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Baghpat News: लंपी से बचाव के लिए पशुपैठ पर रोक, बार्डर पर चेकिंग शुरू
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-गोवंशों में होने वाली लंपी की बीमारी को लेकर पशुपालन विभाग अलर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। गोवंशों में होने वाली लंपी बीमारी से बचाव के लिए प्रशासन ने पशु पैंठ पर रोक लगा दी और बॉर्डर पर पशुओं के आवागमन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके चलते बॉर्डर पर चेकिंग चलाने के आदेश दिये गए।
गोवंशों में होने वाली लंपी बीमारी को लेकर पशुपालन विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। इसमें पशुपालन विभाग की टीमें गांवों में जाकर बीमार गोवंशों की जांच कर रही हैं। हालांकि अभी तक जिले में लंपी स्किन बीमार का कोई मामला सामने नहीं आया। इसके चलते जिले में बड़ौत समेत अन्य जगहों पर लगने वाली पशुपैठ पर भी रोक लगा दी गई है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. रमेश चंद्रा का कहना है कि जिले में सभी अधिकांश गोवंशों को लंपी से बचाव के लिए टीकाकरण कर दिया गया है। वहीं बाहर से पशुओं के आने पर रोक लगा दी गई है। इससे दूसरे राज्यों से भी पशु नहीं लाये जा सकेंगे।
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बीमार पशु को अलग रखें
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. रमेश चंद्रा ने बताया कि लंपी से बचाव के लिए बीमार गोवंश को बाहर चराने के लिए न लेकर जाएं और दूसरे पशुओं से अलग रखें। इसके अलावा मच्छर और मक्खी रोधी दवा का छिड़काव करें, पशुओं के पास नीम और गूगल की पत्तियों का धुआं करें। बीमारी होने पर पशु चिकित्सक से संपर्क करें। पशुओं के बाड़े को साफ सुथरा रखें। पशुओं को फिटकरी से दिन में दो बार नहलाएं और लक्षण दिखने पर बुखार की दवा दें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। गोवंशों में होने वाली लंपी बीमारी से बचाव के लिए प्रशासन ने पशु पैंठ पर रोक लगा दी और बॉर्डर पर पशुओं के आवागमन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके चलते बॉर्डर पर चेकिंग चलाने के आदेश दिये गए।
गोवंशों में होने वाली लंपी बीमारी को लेकर पशुपालन विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। इसमें पशुपालन विभाग की टीमें गांवों में जाकर बीमार गोवंशों की जांच कर रही हैं। हालांकि अभी तक जिले में लंपी स्किन बीमार का कोई मामला सामने नहीं आया। इसके चलते जिले में बड़ौत समेत अन्य जगहों पर लगने वाली पशुपैठ पर भी रोक लगा दी गई है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. रमेश चंद्रा का कहना है कि जिले में सभी अधिकांश गोवंशों को लंपी से बचाव के लिए टीकाकरण कर दिया गया है। वहीं बाहर से पशुओं के आने पर रोक लगा दी गई है। इससे दूसरे राज्यों से भी पशु नहीं लाये जा सकेंगे।
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बीमार पशु को अलग रखें
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. रमेश चंद्रा ने बताया कि लंपी से बचाव के लिए बीमार गोवंश को बाहर चराने के लिए न लेकर जाएं और दूसरे पशुओं से अलग रखें। इसके अलावा मच्छर और मक्खी रोधी दवा का छिड़काव करें, पशुओं के पास नीम और गूगल की पत्तियों का धुआं करें। बीमारी होने पर पशु चिकित्सक से संपर्क करें। पशुओं के बाड़े को साफ सुथरा रखें। पशुओं को फिटकरी से दिन में दो बार नहलाएं और लक्षण दिखने पर बुखार की दवा दें।
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