{"_id":"620bd88855a0e71d7d633f1e","slug":"biharipur-chief-s-nephew-surrendered-in-court-baghpat-news-mrt577016075","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहारीपुर के प्रधान के भतीजे ने कोर्ट में सरेंडर किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिहारीपुर के प्रधान के भतीजे ने कोर्ट में सरेंडर किया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर के युवक की पिटाई करने के बाद मौत के मामले में आरोपी था प्रधान का भतीजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। युवक की पिटाई के बाद मौत के मामले में बिहारीपुर के प्रधान के भतीजे ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। उस पर युवक की पिटाई करने के कारण मौत होने का आरोप था। उसे पुलिस करीब दस दिन पहले गांव में पकड़ने गई थी तो वह फरार हो गया था।
बिहारीपुर के प्रधान देवप्रिय के मकान में 25 दिसंबर को पंकज निवासी लखनौती सहारनपुर तमंचे के साथ पहुंचा था। किसी घटना को अंजाम देने आने के शक में लोगों ने उसकी पिटाई की थी और पुलिस को सौंप दिया था। उसके पास से मिला एक तमंचा, दो कारतूस व नशे की गोलियां भी पुलिस को सौंपी गई थी। पंकज की दिल्ली के अस्पताल में 26 दिसंबर को उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में पंकज के पिता रामपाल ने प्रधान देवप्रिय व अन्य के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने प्रधान देवप्रिय को 28 दिसंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था जबकि पुलिस एक फरवरी को उसके भतीजे प्रियवृत को पकड़ने गांव में गई थी। पुलिस को देखकर आरोपी खेतों में भाग गया था। ग्रामीण पुलिस से उलझ गए थे। ग्रामीणों को लगा था कि पुलिस वहां प्रियवृत का एनकाउंटर करना चाहती है। इसके बाद से पुलिस लगातार प्रियवृत को तलाश रही थी। अब उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। कोतवाली प्रभारी तपेश्वर सागर का कहना है कि प्रियवृत ने पुलिस दबाव से कोर्ट में सरेंडर किया है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। युवक की पिटाई के बाद मौत के मामले में बिहारीपुर के प्रधान के भतीजे ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। उस पर युवक की पिटाई करने के कारण मौत होने का आरोप था। उसे पुलिस करीब दस दिन पहले गांव में पकड़ने गई थी तो वह फरार हो गया था।
बिहारीपुर के प्रधान देवप्रिय के मकान में 25 दिसंबर को पंकज निवासी लखनौती सहारनपुर तमंचे के साथ पहुंचा था। किसी घटना को अंजाम देने आने के शक में लोगों ने उसकी पिटाई की थी और पुलिस को सौंप दिया था। उसके पास से मिला एक तमंचा, दो कारतूस व नशे की गोलियां भी पुलिस को सौंपी गई थी। पंकज की दिल्ली के अस्पताल में 26 दिसंबर को उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में पंकज के पिता रामपाल ने प्रधान देवप्रिय व अन्य के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने प्रधान देवप्रिय को 28 दिसंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था जबकि पुलिस एक फरवरी को उसके भतीजे प्रियवृत को पकड़ने गांव में गई थी। पुलिस को देखकर आरोपी खेतों में भाग गया था। ग्रामीण पुलिस से उलझ गए थे। ग्रामीणों को लगा था कि पुलिस वहां प्रियवृत का एनकाउंटर करना चाहती है। इसके बाद से पुलिस लगातार प्रियवृत को तलाश रही थी। अब उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। कोतवाली प्रभारी तपेश्वर सागर का कहना है कि प्रियवृत ने पुलिस दबाव से कोर्ट में सरेंडर किया है।
विज्ञापन