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Baghpat News: हीट वेब के मरीजों के लिए जिला अस्पताल और प्रत्येक सीएचसी पर बेड आरक्षित

Tue, 20 Jun 2023 09:35 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Tue, 20 Jun 2023 09:35 PM IST
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Bed reserved at district hospital and each CHC for heat web patients
- जिला अस्पताल में 20 और प्रत्येक सीएचसी पर पांच-पांच बेड के वार्ड आरक्षित किए गए
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- हीट वेव रैपिड रेस्पोंस टीम का गठन, टीम अपने-अपने क्षेत्रों में करेगी भ्रमण
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। हीट वेव के मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। मरीजों के लिए जिला संयुक्त अस्पताल में 20 बेड और सभी सीएचसी पर पांच-पांच बेड के वार्ड बनाए गए हैं। इसके अलावा अस्पताल में पेयजल, कूलर, पंखों की व्यवस्था कर मुख्य द्वार पर व्हीलचेयर, स्ट्रेचर की व्यवस्था कराई गई है। विभाग द्वारा हीट वेव रैपिड रेस्पोंस टीम का गठन किया गया है।
तेज धूप और गर्मी से डिहाइड्रेशन, फूड प्वाइजनिंग, उल्टी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिनका सामान्य वार्ड में उपचार किया जा रहा है। ओपीडी में बुखार, डायरिया के रोजाना दो सौ से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। जिन मरीजों की हालत ज्यादा खराब है, उनको अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराया जा रहा है। लोगों को गर्मी से बचाव की सलाह दी जा रही है।
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वहीं जिला अस्पताल में लू लगने से बीमार होने वालों के इलाज के लिए 20 बेड का वार्ड बनाया गया है। वार्ड में दो चिकित्सक, वार्ड ब्वाय, स्टॉफ नर्स और सफाई कर्मचारी की तैनाती गई है। इसके अलावा जिले की सभी सीएचसी पर पांच-पांच बेड के वार्ड बनाए गए है। सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के हीट वेव का मरीज आने पर बर्फ और ठंडे पानी की व्यवस्था करा ली गई है।
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सभी अप मुख्य चिकित्साधिकारी, उप मुख्य चिकित्साधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर हीट वेव रैपिड रेस्पोंस टीम का गठन किया गया है। टीम में जिला सर्विलांस अधिकारी, पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ, मलेरिया निरीक्षक, फार्मासिस्ट और एपिडेमियोलोगिस्ट को शामिल किया गया है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार वार्ड में ओआरएस, पैरासीटामोल, बी कॉम्पलेक्स, नोरफ्लॉक्स, ओ-फ्लॉक्स सहित अन्य दवाइयां अस्पताल और सीएचसी पर उपलब्ध करा दी गईं हैं।

अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों को गर्मी को देखते हुए बीमारी से बचने के लिए नींबू, चीनी और नमक का घोल पीने की सलाह दी जा रही है। चिकित्साधिकारियों को कूलर आदि की कमी होने पर रोगी कल्याण धनराशि से व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
- लू लगने के लक्षण
- सिर में भारीपन और दर्द
- तेज बुखार के साथ मुंह सूखना
- चक्कर और उल्टी आना
- शरीर का तापमान बढ़ने के बावजूद पसीना न आना
- अधिक प्यास लगना और पेशाब कम आना

- भूख न लगना और बेहोश होना
--- ऐसे करें बचाव
- धूप में निकलने से पहले सिर को कपड़े से अच्छी तरह से ढकें
- पानी अधिक मात्रा में पिएं और अधिक समय तक धूप में न रहें
- गर्मी में मुलायम सूती कपड़े पहनें
- अधिक पसीना आने पर ओआरएस का घोल पिएं
- ठंडा पानी, फल का रस, लस्सी का सेवन अधिक करें
- धूप में बाहर जाने से बचे, नंगे पांव बाहर न जाएं
- शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड से बचें
- नमक, जीरा, प्याज का सलाद और कच्चे आम का सेवन करें
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