्रदेश ईंट निर्माता समिति के आह्वान पर 17 सितंबर तक भट्ठों से ईंटों की बिक्री बंद कर दी गई है। भट्ठा मालिकों की मांग है कि उनको कम दाम में कोयला उपलब्ध कराया जाए और जीएसटी की दर भी पहले की तरह पांच प्रतिशत की जाए।
 
भवन निर्माण सामग्री सप्लाई करने वालों ने भी हाथ खड़े किए
भट्ठों से ईंटों की बिक्री बंद होने के बाद लोगों ने भवन निर्माण सामग्री की सप्लाई करने वालों से संपर्क शुरू कर दिया। बागपत में दिल्ली रोड पर रहने वाले शहजाद ने बताया कि वह निर्माण कार्य करा रहे हैं, जिसके लिए ईंट खत्म होने पर वह भट्ठे पर गए, लेकिन वहां अभी ईंट देने से इंकार कर दिया। वह सप्लायर के पास पहुंचे तो उसके पास भी केवल पांच हजार ईंट मिलीं। जिनसे दो दिन काम चल सकता है। इस तरह सप्लायरों के पास भी ईंट खत्म हो गई हैं।
 
5800 रुपये प्रति हजार ईंट के दाम, फिर भी नुकसान
ईंट निर्माता समिति के महामंत्री नीरज नैन बताते हैं कि ईंट के दाम 5800 रुपये प्रति हजार तक हैं, लेकिन इसके बाद भी भट्ठा मालिकों को नुकसान हो रहा है। क्योंकि ईंट बनाने में लागत काफी आ रही है। इसलिए ही मांग की जा रही है कि सरकार कम दाम में कोयला उपलब्ध कराए और जीएसटी दर भी कम करे। उससे भट्ठा मालिकों और आम लोगों सभी को फायदा होगा।

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