BKU: टिकैत बोले- अपने ट्रैक्टर मजबूत करें, तिरंगा लगाएं, फिर होगा बड़ा आंदोलन, पढ़िए पूरा भाषण
राकेश टिकैत ने किसानों से कहा कि अपने ट्रैक्टरों को मजबूत करें और तिरंगा लगाएं। इसके बाद बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार की तानाशाही नीतियों के सामने किसान नहीं झुकेगा। सरकार की इन नीतियों के खिलाफ किसान बड़ा आंदोलन शुरू करेगा। इसलिए अपने ट्रैक्टर मजबूत करें। जिस तरह सरकार हर घर तिरंगा की बात करती है, तो किसान भी हर ट्रैक्टर पर तिरंगा लगाए। क्योंकि भूमि अधिग्रहण और एमएसपी समेत अन्य मुद्दों को लेकर जल्द आंदोलन होगा।
बागपत में टीकरी-सूजती चौराहे पर दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहण की गई जमीन के मुआवजे को लेकर होने वाली समस्याओं को दूर नहीं करने पर बुधवार को किसानों की महापंचायत हुई। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को कमजोर समझने की सरकार भूल नहीं करे, क्योंकि किसान अपना हक लेना जानता है। सरकार ने दिल्ली में किसानों के साथ धोखा किया था। किसान संसद पर जाना चाहते थे, लेकिन उनको लालकिले पर लेकर गए। इस तरह सरकार भटकाने का काम करती रहेगी, लेकिन किसानों को सरकार के षड्यंत्रों को समझना होगा।
उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना का किसान संगठन विरोध करेगा और 7 से 14 अगस्त तक देशभर में बैठक की जाएगी। जिसमें सेवानिवृत्त फौजियों को साथ लेकर अग्निपथ योजना के नुकसान के बारे में बताया जाएगा। अग्निपथ पर ज्ञान देने वाले पहले अपनी सरकारी नौकरी छोड़े, तब अग्निपथ पर बात करें।
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जब कॉरिडोर के लिए मिट्टी डालने आएंगे, तब फंसेंगे अधिकारी
महापंचायत में कहा गया कि कॉरिडोर के लिए अधिग्रहण की गई जमीन के मुआवजे के अलावा खड़ी फसल का मुआवजा, पैमाइश त्रुटियां आदि समस्याओं का अभी तक कोई समाधान नहीं किया गया है। अगर इन खामियों को जल्द दूर नहीं किया जाता, है तो जब कॉरिडोर निर्माण के लिए अधिकारी मिट्टी डालने आएंगे तो तब उनको किसान की ताकत दिखाई जाएगी। अब अधिकारियों से मिलने नहीं जाएंगे, बल्कि अधिकारी ही धरने पर आएंगे और उनको किसानों की समस्याओं को दूर करना होगा।
गांवों में संगठन को मजबूत करेगी भाकियू
राकेश टिकैत ने कहा कि 22 जनवरी 2021 से अभी तक सरकार ने किसी भी संगठन से बात तक नहीं की। सरकार का काम केवल तानाशाही करना है और वह बाज नहीं आती है तो किसान किसी भी तरह से पीछे नहीं हटेंगे। कहा कि आरएसएस गांव-गांव में शाखाएं लगा रही है और बच्चों को इनसे दूर रखना है। बल्कि गांवों में भाकियू के संगठन को मजबूत करना है, जिससे आंदोलन को मजबूती मिल सके। वहां डिजिटल इंडिया से किसानों को जोड़ने की मांग उठाई गई, जिससे किसानों को गन्ना भुगतान समय से मिल सके। राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि सरकार दूध पर पॉलिसी ला रही है और अब गांव-गांव कोल्डड्रिंक की तरह बोतलों में विदेशी दूध बिकेगा।
देश ऋषि व कृषि पर आधारित, कोई छेड़छाड़ न करें
महापंचायत में पहुंचने से पहले भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने दादरी गांव में शिवनारायण के आवास पर प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि यह देश ऋषि और कृषि पर आधारित है। इनके साथ कोई छेड़खानी ना करें। खेती किसानी अब फायदे का सौदा नहीं रही। यहां दो निजी चीनी मिल मलकपुर व किनौनी है। दोनों ने अभी तक आधा भी भुगतान नहीं किया। कहा कि संसद में ऐसा कानून बनना चाहिए कि सभी सांसद व मंत्री मंदिर-मस्जिद की जगह अपने विभाग पर ध्यान दें। मंदिर मस्जिद व गुरुद्वारों की जिम्मेदारी संत फकीरों की है। राजनीतिज्ञों की नहीं है। एनजीटी के कानून में बदलाव होना चाहिए। जिसमें किसान के ट्रैक्टर को दस साल के प्रावधान से अलग रखना चाहिए। इस दौरान गगन धामा, आदित्य सोलंकी, कमल दादरी, भगत सिंह, रामसेवक, रामनरेश, रामचंद्र, विरेंद्र प्रधान, सुंदर सिंह आदि उपस्थित रहे।