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अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही बिनौली की पीएचसी
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खंडर बनी बिनौली की पीएचसी का दृश्य
- फोटो : BARAUT
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बिनौली (बागपत)। लाखों रुपये की लागत से बनाया बिनौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। रखरखाव के अभाव में पीएचसी भवन खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। विभाग के अधिकारियों को इसकी जरा भी फिक्र नहीं है।
बिनौली ब्लॉक मुख्यालय से सटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कभी क्षेत्र की जनता के लिए वरदान साबित हुआ करता था। विभाग की अदूरदर्शिता का शिकार बनी इस पीएचसी ने अपना सब कुछ खो दिया। वर्ष 2008 में बिनौली में दादरी मार्ग पर सीएचसी बन जाने से यहां स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन बंद हो गया था। यहां से सभी स्वास्थ्य सेवाएं, स्वास्थ्य कर्मचारी सीएचसी में स्थानांतरण हो गए थे। इसके बाद से इस पीएचसी की विभाग के अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली। जिसके चलते लाखों की लागत से बनी यह पीएचसी रखरखाव के अभाव में खंडहर में तब्दील हो गई है। परिसर में झाड़ियां उग आई हैं। नतीजन अराजक तत्व कमरों के खिड़की व दरवाजे भी उखाड़ ले गए। हालत यह है किसी कमरे में उपले भरे हैं तो कहीं आवारा पशु आश्रय बनाए हुए हैं। इतना कि नहीं शाम ढलते ही यहां तरह-तरह का नशा करने वाले तत्वों व जुआरियों का भी जमावड़ा लग जाता है।
भवनों पर भी लिखा है निष्प्रयोज्य
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन खंडहर होने पर विभाग के अधिकारियों ने भवनों पर निष्प्रयोज्य लिखवा रखा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अतुल बंसल ने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी बागपत ने उनसे पीएचसी की हालत पर रिपोर्ट मांगी थी। उन्होंने उन्हें इसकी रिपोर्ट खंडहर होने की भेज दी है। अब विभाग के उच्चाधिकारियों का जैसा आदेश होगा उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा।
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बिनौली ब्लॉक मुख्यालय से सटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कभी क्षेत्र की जनता के लिए वरदान साबित हुआ करता था। विभाग की अदूरदर्शिता का शिकार बनी इस पीएचसी ने अपना सब कुछ खो दिया। वर्ष 2008 में बिनौली में दादरी मार्ग पर सीएचसी बन जाने से यहां स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन बंद हो गया था। यहां से सभी स्वास्थ्य सेवाएं, स्वास्थ्य कर्मचारी सीएचसी में स्थानांतरण हो गए थे। इसके बाद से इस पीएचसी की विभाग के अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली। जिसके चलते लाखों की लागत से बनी यह पीएचसी रखरखाव के अभाव में खंडहर में तब्दील हो गई है। परिसर में झाड़ियां उग आई हैं। नतीजन अराजक तत्व कमरों के खिड़की व दरवाजे भी उखाड़ ले गए। हालत यह है किसी कमरे में उपले भरे हैं तो कहीं आवारा पशु आश्रय बनाए हुए हैं। इतना कि नहीं शाम ढलते ही यहां तरह-तरह का नशा करने वाले तत्वों व जुआरियों का भी जमावड़ा लग जाता है।
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भवनों पर भी लिखा है निष्प्रयोज्य
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन खंडहर होने पर विभाग के अधिकारियों ने भवनों पर निष्प्रयोज्य लिखवा रखा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अतुल बंसल ने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी बागपत ने उनसे पीएचसी की हालत पर रिपोर्ट मांगी थी। उन्होंने उन्हें इसकी रिपोर्ट खंडहर होने की भेज दी है। अब विभाग के उच्चाधिकारियों का जैसा आदेश होगा उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा।

- भवन पर लिखा निष्प्रयोज्य- फोटो : BARAUT
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