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हाड़ कांपे, निमोनिया की चपेट में मासूम
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 03 Jan 2018 01:53 AM IST
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बागपत जिला अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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न्यूनतम तापमान चार डिग्री तक लुढ़क जाने के कारण बीमारियां भी फैल रही है। सबसे ज्यादा बच्चे बीमार हो रहे हैं। ठंड होने के कारण बच्चे जुकाम, खांसी ही नहीं निमोनिया से भी ग्रसित हो रहे हैं। जिला अस्पताल में हर रोज करीब 150 बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं। सीएचसी और प्राइवेट अस्पताल में भी यही हाल है।
बागपत की माता कॉलोनी निवासी महिला नाजिया अपने तीन वर्षीय बेटे मोहम्मद फैज को लेकर जिला अस्पताल पहुंची जो निमोनिया से ग्रस्त है। इसी तरह बाघू गांव की महिला शशि अपनी बेटी मानसी को सरकारी अस्पताल में लेकर पहुंची और इलाज कराया।
बागपत की राशिद कॉलोनी निवासी महिला साबो अपने एक वर्षीय पौत्र मोहम्मद साद का जिला अस्पताल में इलाज कराया। जो जुकाम खांसी से पीड़ित है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया सर्दी बढ़ने से बच्चे जुकाम व खांसी से ग्रसित हो रहे हैं। निमोनिया से पीड़ित मरीज भी आ रहे हैं। हालत गंभीर मिलने पर उनको हायर हॉस्पिटल के लिए रेफर किया जाता है।
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निमोनिया पीड़ित बच्चे को किया रेफर
बागपत। शहर का डेढ़ वर्षीय बच्चा सैफ निमोनिया से पीड़ित था। हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने उसको हायर हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया था।
वेंटिलेटर की सुविधा नहीं, मरीज होते हैं रेफर
जिला अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। इस कारण निमोनिया से ज्यादा पीड़ित बच्चे को चिकित्सक तुरंत रेफर कर देते है। चिकित्सकों का कहना है कि इस बीमारी में बच्चे की अचानक हालत बिगड़ जाती है।
ये रखे सावधानी
बच्चों को सुबह बाहर जाने से बचाए, पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाएं
ठंडी चीजे खाने को न दे, गुनगुना पानी पिलाए
फ्रिज में रखा सामान बच्चों को न खिलाए
सांस के मरीज आग न सेके
बीमार होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाए
नियमित दवाइयों का सेवन करें
अलाव का सहारा न लें
बागपत। चिकित्सकों का कहना है कि बीमारी से ग्रस्त बच्चों को जलते अलावा के पास न लेकर बैठे। इससे उनको ओर ज्यादा परेशानी हो जाती है। सांस के मरीजों को ओर ज्यादा परेशानी हो जाती है। चिकित्सक की सलाह लेकर ही पीड़ित बच्चे का इलाज करें। ठंड से वृद्ध भी परेशान हैं। वृद्ध भी चिकित्सक की सलाह लेकर ही दवा का सेवन करें।
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बागपत की माता कॉलोनी निवासी महिला नाजिया अपने तीन वर्षीय बेटे मोहम्मद फैज को लेकर जिला अस्पताल पहुंची जो निमोनिया से ग्रस्त है। इसी तरह बाघू गांव की महिला शशि अपनी बेटी मानसी को सरकारी अस्पताल में लेकर पहुंची और इलाज कराया।
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बागपत की राशिद कॉलोनी निवासी महिला साबो अपने एक वर्षीय पौत्र मोहम्मद साद का जिला अस्पताल में इलाज कराया। जो जुकाम खांसी से पीड़ित है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया सर्दी बढ़ने से बच्चे जुकाम व खांसी से ग्रसित हो रहे हैं। निमोनिया से पीड़ित मरीज भी आ रहे हैं। हालत गंभीर मिलने पर उनको हायर हॉस्पिटल के लिए रेफर किया जाता है।
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निमोनिया पीड़ित बच्चे को किया रेफर
बागपत। शहर का डेढ़ वर्षीय बच्चा सैफ निमोनिया से पीड़ित था। हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने उसको हायर हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया था।
वेंटिलेटर की सुविधा नहीं, मरीज होते हैं रेफर
जिला अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। इस कारण निमोनिया से ज्यादा पीड़ित बच्चे को चिकित्सक तुरंत रेफर कर देते है। चिकित्सकों का कहना है कि इस बीमारी में बच्चे की अचानक हालत बिगड़ जाती है।
ये रखे सावधानी
बच्चों को सुबह बाहर जाने से बचाए, पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाएं
ठंडी चीजे खाने को न दे, गुनगुना पानी पिलाए
फ्रिज में रखा सामान बच्चों को न खिलाए
सांस के मरीज आग न सेके
बीमार होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाए
नियमित दवाइयों का सेवन करें
अलाव का सहारा न लें
बागपत। चिकित्सकों का कहना है कि बीमारी से ग्रस्त बच्चों को जलते अलावा के पास न लेकर बैठे। इससे उनको ओर ज्यादा परेशानी हो जाती है। सांस के मरीजों को ओर ज्यादा परेशानी हो जाती है। चिकित्सक की सलाह लेकर ही पीड़ित बच्चे का इलाज करें। ठंड से वृद्ध भी परेशान हैं। वृद्ध भी चिकित्सक की सलाह लेकर ही दवा का सेवन करें।