फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   bank news

Baghpat News: भर रही बैंकों की तिजोरी...खाली होने लगी जीएसटी की कटोरी

Wed, 23 Jul 2025 01:10 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jul 2025 01:10 AM IST
विज्ञापन
bank news
बागपत। जिले में हर साल बैंकों की तिजोरी भर रही है लेकिन ऋण वितरण कम हो रहा है। बैंकों में वर्ष 2024-25 में जहां 9220.75 करोड़ रुपये जमा हुए तो वहीं 4536.99 करोड़ की राशि निकाली गई। इससे ऋण जमा अनुपात 49.2 प्रतिशत रहा, जबकि 60 प्रतिशत होना चाहिए। साफ है कि बैंकों से आसानी से ऋण नहीं मिलता या फिर बागपत के लोग इतने धनी हैं, जो रुपये जमा कराते हैं मगर ऋण नहीं लेते। वहीं जीएसटी से मिलने वाली राशि में भी गिरावट दर्ज की गई है।
विज्ञापन


जिला अर्थ संख्याधिकारी महेंद्र सिंह ने अधिकारियों को प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से संबंधित बैठक का कार्यवृत्त भेजकर बैंकों के ऋण जमा अनुपात की जानकारी दी। वर्ष 2022-23 बागपत में स्थित बैंकों में 6623 करोड़ रुपये जमा हुए, जिसके सापेक्ष 2956 करोड़ की राशि निकाली गई। वर्ष 2023-24 में 8510.26 रुपये जमा हुए, जिसके सापेक्ष 4202.43 करोड़ की राशि निकाली गई। वर्ष 2024-25 में जहां 9220.75 करोड़ रुपये जमा हुए तो वहीं 4536.99 करोड़ की राशि निकाली गई। इससे लगता है कि बैंक बागपत में जमा हुई राशि को दूसरे जिलों या राज्यों में ऋण बांटते हैं। इसकी बानगी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना है, जिसमें 2024-25 में एक हजार युवाओं के सापेक्ष केवल 11 युवाओं को ही ऋण मिला।
विज्ञापन


मेन्युफैक्चरिंग और स्टील सेक्टर में जीएसटी को झटका
बागपत में मेन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जीएसटी से वर्ष 2022-23 में 19.25 करोड रुपये, वर्ष 2023-24 में 17.93 कराेड़ रुपये तथा वर्ष 2024-25 में 12.74 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई। स्टील तथा सीमेंट की बिक्री से प्राप्त जीएसटी में भी गिरावट दर्ज की गई। स्टील बिक्री से वर्ष 2024-25 में 48.66 लाख रुपये प्राप्त हुए, जिसमें पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 18.56 प्रतिशत की गिरावट आई है। सीमेंट की बिक्री से वर्ष 2024-25 में 1.32 करोड़ रुपये मिले जिसमें पिछले साल के मुकाबले 37.68 लाख रुपये की गिरावट दर्ज की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
औद्योगिक क्षेत्र से टूट रही उम्मीद
जिला उपायुक्त उद्योग ने डीएसटीओ को भेजी रिपोर्ट में कहा कि जमीन नहीं मिलने से औद्योगिक इकाइयां नहीं लग पा रही हैं। दरअसल जनवरी 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 140 निवेशकों ने बागपत में 18156 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश के लिए एमओयू साइन किए थे। इस तरह धड़ाधड़ आए निवेश के प्रस्तावों से लोगों को औद्योगिक विकास की उम्मीद जगी। अब यह उम्मीद टूटने लगी। केवल 53 निवेशकों ने 2509 करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश किया है। औद्योगिक इकाइयां नहीं लगने से राजस्व नहीं बढ़ रहा है।

----
प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी को लेकर हर तीन माह में समीक्षा होती है। इसके लिए बैंकों तथा अन्य विभागों से आय का ब्योरा प्राप्त कर रिपोर्ट तैयार की गई ताकि ज्यादा आय प्राप्त करने के लिए कार्य हो सके।
-महेंद्र सिंह, जिला अर्थ एंव सांख्यिकी अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed