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जीवन के लिए लगा रहे जान की बाजी

Wed, 02 Nov 2022 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Nov 2022 11:36 PM IST
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दोघट (बागपत)। रहतना गांव के लोगों को खेतों में जाने के लिए बल्लियों के सहारे कृष्णा नदी पार करनी पड़ती है। क्योंकि गांव से चार किमी दूर रंछाड़ और छह किमी दूर बरनावा में पुल बने हुए हैं। ऐसे में बचाने के लिए छात्रों को भी इन बल्लियों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीण प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने नदी पर पुल बनवाने की मांग कर चुके हैं, मगर समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ है।
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रतहना गांव की लगभग 12 सौ बीघा जमीन कृष्णा नदी के पार है। नदी पार करने के लिए गांव के लोगों को गांव से चार किमी रंछाड़ या फिर छह किमी बरनावा से होकर जाना पड़ता है। जिससे ग्रामीणों का काफी समय बर्बाद होता है।
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ग्रामीणों ने नदी पार करने के लिए बल्लियों का लगाया है। किसान इन बल्लियों का सहारा लेते हुए अपने खेतों में जाते हैं। इसके अलावा छात्र-छात्राएं भी कई किमी दूर से जाने की जगह उन्हीं बल्लियों से होकर स्कूल-कॉलेज में जाते हैं। इस दौरान नदी पार करते हुए कई बार हादसे में लोगों की जान भी जा चुकी है।
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ग्रामीणों ने नदी पर खुद बनाया हुआ है बल्लियों का पुल
खेतों पर जाने के लिए ग्रामीणों ने नदी पर खुद बल्लियों का पुल तैयार किया है। लोगों का कहना है कि गांव से चार किमी रंछाड़ और छह किमी दूर बरनावा में नदी पर पुल है। पुल दूर अधिक होनेे के कारण किसानों ने बल्लियों का पुल तैयार कर अपनी खेती कर रहे हैं।
मजबूरी में बल्लियों के पुल का सहारा लेना पड़ रहा
दोघट। बल्लियों से नदी पार करने के दौरान कई बार हादसे हो चुके हैं। गांव के कई लोगों और छात्र-छात्राएं नदी में गिर चुके हैं। इसके बाद भी मजबूरी में बल्लियों के पुल का सहारा लेना पड़ता है।
पप्पू मुखिया ने बताया कि नदी पर पुल का निर्माण होने से गांव के किसानों और छात्रों को काफी सहूलियत मिलेगी। नदी पर जल्द से जल्द पुल का निर्माण होना चाहिए। सुखपाल ने बताया कि बल्लियों से नदी पार करने के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार पुल का निर्माण कराने की मांग की जा चुकी है, मगर समाधान नहीं हुआ। प्रेम सिंह का कहना है कि नदी पर पुल का निर्माण होने से गांव के अलावा और भी कई गांव के लोगों को फायदा होगा। किसानों को भी खेती करने में सहूलियत मिलेगी। ग्राम प्रधान मंजू देवी ने बताया कि कई बार प्रशासनिक अधिकारी और जन प्रतिनिधियों से नदी पर पुल बनवाने की मांग की जा चुकी है। पुल निर्माण का आश्वासन तो कई बार मिला, मगर समाधान नहीं हुआ।

बल्लियों के पुल पर रातभर लटका रहा था किसान
आठ माह पहले रहतना गांव का किसान नकली सिंह खेत में काम कर घर वापस लौट रहा था। तभी कृष्णा नदी पर बनाए गए बल्लियों के पुल पर पैर फिसलने से किसान गिर गया, लेकिन उसका एक पैर बल्ली में फंस गया और वह पूरी रात लटका रहा। जिसे सुबह होने पर किसानों ने उसे नीचे उतारा और उपचार कराया। किसान नकली सिंह ने बताया कि इस हादसे में उसके पैर की हड्डी टूट गई थी। इसके अलावा पिछले साल बीरे भी नदी में गिर गया था, लेकिन वह शोर मचाने पर अन्य किसानों ने बचा लिया था।

अरे भाई जरा संभलकर: दोघट के रहतना गांव स्थित कृष्ण नदी पर बने बल्ली के पुल से जान जोखिम में डालकर ग?

अरे भाई जरा संभलकर: दोघट के रहतना गांव स्थित कृष्ण नदी पर बने बल्ली के पुल से जान जोखिम में डालकर ग?- फोटो : BAGHPAT

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