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जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए खूनी टकराव
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जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए खूनी टकराव
बागपत। कुख्यात परमवीर तुगाना की हत्या और खूनी षडयंत्र के पीछे जिला पंचायत चुनाव की तैयारी और अध्यक्ष पद की कुर्सी पाने की सियासी चाह सामने आई है। पुलिस की जांच में सामने आया कि जिला पंचायत के वार्ड छह और सात से परमवीर और उसका भाई चुनाव की तैयारी में जुटे थे, जबकि सुनील राठी अपनी मां राजबाला चौधरी और ममेरे भाई परवेंद्र को इन्हीं वार्ड से चुनाव लड़ाना चाहता था।
एसपी अजय कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी सचिन उर्फ मोनू खोखर वर्ष 2018 में जेल से जमानत पर छूटा था। अब वह जिला पंचायत सदस्य के वार्ड सात से चुनाव की तैयारी कर रहा था। इसी वार्ड से परमवीर तुगाना अपने भाई कृष्णवीर को सदस्य पद का चुनाव लड़ाना चाहता था। वार्ड छह से वह खुद चुनाव लड़ना चाहता था। उधर, इस वार्ड से सुनील राठी अपने मामा के लड़के कूड़ी गांव निवासी परवेंद्र या अपनी मां राजबाला को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाना चाहता था। सुनील राठी के कहने पर ही परवेंद्र चुनाव की तैयारी में जुटा था। सुनील राठी का मकसद जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी थी। अध्यक्ष के लिए वह अपनी मां राजबाला चौधरी को चुनाव लड़ाना चाहता था। एसपी के मुताबिक परमवीर और उसके भाई की तैयारी से दोनों पक्षों में मनमुटाव शुरू हो गया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के रास्ते से परमवीर तुगाना को हटाने के लिए अमित उर्फ लीलू से सचिन उर्फ मोनू ने हाथ मिलाकर वारदात को अंजाम दिया।
हलालपुर में रची गई साजिश
बागपत। एसपी ने बताया कि एक माह पहले सुनील राठी के कहने पर हलालपुर में सचिन उर्फ मोनू ने अपने मकान पर बैठकर परमवीर तुगाना की हत्या की योजना बनाई थी। सुनील राठी ने शूटरों की व्यवस्था की थी। शूटरों को मोहित और हलालपुर निवासी रोबिन जानते हैं। वारदात के दिन परमवीर की रेकी की गई। आपस में यह लोग परमवीर तुगाना की जानकारी वीडियो कॉल पर देते थे। वारदात के दिन सचिन उर्फ मोनू अपनी गाड़ी में पिस्टल लेकर कूड़ी आया, जहां उसका भाई रोबिन, अमित उर्फ लीलू, परवेन्द्र, मोहित और अन्य शूटर मिले थे। इसके बाद परमवीर तुगाना और चबूतरे पर बैठे अन्य लोगों पर फायरिंग की गई थी।
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सुनील राठी परिवार से इस तरह हुई पहचान
बागपत। एसपी के मुताबिक आरोपी सचिन उर्फ मोनू के पिता नरेश खोखर और सुनील राठी के पिता के आपस में अच्छी जान पहचान थी। नरेश खोखर का बेटा रोबिन और सुनील राठी मेरठ में एक साथ पढ़ते थे। इस दौरान दोनों भाइयों के सुनील राठी से अच्छे संबंध हो गए थे। सचिन उर्फ मोनू ने सुनील राठी के कहने पर अमित उर्फ भूरा को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाया था और पुलिस के हथियार भी लूट लिए थे। कूड़ी गांव में सुनील राठी के मामा हैं।
इस टीम की मेहनत आई रंग लाई
बागपत। एसपी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी और खुलासे में इंस्पेक्टर दिनेश कुमार, एसआई गजेंद्र सिंह, सिपाही अमित शर्मा और अंकुर शर्मा की सराहनीय भूमिका रही।
खुलासे पर सवाल, घर से बुलाया गया था सचिन
बागपत। हलालपुर गांव निवासी सचिन खोखर की गिरफ्तारी और खुलासे पर सवाल भी उठने लगे हैं। सचिन की पत्नी शेवी चौधरी ने पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा कि पुलिस उसके पति सचिन को घर से बुलाकर ले गई थी। परिवार के पास सीसीटीवी फुटेज थी, जिसमें जबरन पुलिस ले गई। जिस दिन कूड़ी गांव की घटना हुई, उस दिन सचिन घर पर ही था और सारे सुबूत सीसीटीवी कैमरे में है, लेकिन पुलिस जबरन गलत तरीके से फंसा रही हैं। शेवी चौधरी के अलावा सचिन की मां सरोज देवी, बहन नीलम, चाची कृष्णा और बुआ रविता ने कहा कि राजनीति के तहत सचिन और उसके परिवार को फंसाया गया है। उनके परिवार का इस वारदात से कोई लेना-देना नहीं है।
पुलिस ने भेजा बयान और हो गया खुलासा
बागपत। कूड़ी गांव के चर्चित हमले और परमवीर तुगाना की हत्या के मामले में पुलिस पहले दिन से ही मीडिया के सवालों के जवाब देने से बचती रही है। सचिन की गिरफ्तारी और वारदात के खुलासे में भी यही हुआ। जिले की सबसे चर्चित वारदात का पुलिस ने प्रेस बयान जारी कर खुलासा कर दिया। इससे पहले पुलिस बासौली कांड को लेकर सवालों के घेरे में खड़ी हुई थी।
परमवीर के परिवार को हमले की आशंका, सुरक्षा मांगी
बागपत। परमवीर तुगाना के परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने बुधवार की शाम एसपी अजय कुमार सिंह से मिलकर परिवार को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की। परमवीर के भाई कृष्णवीर ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया कि हमलावर शातिर अपराधी हैं। उनके भाई की हत्या हो चुकी है। ऐसे में अब पूरे परिवार को खतरा है। परिवार को पुलिस सुरक्षा मिलनी चाहिए। यह भी आरोप लगाया कि सुनील राठी की मां राजबाला कई बार उसके भाई को जिला पंचायत चुनाव नहीं लड़ने से मना कर चुकी थी। धमकी भी दी थी। इसके अलावा हमले में सुनील का भाई अरविंद भी शामिल रहा है। एसपी से अरविंद और टीकरी की पूर्व चेयरमैन राजबाला चौधरी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की मांग रखी।
मुन्ना बजरंगी की हत्या में आरोपी है सुनील राठी
बागपत। कुख्यात सुनील राठी पर पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या का भी आरोप है। जिला कारागार में बजरंगी की हत्या में राठी को नामजद किया गया था। पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वर्तमान में सीबीआई जांच कर रही है।
भाइयों की हत्या का बदला लेने की खातिर लीलू रहा शामिल
बागपत। करनावल निवासी लीलू को वारदात में नामजद किया गया था। इंस्पेक्टर छपरौली दिनेश कुमार चिकारा ने बताया कि लीलू के दो भाइयों की हत्या में परमवीर तुगाना नामजद था। इसी रंजिश में लीलू भी वारदात में शामिल रहा। लीलू वर्तमान में योगेश भदौड़ा गैंग से जुड़ा हुआ है।
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बागपत। कुख्यात परमवीर तुगाना की हत्या और खूनी षडयंत्र के पीछे जिला पंचायत चुनाव की तैयारी और अध्यक्ष पद की कुर्सी पाने की सियासी चाह सामने आई है। पुलिस की जांच में सामने आया कि जिला पंचायत के वार्ड छह और सात से परमवीर और उसका भाई चुनाव की तैयारी में जुटे थे, जबकि सुनील राठी अपनी मां राजबाला चौधरी और ममेरे भाई परवेंद्र को इन्हीं वार्ड से चुनाव लड़ाना चाहता था।
एसपी अजय कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी सचिन उर्फ मोनू खोखर वर्ष 2018 में जेल से जमानत पर छूटा था। अब वह जिला पंचायत सदस्य के वार्ड सात से चुनाव की तैयारी कर रहा था। इसी वार्ड से परमवीर तुगाना अपने भाई कृष्णवीर को सदस्य पद का चुनाव लड़ाना चाहता था। वार्ड छह से वह खुद चुनाव लड़ना चाहता था। उधर, इस वार्ड से सुनील राठी अपने मामा के लड़के कूड़ी गांव निवासी परवेंद्र या अपनी मां राजबाला को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाना चाहता था। सुनील राठी के कहने पर ही परवेंद्र चुनाव की तैयारी में जुटा था। सुनील राठी का मकसद जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी थी। अध्यक्ष के लिए वह अपनी मां राजबाला चौधरी को चुनाव लड़ाना चाहता था। एसपी के मुताबिक परमवीर और उसके भाई की तैयारी से दोनों पक्षों में मनमुटाव शुरू हो गया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के रास्ते से परमवीर तुगाना को हटाने के लिए अमित उर्फ लीलू से सचिन उर्फ मोनू ने हाथ मिलाकर वारदात को अंजाम दिया।
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हलालपुर में रची गई साजिश
बागपत। एसपी ने बताया कि एक माह पहले सुनील राठी के कहने पर हलालपुर में सचिन उर्फ मोनू ने अपने मकान पर बैठकर परमवीर तुगाना की हत्या की योजना बनाई थी। सुनील राठी ने शूटरों की व्यवस्था की थी। शूटरों को मोहित और हलालपुर निवासी रोबिन जानते हैं। वारदात के दिन परमवीर की रेकी की गई। आपस में यह लोग परमवीर तुगाना की जानकारी वीडियो कॉल पर देते थे। वारदात के दिन सचिन उर्फ मोनू अपनी गाड़ी में पिस्टल लेकर कूड़ी आया, जहां उसका भाई रोबिन, अमित उर्फ लीलू, परवेन्द्र, मोहित और अन्य शूटर मिले थे। इसके बाद परमवीर तुगाना और चबूतरे पर बैठे अन्य लोगों पर फायरिंग की गई थी।
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सुनील राठी परिवार से इस तरह हुई पहचान
बागपत। एसपी के मुताबिक आरोपी सचिन उर्फ मोनू के पिता नरेश खोखर और सुनील राठी के पिता के आपस में अच्छी जान पहचान थी। नरेश खोखर का बेटा रोबिन और सुनील राठी मेरठ में एक साथ पढ़ते थे। इस दौरान दोनों भाइयों के सुनील राठी से अच्छे संबंध हो गए थे। सचिन उर्फ मोनू ने सुनील राठी के कहने पर अमित उर्फ भूरा को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाया था और पुलिस के हथियार भी लूट लिए थे। कूड़ी गांव में सुनील राठी के मामा हैं।
इस टीम की मेहनत आई रंग लाई
बागपत। एसपी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी और खुलासे में इंस्पेक्टर दिनेश कुमार, एसआई गजेंद्र सिंह, सिपाही अमित शर्मा और अंकुर शर्मा की सराहनीय भूमिका रही।
खुलासे पर सवाल, घर से बुलाया गया था सचिन
बागपत। हलालपुर गांव निवासी सचिन खोखर की गिरफ्तारी और खुलासे पर सवाल भी उठने लगे हैं। सचिन की पत्नी शेवी चौधरी ने पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा कि पुलिस उसके पति सचिन को घर से बुलाकर ले गई थी। परिवार के पास सीसीटीवी फुटेज थी, जिसमें जबरन पुलिस ले गई। जिस दिन कूड़ी गांव की घटना हुई, उस दिन सचिन घर पर ही था और सारे सुबूत सीसीटीवी कैमरे में है, लेकिन पुलिस जबरन गलत तरीके से फंसा रही हैं। शेवी चौधरी के अलावा सचिन की मां सरोज देवी, बहन नीलम, चाची कृष्णा और बुआ रविता ने कहा कि राजनीति के तहत सचिन और उसके परिवार को फंसाया गया है। उनके परिवार का इस वारदात से कोई लेना-देना नहीं है।
पुलिस ने भेजा बयान और हो गया खुलासा
बागपत। कूड़ी गांव के चर्चित हमले और परमवीर तुगाना की हत्या के मामले में पुलिस पहले दिन से ही मीडिया के सवालों के जवाब देने से बचती रही है। सचिन की गिरफ्तारी और वारदात के खुलासे में भी यही हुआ। जिले की सबसे चर्चित वारदात का पुलिस ने प्रेस बयान जारी कर खुलासा कर दिया। इससे पहले पुलिस बासौली कांड को लेकर सवालों के घेरे में खड़ी हुई थी।
परमवीर के परिवार को हमले की आशंका, सुरक्षा मांगी
बागपत। परमवीर तुगाना के परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने बुधवार की शाम एसपी अजय कुमार सिंह से मिलकर परिवार को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की। परमवीर के भाई कृष्णवीर ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया कि हमलावर शातिर अपराधी हैं। उनके भाई की हत्या हो चुकी है। ऐसे में अब पूरे परिवार को खतरा है। परिवार को पुलिस सुरक्षा मिलनी चाहिए। यह भी आरोप लगाया कि सुनील राठी की मां राजबाला कई बार उसके भाई को जिला पंचायत चुनाव नहीं लड़ने से मना कर चुकी थी। धमकी भी दी थी। इसके अलावा हमले में सुनील का भाई अरविंद भी शामिल रहा है। एसपी से अरविंद और टीकरी की पूर्व चेयरमैन राजबाला चौधरी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की मांग रखी।
मुन्ना बजरंगी की हत्या में आरोपी है सुनील राठी
बागपत। कुख्यात सुनील राठी पर पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या का भी आरोप है। जिला कारागार में बजरंगी की हत्या में राठी को नामजद किया गया था। पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वर्तमान में सीबीआई जांच कर रही है।
भाइयों की हत्या का बदला लेने की खातिर लीलू रहा शामिल
बागपत। करनावल निवासी लीलू को वारदात में नामजद किया गया था। इंस्पेक्टर छपरौली दिनेश कुमार चिकारा ने बताया कि लीलू के दो भाइयों की हत्या में परमवीर तुगाना नामजद था। इसी रंजिश में लीलू भी वारदात में शामिल रहा। लीलू वर्तमान में योगेश भदौड़ा गैंग से जुड़ा हुआ है।